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मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ने शनिवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (IGoM) की पहली बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक का मकसद मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर रखना और भारत पर उसके असर से निपटने के लिए कदम तय करना था.
बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, उपभोक्ता मामले मंत्री प्रहलाद जोशी, नागरिक उद्योग मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए.
बैठक में मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति और उसके भारत के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई. सात सचिवों के अधिकार-प्राप्त समूह (EGoS) ने अलग-अलग सेक्टर से जुड़े मुद्दों और अब तक उठाए गए कदमों पर प्रेजेंटेशन दिया.
A meeting of an IGoM (Informal Group of Ministers) constituting several senior ministers was held today to review the risks to energy supplies, domestic availability of essential commodities, critical infrastructure resilience and robustness of India’s supply chains in the wake… pic.twitter.com/olF6ragjCE
रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए मध्यम और दीर्घकालिक तैयारी अपनाने की जरूरत है. उन्होंने सभी मंत्रालयों को सतर्क रहने, आपसी तालमेल बनाए रखने और तेजी से फैसले लेने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि सभी नीतिगत कदम समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं.
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राज्यों और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. आम जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया कि वे MIB व्हाट्सएप चैनल के जरिए नियमित अपडेट साझा करें.
सरकार ने यह भी साफ किया कि अफवाहों, गलत जानकारी और फेक न्यूज पर सख्ती से नजर रखी जाएगी और सही सूचना समय पर लोगों तक पहुंचाई जाएगी.
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