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ईरान बोला- अमेरिका की शर्तें जरूरत से ज्यादा और गलत
हाइफा की तेल रिफाइनरियों को नहीं पहुंचा नुकसान
ईरान बोला- यूक्रेन संघर्ष को ईरान युद्ध से जोड़ना गलत
Middle East Conflict: ईरान ने US और इज़रायल के प्रस्तावों को बताया अवास्तविक
West Asia Conflict: हमलावरों को सज़ा देगा ईरान: रक्षा मंत्री
Iran War: IRGC ने नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत की पुष्टि की
Middle East Conflict: इराक के एयर बेस पर रॉकेट हमला
Middle East Tension: इराक के एयर बेस पर रॉकेट से हमला
इजरायल ने लेबनान की संप्रभुता पर उठाए सवाल
Middle East Crisis: ईरानी हमलों की वीडियो बनाने वाले विदेशी नागरिकों पर यूएई में सख्ती
Israel Iran War: इज़रायल ने एलबिट सिस्टम्स से तोप के गोले खरीदने के लिए $48 मिलियन का सौदा किया
Iran attack on Kuwait: कुवैत में बड़ा खतरा टला, नेशनल गार्ड ने 5 ड्रोन मार गिराए
US-Iran War: हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल में रॉकेट और ड्रोन दागे
Middle East Conflict: ईरान ने जारी किया AI वीडियो… इजरायल की तरफ मिसाइल हमलों की ‘नई लहर’
Middle East war: ईरान के कई ऐसे टार्गेट नष्ट, लंबे वक्त से थी तलाश: ट्रंप
Iran War: ईरान से यूरेनियम निकालने के मिशन के बारे में सोच रहे ट्रंप
US-Iran War: ‘खार्ग द्वीप’ को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा
Iran-US War: कुवैत में ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत
Israel-Iran-US War: दक्षिणी लेबनान में हमले तेज करेगा इजरायल
Iran-US War Updates: धमाके में शांति रक्षक की मौत, एक घायल
Iran-Israel Live: दक्षिणी लेबनान में इजरायली जवान की मौत
Israel-Iran War Live: ब्रिटेन ने इजरायल को दी चेतावनी
US-Iran Live Updates: हूती विद्रोहियों के जवाब देने की तैयारी में अमेरिका-इजरायल
यरूशलेम और वेस्ट बैंक में दिखे प्रोजेक्टाइल्स
ईरान के खोंडाब प्लांट को भारी नुकसान
US-Iran War Updates: ईरानी विदेश मंत्रायल की अमेरिकी प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया
Iran-US Live: लेबनान सीमा पर दिखीं इजरायली गाड़ियां
Iran-US War: पाकिस्तान कराएगा ईरान-अमेरिका की मध्यस्थता
US-Israel-Iran War LIVE: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग को 31 दिन हो गए हैं. सीजफायर के लिए अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ऐलान किया है कि दोनों देश बातचीत के लिए तैयार हैं. डार ने ये भी बताया कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच वार्ता कराने जा रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘हमने क्षेत्र में युद्ध को जल्द और स्थायी रूप से खत्म करने के मुमकिन तरीकों पर बातचीत की. हम इस बात पर सहमत हुए कि ये युद्ध किसी के पक्ष में नहीं है और इससे सिर्फ मौतें और विनाश ही होगा. इस चुनौती से भरे समय में मुस्लिम उम्माह की एकता बहुत जरूरी है.’
एक तरफ पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता कराने के दावे कर रहा है. दूसरी तरफ, तेहरान में हमले जारी हैं और बुनियादी ढांचे पर हमलों के बाद कुछ हिस्सों में बिजली काट दी गई है.
ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में, हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. जो बातें सामने आई हैं, वे मध्यस्थों- जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है की ओर से आए संदेश हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि अमेरिका बात करना चाहता है.
उन्होंने आगे कहा कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी पक्ष से हमें जो बातें बताई गई हैं, वे अत्यधिक और अनुचित मांगें हैं.
