ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- आपकी मदद के लिए अब अमेरिका आगे नहीं आएगा – BBC

उन्होंने यह बात उन देशों के लिए कही जो ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई में शामिल होने से पीछे हट गए थे.
अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि “ब्रिटेन जैसे देश, जिन्हें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के आसपास लगी पाबंदियों की वजह से विमान के लिए ईंधन नहीं मिल पा रहा है, उन्हें थोड़ी हिम्मत जुटानी चाहिए, और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ तक जाना चाहिए और उसे ले लेना चाहिए.”
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि, “देशों को अब खुद के लिए लड़ना सीखना होगा, अमेरिका अब आपकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे आप हमारे लिए नहीं आए थे.”
उन्होंने यह बात उन देशों के लिए कही जो ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई में शामिल होने से पीछे हट गए थे.
उन्होंने आगे लिखा, “ईरान को मूल रूप से तबाह कर दिया गया है. मुश्किल काम पूरा हो चुका है,”
राष्ट्रपति ट्रंप ने आख़िर में कहा- "जाकर अपना तेल खुद ले लो."
ट्रुथ सोशल पर किए गए एक और पोस्ट में उन्होंने कहा कि, "फ़्रांस ने इसराइल के लिए सैन्य सामान ले जा रहे विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुज़रने की अनुमति नहीं दी."
“फ़्रांस ने ईरान के मामले में बिल्कुल मदद नहीं की है. जिसे सफलतापूर्वक ख़त्म कर दिया गया है.”
पोस्ट के आख़िर में अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “अमेरिका इसे याद रखेगा.”
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पाकिस्तानी बैटर फख़र ज़मान को एचबीएल पाकिस्तान सुपर लीग के दो मैचों से निलंबित कर दिया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आज यानी मंगलवार को इसकी पुष्टि की.
उन्हें खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ के लिए लागू कोड ऑफ़ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.14 के उल्लंघन के तहत लेवल-तीन अपराध का दोषी पाया गया. यह घटना रविवार, 29 मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में लाहौर कलंदर्स और करांची किंग्स के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई थी.
यह घटना मैच के आखिर में हुई, जब ऑन-फील्ड अंपायरों ने लाहौर कलंदर्स पर पांच रन की पेनल्टी लगाई और कराची किंग्स की बल्लेबाज़ी के आखिरी ओवर से पहले गेंद बदल दी गई.
ऑन-फील्ड अंपायर शाहिद सैकत, फ़ैसल ख़ान अफ़रीदी, टीवी अंपायर आसिफ़ याकूब और चौथे अंपायर तारिक़ रशीद ने ये आरोप लगाया है.
फख़र ने आरोप से इनकार किया और कोड ऑफ़ कंडक्ट के मुताबिक इस आरोप को चुनौती दी.
लेकिन सुनवाई के बाद ये फ़ैसला लिया गया है.
लाहौर कलंदर्स का अगला मुक़ाबला शुक्रवार, 3 अप्रैल को गद्दाफी स्टेडियम में मुलतान सुल्तान्स के ख़िलाफ होगा, जबकि 9 अप्रैल को कराची के नेशनल बैंक स्टेडियम में इस्लामाबाद यूनाइटेड से भिड़ंत होगी.
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इसराइल की संसद कनेसेट ने एक ऐसा क़ानून पास किया है, जिसके तहत 'आतंकी हमलों में दोषी' ठहराए गए फ़लस्तीनियों को 90 दिनों के अंदर मौत की सज़ा दे दी जाएगी.
इस्लामी देशों के संगठन ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने एक्स पर पोस्ट कर इस क़ानून की आलोचना की है.
ओआईसी ने जारी प्रेस रिलीज़ में कहा है कि, “ओआईसी के महासचिवालय ने तथाकथित इसराइली संसद द्वारा इस क़ानून को मंज़ूरी दिए जाने की कड़ी निंदा की है. ओआईसी ने इसे एक ख़तरनाक और अप्रत्याशित क़दम बताया, जो फ़लस्तीनी क़ैदियों की हत्या और राजनीतिक फांसी को वैधता देने जैसा है."
संगठन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून, विशेष रूप सेफ़ोर्थ जिनेवा कन्वेंशन और इंटरनेशनल कॉवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स का खुला उल्लंघन है.
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असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा घुसपैठ को मुद्दा बना रहे हैं.
जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि पिछले 10 साल से आपकी सरकार है, आप और कब तक घुसपैठ को मुद्दा बनाते रहेंगे?
इसके जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा कि, “जब तक बांग्लादेश दुनिया में रहेगा, तब तक घुसपैठिए आते ही रहेंगे और हम इससे जूझते रहेंगे.”
“यह कोई इमारत बनाने की बात नहीं है कि हम इसके लिए कोई डेडलाइन दे सकें. इसलिए जब तक भारत और बांग्लादेश साथ-साथ रहेंगे, तब तक हम इससे जूझते ही रहेंगे.”
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28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से पूरे क्षेत्र में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.
अब तक साढ़े चार हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें सबसे ज़्यादा लोग ईरान में मारे गए हैं.
