PM Modi inaugurates Noida International Airport: भारत विकास की नई उड़ान के लिए तैयार है. ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ तक उड़ान भरी. पहले फेज में 10 से 12 बड़े-बड़े शहरों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी है. फिर पूरी दुनिया में इसका विस्तार होगा.
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Noida International Airport Jewar highlights: भारत विकास की नई उड़ान के लिए तैयार है. शनिवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ तक उड़ान भरी. पहले फेज में 10 से 12 बड़े-बड़े शहरों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी है. फिर पूरी दुनिया में इसका विस्तार होगा. एयरपोर्ट का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये विकसित यूपी और विकसित भारत के अभियान में एक नया अध्याय है. आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट किस तरह आर्थिक मोर्चे पर गेमचेंजर साबित होने वाला है.
विकास का प्रतीक
ब्रिटेन के प्रसिद्ध हाईटेक डिजाइनर नॉर्मन फोस्टर ने कहा है कि ‘हवाई अड्डे किसी देश का चेहरा होते हैं और वे विकास के प्रतीक हैं’. विकास को नया आयाम देने के लिए ही जेवर एयरपोर्ट बन रहा है. अभी इसका एक हिस्सा बना है. जब ये पूरा बनकर तैयार हो जाएगा तो एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट वाराणसी से दिल्ली हाई-स्पीड रेल, मेट्रो और एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली, नोएडा और आगरा से यहां पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा. यह सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और कार्गो गेटवे भी बनेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के व्यापार और निर्यात को वैश्विक पहचान मिलेगी.
भारत का सबसे बड़ा कार्गो हब
एविएशन, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, IT और ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में 1 लाख से अधिक नौकरियां मिलेंगी. रियल स्टेट का बड़ा बाजार पहले से खड़ा हो चुका है. बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधाएं जो पहले शहर तक सीमित थीं, गांवों तक पहुंच गई हैं. आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत का सबसे बड़ा कार्गो हब बनेगा. इससे आगरा का पेठा, मेरठ के खेल का सामान और मुरादाबाद का पीतल सीधे विदेशों में एक्सपोर्ट हो सकेगा. बड़ी कंपनियां अपनी फैक्ट्रियां यहीं लगा रही हैं क्योंकि यहां से माल विदेश भेजना आसान होगा. मथुरा, वृंदावन और आगरा जाने वाले पर्यटकों के लिए जेवर एयरपोर्ट सबसे नजदीक होगा, जिससे पश्चिमी यूपी के पर्यटन उद्योग में भारी बढोतरी होगी.
जेवर एयरपोर्ट के पूरी तरह एक्टिव हो जाने के बाद ये दिल्ली-एनसीआर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा. यहां पर एयरपोर्ट के साथ-साथ फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स हब और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाएं विकसित हो रही हैं, जिससे ये क्षेत्र एक वैश्विक बिजनेस हब बनेगा.
फरवरी 2026 में जब योगी आदित्यनाथ सिंगापुर गए थे तब उन्होंने वहां पर एविएशन और कार्गो हब बनाने का MoU साइन किया था. इसके तहत जेवर एयरपोर्ट पर साढ़े 4 हजार करोड़ रूपये से एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कार्गो कैंपस और विश्व स्तरीय एयर कैटरिंग किचन विकसित किया जाएगा. इसके अलावा यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ 35 सौ करोड़ रूपये की लागत से जेवर एयरपोर्ट के पास 100 एकड़ में एक इंटरनेशनल थीम-बेस्ड टाउनशिप विकसित करने पर सहमति बनी थी.
दूरगामी फैसला
जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ में एक जापानी औद्योगिक शहर बसाने का प्रस्ताव रखा गया है. जेवर एयरपोर्ट भारत को दुनिया की फैक्ट्री बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह केवल यात्रियों को नहीं ले जाएगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को ‘टेक-ऑफ’ कराएगा. जेवर एयरपोर्ट की पहचान ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में होने वाली है.
आंकड़े गवाह हैं कि चीन के चोंगकिंग एयरपोर्ट के विस्तार के बाद वहां के फाइनेंसियल सर्विसेज का जीडीपी में योगदान 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया. दूसरा उदाहरण दुबई का है. जहां पर सरकार ने तेल पर निर्भरता कम करने के लिए एयरपोर्ट को आर्थिक इंजन बनाया. 2023 के आंकड़ों के अनुसार, विमानन क्षेत्र दुबई की कुल जीडीपी में 27 प्रतिशत का योगदान देता है. तीसरा उदाहरण सिंगापुर का है. जहां चांगी एयरपोर्ट सिंगापुर की जीडीपी में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देता है.
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि जेवर एयरपोर्ट भी उत्तर प्रदेश और देश के लिए वही काम करेगा जो दुबई एयरपोर्ट ने दुबई के लिए किया. ये न केवल यात्रियों के लिए होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. केंद्र सरकार ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का जो लक्ष्य रखा है. उसमें जेवर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
भारत इस समय दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट है. भारत किस तरह एविएशन मार्केट में अपनी ताकत बढ़ा रहा है.
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देश में इस समय 164 एयरपोर्ट हैं.
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जहां 2024 में 41 करोड़ से अधिक यात्रियों ने यात्रा की.
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नवंबर 2031 तक ये आंकड़ा साढ़े 66 करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान हैं.
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देश का एविएशन मार्केट 1380 करोड़ रूपये का है. जो 2031 तक 12 प्रतिशत और अधिक बढ़ जाएगा.
दुनिया का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट
देश में इस समय 164 एयरपोर्ट हैं.
जहां 2024 में 41 करोड़ से अधिक यात्रियों ने यात्रा की.
नवंबर 2031 तक ये आंकड़ा साढ़े 66 करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान हैं.
देश का एविएशन मार्केट 1380 करोड़ रूपये का है. जो 2031 तक 12 प्रतिशत और अधिक बढ़ जाएगा.
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट है. जहां एक महीने में 88 लाख यात्रियों ने यात्रा की. यह एयरपोर्ट जिस दुबई का आर्थिक स्तंभ है, वहां 2032 में एक नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है. जो दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पांच गुना ज्यादा बड़ा होगा.
अब अंदाजा लगा सकते हैं कि एयरपोर्ट किस तरह किसी देश के विकास को नया आयाम दे रहा है. दुबई ने एयरपोर्ट से अपनी तकदीर बदली है. अब बारी जेवर की है. जिसे ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक भविष्य का प्रवेश-द्वार कहा जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के पूरी तरह चालू होने के बाद, ये भारत को दुनिया के शीर्ष 2-3 विमानन बाजारों में मजबूती से स्थापित कर देगा.
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श्वेतांक रत्नाम्बर पत्रकारिता जगत में 21 साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं. देश-दुनिया की ख़बरों को आसान भाषा में बताने में महारत रखने वाले श्वेतांक को राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ है…और पढ़ें
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