इजरायल के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हाइफा की तेल रिफाइनरियों में उत्पादन सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं, ईंधन आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी.
ईरान ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध से जोड़ना एक ‘विनाशकारी गलत आकलन’ है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका और इज़रायल की ओर से तेहरान को भेजे गए प्रस्ताव ज़्यादातर ‘अवास्तविक, अनुचित और हद से ज़्यादा’ थे. बगाई ने आगे कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने कहा, “अब तक बातचीत सिर्फ मध्यस्थों के ज़रिए हुई है.”
राज्य समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री, ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद इब्न-ए-रज़ा ने अपने तुर्की समकक्ष यासर गुलर से कहा कि तेहरान ‘हमलावरों को सज़ा देना, प्रतिरोध पैदा करना और यह सुनिश्चित करना जारी रखेगा जिससे युद्ध दोबारा न हो.
SNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत की पुष्टि की है. तंगसिरी IRGC नौसेना के प्रमुख थे. वे ईरान की समुद्री रणनीति में विशेष रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट में एक बड़ी हस्ती थे.
अलीरेज़ा की मौत मौजूदा संघर्ष में एक अहम घटना है, क्योंकि उन्हें ईरान के नौसैनिक अभियानों और क्षेत्रीय स्थिति के लिए केंद्रीय माना जाता था. अमेरिका और इज़रायल के साथ बढ़ती शत्रुता के बीच, ईरान के सैन्य अभियान पर इस नुकसान का असर पड़ सकता है.
इराक के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मोहम्मद अला एयर बेस पर रॉकेट से हमला किया गया, जिससे वहां तैनात विमान नष्ट हो गए. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.
यह घटना क्षेत्रीय संघर्ष के लगातार फैलने को दर्शाती है. ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच तनाव बढ़ने के साथ-साथ पूरे मिडिल ईस्ट में सैन्य ठिकानों पर हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.
इराक के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बगदाद एयरपोर्ट के पास स्थित शहीद मोहम्मद अल्ला एयर बेस पर रॉकेट से हमला हुआ. इस हमले में इराकी वायुसेना का एक विमान (Antonov-132) पूरी तरह नष्ट हो गया. हालांकि, इस घटना में किसी की मौत या चोट नहीं लगी.
इनपुट: रॉयटर्स
इजरायल ने साफ कर दिया है कि लेबनान को तब तक आजादी नहीं मिल सकती जब तक वह ईरान और हिज्बुल्लाह से दूरी नहीं बनाता है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – लेबनान अगर हिजबुल्लाह-ईरान से पीछा नहीं छुड़ाएगा, तब तक आजाद नहीं हो सकता: इजरायल का खुला ऐलान
खबरों के मुताबिक, UAE के अधिकारियों ने ईरानी हमलों की वीडियो बनाने के आरोप में दर्जनों विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है और उन्हें कड़ी सज़ा की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने बताया कि ऐसी वीडियो शेयर करने पर $260,000 से ज़्यादा का जुर्माना और 10 साल तक की जेल हो सकती है.
इज़रायल के रक्षा मंत्रालय ने एलबिट सिस्टम्स के साथ $48 मिलियन के एक समझौते का ऐलान किया है, जिसके तहत हज़ारों की तादाद में 155 mm के तोप के गोले खरीदे जाएंगे. यह सौदा ऐसे वक्त में हुआ है, जब सैन्य अभियान तेज़ हो गए हैं और इज़रायल मौजूदा संघर्ष में कई मोर्चों पर लगातार हमले कर रहा है.
यह खरीद गोला-बारूद के भंडार को फिर से भरने और सैन्य अभियानों की स्पीड बनाए रखने की कोशिशों की तरफ इशारा है. तोपखाना रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों तरह की रणनीतियों में अहम भूमिका निभाता है, खासकर ऐसे वक्त में जब ईरान और उसके सहयोगियों के साथ तनाव लगातार बढ़ रहा है.
