Balrampur News: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थाना क्षेत्र में न्याय की उम्मीद में बैठी एक दुष्कर्म पीड़िता को दबंगों ने इस कदर मानसिक रूप से तोड़ा कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। आरोपी पक्ष द्वारा न केवल पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी, बल्कि उसकी अन्य बहनों के साथ भी सामूहिक दुष्कर्म करने का खौफ पैदा किया गया। इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से हारकर किशोरी ने आत्मदाह कर लिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मामले की शुरुआत 23 फरवरी को हुई थी, जब गांव के ही अदनान नामक युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। 24 फरवरी को पुलिस ने अदनान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। लेकिन, न्याय की यह प्रक्रिया आरोपी के परिवार को नागवार गुजरी। मृतका की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जेल से बाहर आने के बाद अदनान और उसके परिजनों ने पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब वह नहीं मानी, तो उसे और उसके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी जाने लगी।
सबसे खौफनाक मोड़ तब आया जब आरोपियों ने पीड़िता की छोटी बहनों को अपना निशाना बनाने की धमकी दी। उन्होंने सरेआम कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया गया, तो बाकी बहनों का भी वही हाल करेंगे जो बड़ी बहन का किया था। अपनी बहनों की आबरू पर मंडराते खतरे और लगातार मिल रही धमकियों से किशोरी इतनी विचलित हो गई कि उसने 1 मार्च को खुद पर तेल छिड़ककर आग लगा ली। उसे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 मार्च को उसकी सांसें थम गईं।
तुलसीपुर थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने नचौरा लक्ष्मीनगर निवासी अदनान के पिता इस्लाम, कैसर जहां, रियाज और इस्लाम की पत्नी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। लखनऊ के हजरतगंज थाने से प्राप्त सूचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, घटना के बाद से ही आरोपी परिवार घर छोड़कर फरार है, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और गवाहों के संरक्षण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को देख रहे हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं। पत्रकारिता में 25 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। सिटी टीम का नेतृत्व भी किया। बीकॉम में ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर रिपोर्टिंग भी की है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।
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