कहां कितनी मौतें?
ईरान:अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट इन ईरान के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से ईरान में 3,492 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 1,574 आम नागरिक शामिल हैं. साथ ही कम से कम 236 बच्चों की भी मौत हुई है.
इसराइल:इसराइल की एंबुलेंस सेवा मेगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से मिसाइल हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा, इसराइली सेना के अनुसार लेबनान में नौ इसराइली सैनिक मारे गए हैं.
लेबनान:लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 28 फ़रवरी के बाद से वहां 1,247 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 124 बच्चे शामिल हैं.
खाड़ी क्षेत्र:अब तक खाड़ी देशों में कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षा बलों के सदस्य या विदेशी कामगार हैं.इनमें संयुक्त अरब अमिरात में 11 और कुवैत में 7 लोगों की मौत हुई है. जबकि ओमान, सऊदी अरब और बहरीन में दो-दो मौतों की पुष्टी हुई है.
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तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने विश्व में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की अपील की है.
दलाई लामा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "हम ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, यहूदी धर्म या दुनिया की किसी भी महान आध्यात्मिक परंपरा को देखें, संदेश हमेशा एक जैसा है- प्यार, करुणा, सहनशीलता और आत्म-अनुशासन."
दलाई लामा ने लिखा, "इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि हिंसा केवल और हिंसा को जन्म देती है और कभी भी स्थायी शांति की नींव नहीं बन सकती."
"किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान, चाहे वह मध्य पूर्व में हो या रूस और यूक्रेन के बीच, संवाद, समझदारी और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए."
उन्होंने आगे लिखा, "मैं प्रार्थना करता हूं और आग्रह करता हूं कि हिंसा और संघर्ष जल्द ही खत्म हों."
नमस्कार!
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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को मंगलवार सुबह दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
पीटीआई के मुताबिक़, डॉक्टरों ने बताया कि वह 'सिस्टमिक इनफ़ेक्शन' से ठीक हो गई हैं.
उन्हें 24 मार्च की रात क़रीब 10.20 बजे बुख़ार की वजह से भर्ती किया गया था.
सोनिया गांधी सात दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं.
अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप के अनुसार, "सिस्टमिक इनफ़ेक्शन के इलाज के लिए सोनिया गांधी भर्ती हुईं, एंटीबायोटिक्स का अच्छा असर दिखा है."
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पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी और ओलंपिक विजेता लिएंडर पेस मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए.
लिएंडर पेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी पुष्टि हुई है और तस्वीरें भी जारी की गई हैं.
लिएंडर पेस ने कहा, "मैं पीएम मोदी, अमित शाह और नितिन नबीन का धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि बीजेपी परिवार ने मुझे अपनाया और मौका दिया है. किरेन रिजिजू वो इंसान हैं जिन्हें मैं अपना हीरो मानता हूं और उनसे सीखता हूं. हमारे पास युवाओं की सेवा करने का बड़ा मौका है. यह पार्टी सदस्यता स्लिप सिर्फ एक स्लिप नहीं है बल्कि देश की सेवा करने की ज़िम्मेदारी है."
पीटीआई के मुताबिक़, लिएंडर पेस ने हाल ही में कोलकाता में बीजेपी प्रमुख नितिन नबीन से मुलाकात की थी, इसके बाद से ही उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गईं थीं.
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दुबई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान से जुड़े ड्रोन हमले के बाद तेल टैंकर में लगी आग से कोई तेल रिसाव नहीं हुआ.
पहले बताया गया था कि 'अल-सलामी' टैंकर में दो मिलियन बैरल तेल था, जो चीन जा रहा था और दुबई में खड़ा था. तभी उस पर ड्रोन हमला हुआ और उसमें आग लग गई.
दुबई के मीडिया ऑफिस ने कहा कि बचाव टीमों ने "कुवैती टैंकर से जुड़े हादसे को सफलतापूर्वक काबू कर लिया है. कोई तेल रिसाव या चोट की ख़बर नहीं है.
इससे पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े मीडिया ने एक घंटे पहले ही कुवैती टैंकर को निशाना बनाए जाने की ख़बर दी थी और टैंकर से जुड़ी तस्वीरें भी जारी की थीं.
इस टैंकर पर हमला उस समय हुआ है, जब कुछ ही घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप चेतावनी दी थी.
ट्रंप ने कहा था, "अगर तेहरान समझौते पर नहीं आता और होर्मुज़ स्ट्रेट बंद रहता है, तो ईरान की बिजली, तेल और ऊर्जा फ़ैसिलिटीज़ को निशाना बनाया जाएगा."
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दक्षिण लेबनान में इसराइल के चार सैनिक मारे गए और दो घायल हुए हैं. इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने टेलीग्राम पर जारी बयान में यह जानकारी दी है.
आईडीएफ़ के मुताबिक़, दो सैनिकों को अस्पताल ले जाया गया है, इनमें से एक को 'गंभीर रूप से घायल' बताया गया है. जबकि एक रिज़र्व सैनिक 'घायल' है.