कुवैत ने बताया है कि ईरान ने उन पर जोरदार हमला किया है. पांच ड्रोन को हवा में नष्ट कर दिया गया. ईरान के बड़े हमले को नाकाम कर दिया गया.
इनपुट: रॉयटर्स
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान बातचीत कर रहे हैं और ईरान का नया नेतृत्व ‘बहुत समझदार’ नजर आ रहा है. उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब पाकिस्तान ने आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच “सार्थक वार्ता” की मेजबानी करने की तत्परता जताई है. हालांकि, इसमें भागीदारी अभी तक सुनिश्चित नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि समझौता जल्द ही हो सकता है, लेकिन उन्होंने इसके फेल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनानी सशस्त्र समूह हिज़्बुल्लाह ने सोमवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने इज़राइल पर दो अलग-अलग हमलों में डोवेव गांव और ग़जार में एक जगह पर रॉकेट दागे.
समूह के मुताबिक, ये हमले स्थानीय समय के अनुसार सुबह 2 बजे और 2:50 बजे हुए. उसने यह भी दावा किया कि उसने सुबह 3:50 बजे पश्चिमी गैलिली में शुमीरा बैरक पर ड्रोन हमला किया.
ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने एक AI-जनरेटेड वीडियो जारी किया है, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर ‘मिसाइल हमलों की एक नई लहर की शुरुआत’ को दिखाया गया है. इस क्लिप में एक नकली सैन्य कमांड मीटिंग दिखाई गई है, जिसके बाद शहरी इलाकों में मिसाइल लॉन्च और धमाकों का सिमुलेशन दिखाया गया है.
इस वीडियो में ईरानी सेना को अल-अक्सा मस्जिद की ओर बढ़ते हुए भी दिखाया गया है. इस वीडियो को ईरान के सूचना अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें चल रहे संघर्ष के दौरान अपनी सैन्य ताकत दिखाने और लोगों की सोच को प्रभावित करने के लिए AI-जनरेटेड विज़ुअल्स का इस्तेमाल किया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि पिछले एक दिन में अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ऐसे टार्गेट्स को नष्ट कर दिया है, जिनकी लंबे समय से तलाश थी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान से लगभग 1,000 पाउंड एनरिच्ड यूरेनियम ज़ब्त करने के लिए एक सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह मिशन काफी पेचीदा होगा और इसमें अमेरिकी सेना को ईरान के अंदर कई दिनों या उससे भी ज़्यादा समय तक रहना पड़ सकता है. अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अगर इस योजना से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सकता है, तो ट्रंप इसके लिए तैयार हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है और उसके प्रमुख निर्यात केंद्र ‘खार्ग द्वीप’ को भी अपने नियंत्रण में ले सकता है. उन्होंने ये भी बताया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले पाकिस्तानी झंडे वाले तेल टैंकरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 कर दी है, जिसे ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मंजूरी दी है.
एक ईरानी हमले में कुवैत के एक पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया. इस हमले में वहां काम करने वाले एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई है. कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोमवार तड़के ये जानकारी दी है.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियानों का और विस्तार करने का निर्देश दिया है. उत्तरी कमान से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि ये फैसला हिजबुल्ला के लगातार रॉकेट हमलों और टैंक-रोधी मिसाइल के खतरे को सीमा से दूर धकेलने के लिए लिया गया है.
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) ने जानकारी दी है कि रविवार को दक्षिणी लेबनान के अदचित अल-कुसैर गांव के पास एक धमाका हुआ. इस विस्फोट में मिशन का एक शांति रक्षक मारा गया है. UNIFIL के मुताबिक, इस घटना में एक अन्य शांति रक्षक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
22 साल के मोशे यित्जाक हाकोहेन काट्ज की शनिवार को दक्षिणी लेबनान में एक सैन्य अभियान के दौरान मौत हो गई. मोशे ने महज कुछ हफ्ते पहले ही अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया था. वो अमेरिका के कनेक्टिकट से इजरायल जाकर सेना में शामिल हुए थे. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को एक बयान जारी कर मोशे काट्ज को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि काट्ज ने मातृभूमि की रक्षा में बहादुरी से लड़ाई लड़ी.
