LPG Price April Trend: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर की सप्लाई पर भले ही सरकार कह रही हो कि कोई संकट नहीं है, लेकिन पैनिक बाइंग के चलते एजेंसियों पर लंबी कतारें अब आम हैं। जहां तक एलपीजी सिलेंडर के रेट की बात है तो 7 मार्च यानी ईरान-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद भारत में कमर्शियल सिलेंडर के रेट 115 रुपये और घरेलू एलपीजी सिलेंडर में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। 1 अप्रैल को एक बार फिर एलपीजी सिलेंडर के रेट अपडेट होने वाले हैं। आइए 2020 से 2025 तक के अप्रैल ट्रेंड को समझते हैं, लेकिन उससे पहले जान लें कि देश के बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर के आज के रेट क्या हैं…
नई दिल्ली: घरेलू ₹913 | कमर्शियल ₹1,884.50
मुंबई: घरेलू ₹912.50 | कमर्शियल ₹1,836
कोलकाता: घरेलू ₹939 | कमर्शियल ₹1,988.50
चेन्नई: घरेलू ₹928.50 | कमर्शियल ₹2,043.50
हैदराबाद: घरेलू ₹965 | कमर्शियल ₹2,105.50
लखनऊ: घरेलू ₹950.50 | कमर्शियल ₹2,007
बेंगलुरु: घरेलू ₹915.50 | कमर्शियल ₹1,958
पटना: घरेलू ₹1,002.50 | कमर्शियल ₹2,133.50
स्रोत: इंडियन ऑयल
सबसे पहले बात घरेलू एलपीजी सिलेंडर की। पिछले 5 सालों में 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के रेट केवल 3 बाद बदले। इंडियन ऑयल के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में घरेलू एलपीजी के भाव में बदलाव अगस्त 2024 के बाद 8 अप्रैल 2025 को हुआ और 50 रुपये महंगा हो गया। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 803 रुपये से 853 रुपये का हो गया।
साल 2021 में घरेलू सिलेंडर दिल्ली में 10 रुपये सस्ता होकर 819 रुपये का हो गया। जबकि, 2020 में 62 रुपये की राहत मिली। दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 806 रुपये से घटकर 744 रुपये पर आ गया।
कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो 2020 से 2025 तक लगभग हर बदला है। उपभोक्ताओं को कभी राहत तो कभी झटका मिला है। 1 मार्च 2025 की तुलना में 1 अप्रैल 2025 को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर 41 रुपये सस्ता हो गया। दिल्ली में इसकी कीमत 1803 रुपये से घटकर 1762 रुपये पर आ गई।
ऐसे ही 1 अप्रैल 2024 को सिलेंडर के दाम में 31 रुपये की कमी की गई। दिल्ली में 1 अप्रैल 2024 को कमर्शियल सिलेंडर 1765 रुपये का रह गया। साल 2023 का अप्रैल भी कमर्शियल सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया और दिल्ली में कीमत 92 रुपये घटकर 2028 पर आ गई। 1 मार्च 2023 को यह सिलेंडर दिल्ली में 2119.50 रुपये का था।
2022 में कमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा था। 1 मार्च 2022 की तुलना में 1 अप्रैल 2022 को कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 241 रुपये की तेजी आई। यह वह साल था, जब रूस-युक्रेन युद्ध चल रहा था और कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर थीं। इससे पहले 2021 के अप्रैल में कमर्शियल सिलेंडर 27 रुपये महंगा हुआ था। दिल्ली में इसकी कीमत थी 1641 रुपये। 2020 के अप्रैल में 96 रुपये की राहत मिली थी, जब 1 अप्रैल 2020 को दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी के दाम 1381.50 रुपये से घटकर 1285.50 रुपये पर आ गए थे।
मौजूदा हालात को देखते हुए इस बार राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी बनी हुई है। दुनिया के कई देशों में पहले ही ईंधन महंगा हो चुका है। ऐसे में 1 अप्रैल 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को अगर झटका लगता है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हालांकि, ट्रेंड को देखें तो एलपीजी की कीमतों के लिए कभी खट्टा तो कभी मीठा रहा है।
मार्च 2026 के दौरान दुनिया भर में LPG (रसोई गैस) की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। globalpetrolprices.com के 2 मार्च और 23 मार्च के आंकड़ों की तुलना करने पर साफ दिखता है कि कई देशों में गैस महंगी हुई है और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। भारत में इस अवधि के दौरान LPG की कीमत ₹59.90 प्रति लीटर से बढ़कर ₹66.73 प्रति लीटर पहुंच गई, यानी करीब ₹6.83 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो प्रतिशत के हिसाब से लगभग 11 से 12 फीसदी है।
ग्लोबल लेवल पर देखा जाए तो तेल उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब और अल्जीरिया में LPG अभी भी काफी सस्ती बनी हुई है, जबकि एशिया और यूरोप के कई देशों में कीमतें ₹60 से ₹70 प्रति लीटर या उससे ऊपर पहुंच चुकी हैं। फिलीपींस, तुर्की और चिली जैसे देशों में भी मार्च के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तुलना में भारत अब उन देशों की श्रेणी में आ गया है जहां LPG की कीमतें मध्यम स्तर पर हैं।
LPG के दाम तय होने के पीछे कई अहम फैक्टर काम करते हैं। सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तय होने वाले सऊदी अरामको के कांट्रैक्ट प्राइस का होता है, जिसे ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी LPG को सीधे प्रभावित करता है। अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है तो LPG भी महंगी हो जाती है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि भारत LPG का बड़ा हिस्सा आयात करता है और भुगतान डॉलर में होता है।
इसके अलावा सरकार की सब्सिडी, टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन लागत भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। अगर सब्सिडी कम होती है या हटाई जाती है तो उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। कुल मिलाकर मार्च 2026 में LPG की कीमतों में आई तेजी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में भी अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहा तो गैस के दाम और बढ़ सकते हैं।
दृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में ‘कुछ अलग’ पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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