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के मंत्री फाल्कनर ने इजरायल को सख्त हिदायत दी है. उन्होंने कहा है कि इजरायल को जंग को और ज्यादा बढ़ाने से बचना चाहिए. साथ ही, उन्होंने कहा कि इजरायल को लेबनानी क्षेत्र पर कब्जा करने की किसी भी कार्रवाई से दूर रहना चाहिए.
ईरान ने अब सीधे तौर पर क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल के ‘कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों’ के घरों को निशाना बनाने की धमकी दी है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वो अपने ठिकानों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए इन अधिकारियों के निजी ठिकानों पर हमला कर सकता है.
यमन के हूती विद्रोहियों के इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों का जवाब देने के लिए इजरायल और अमेरिका बेहद करीबी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. इसकी जानकारी इजरायली सेना के प्रवक्ता कर्नल नदव शोशानी ने दी है. बता दें कि हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं. प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देश इस हमले का मुकाबला करने और इसका करारा जवाब देने के लिए रक्षात्मक और रणनीतिक स्तर पर एक-दूसरे का पूरा सहयोग कर रहे हैं.
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण यरूशलेम और वेस्ट बैंक के आसमान में प्रोजेक्टाइल्स देखे गए. मिसाइल हमलों की आहट मिलते ही पूरे इलाके में सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. जवाब में इजरायली सेना ने भी बयान जारी कर बताया है कि वो तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. इजरायली एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि ईरान के खोंडाब स्थित संयंत्र को 27 मार्च को हुए हमले में भारी नुकसान पहुंचा है. ये प्लांट अब काम करने की स्थिति में नहीं है. पहले इस हमले के बाद रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा जताया जा रहा था. लेकिन IAEA ने साफ किया है कि खोंडाब के इस केंद्र में कोई भी घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका में हो रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ईरान के खिलाफ अपने प्रशासन के अवैध युद्ध को खत्म करने की मांग कर रही है, जो कि अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है.
बघाई ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी जनता ने हमेशा से ही अपनी सरकारों की गलत और युद्ध भड़काने वाली नीतियों का साहस के साथ विरोध किया है. ये फैसले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का उल्लंघन करते हैं, जिनका फैसला जनता और दुनिया की अंतरात्मा करेगी. ईरान की अमेरिकी जनता के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. किसी भी अमेरिकी नागरिक की जान या वहां के टैक्स का पैसा उन सनकी युद्ध अपराधियों के लिए कुर्बान नहीं किया जाना चाहिए, जो सिर्फ अपने लिए ये विनाशकारी युद्ध लड़ रहे हैं.
लेबनान सीमा पर इजरायली सैन्य वाहनों की भारी हलचल देखी गई. हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को दक्षिणी लेबनान में मौजूदा ‘सुरक्षा बफर जोन’ का और विस्तार करने के निर्देश दिए हैं. नेतन्याहू ने संकल्प लिया है कि वो वहां के सुरक्षा हालात को बुनियादी रूप से बदल देंगे. सीमा पर बढ़ती सैन्य मौजूदगी इस बात का संकेत है कि इजरायल अपनी सुरक्षा रणनीति को और सख्त करने जा रहा है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इजरायल पर हमला बोलते हुए कहा कि वो इस गलतफहमी में हैं कि बमबारी के जरिए ज्ञान या शिक्षा को खत्म किया जा सकता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के वैज्ञानिकों की हत्या, परमाणु केंद्रों पर हमले और अब विश्वविद्यालयों को निशाना बनाना इसी मानसिकता का हिस्सा है. अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये हरकतें सिर्फ उनकी हताशा को दिखाती हैं और इससे ईरान के लोगों में ज्ञान और प्रगति की राह पर बढ़ने का जज्बा और भी मजबूत होगा.
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