इसके अलावा, यूएन ने बताया था कि दक्षिणी हिस्से में यूनाइटेड नेशन्स अंतरिम फ़ोर्स इन लेबनान (यूएनआईएफ़एल) के तीन शांति सैनिक मारे गए.
इस पर आईडीएफ़ ने कहा, "इन घटनाओं की पूरी तरह से जांच की जा रही है ताकि यह साफ़ हो सके कि यह हिज़्बुल्लाह की कार्रवाई थी या आईडीएफ़ की."
आईडीएफ़ ने आगे कहा, "ध्यान देने योग्य है कि ये घटनाएं सक्रिय लड़ाई वाले इलाक़े में हुईं. इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि जिन घटनाओं में शांति सैनिकों को नुकसान हुआ, वे आईडीएफ़ की वजह से हुईं."
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अरब देशों से ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी जंग का ख़र्च उठाने को कह सकते हैं.
व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इस ओर इशारा किया गया है.
दरअसल, सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ट्रंप की प्रवक्ता कैरोलाइन लेविट से पूछा गया कि क्या अरब देशों को युद्ध का ख़र्च उठाना चाहिए, जैसे 1990 के खाड़ी युद्ध में अमेरिकी सहयोगियों ने वॉशिंगटन की मदद की थी.
इस सवाल पर लेविट ने कहा, "मुझे लगता है यह ऐसी बात है जिसमें राष्ट्रपति काफ़ी दिलचस्पी रखते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "मैं उनसे पहले कुछ नहीं कहूँगी, लेकिन इतना ज़रूर कह सकती हूँ कि यह उनके (डोनाल्ड ट्रंप) दिमाग़ में है और मुझे लगता है आप जल्द ही उनसे इस बारे में और सुनेंगे."
कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि अमेरिका अब तक ईरान में 11,000 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला कर चुका है.
लेविट ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में सैनिक भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता अब भी बातचीत है.
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ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले में महान एयर (ईरान एयरलाइंस) का एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि यह विमान भारत जाने वाला था ताकि वहां से दवाइयां और मदद का सामान लाकर लोगों तक पहुंचाया जा सके.
पीटीआई के मुताबिक़, अधिकारियों का कहना है कि यह विमान इसी हफ़्ते नई दिल्ली जाने वाला था. हालांकि, दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है.
ईरान ने इस घटना को वॉर क्राइम और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.
भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने एक्स पोस्ट में लिखा, "विमान में कई देशों से मंगवाई गई दवाएं और चिकित्सा उपकरण थे और वह एक मानवीय मिशन पर था. ऐसे नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय विमानन नियमों का उल्लंघन है और मानवीय क़ानून के सिद्धांतों के विपरीत है."
ईरानी दूतावास ने कहा, "शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) के मुताबिक़, नागरिक विमानों की सुरक्षा के ख़िलाफ़ कोई भी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय अपराध मानी जाती है."
दूतावास ने सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील की है. उन्होंने कहा, "इस हमले पर तुरंत कार्रवाई करें, ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दें और भविष्य में ऐसे ख़तरों को रोकें."
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें ईरान पर हुए ताज़ा हमलों को देखा जा सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में केवल वीडियो साझा किया, इस पर उन्होंने कोई कैप्शन नहीं लिखा और ना ही यह बताया कि वीडियो ईरान में किस जगह का है.
हालांकि, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वीडियो ईरान के इस्फ़हान शहर पर हुए हमलों का है.
इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ़ करते हुए लिखा था, "ईरान में बड़ा दिन. हमारी महान सेना ने कई लंबे समय से ढूँढे जा रहे ठिकानों को नष्ट कर दिया. हमारी सेना दुनिया में सबसे बेहतरीन और सबसे ताक़तवर है."
इसी बीच अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप सैन्य अभियान ख़त्म करने को तैयार हो सकते हैं, भले ही होर्मुज़ स्ट्रेट काफ़ी हद तक बंद रहे.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान ख़त्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज़ स्ट्रेट काफ़ी हद तक बंद ही क्यों न रहे. यह दावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में किया गया है.
अख़बार ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सहयोगियों ने आकलन किया है कि इस अहम समुद्री रास्ते को जबरन खोलने का मिशन लड़ाई को उनकी तय समयसीमा (चार से छह हफ़्ते) से आगे ले जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान की नौसेना और मिसाइल भंडार को गंभीर नुक़सान पहुंचाने के बाद, अब अमेरिका ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाए रखेगा ताकि व्यापार का प्रवाह फिर से शुरू हो सके.
बीबीसी ने इस पर टिप्पणी के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.
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रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. पिछले हफ़्ते यूक्रेन ने कई बार बाल्टिक सागर के पास रूस के बड़े तेल निर्यात ठिकानों पर हमला किया. इन हमलों के बाद कुछ जगहों पर कई दिनों तक आग जलती रही.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने पुष्टि की है कि 23 मार्च से अब तक रूस के लेनिनग्राद इलाक़े में, सेंट पीटर्सबर्ग शहर के पास (जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 800 किलोमीटर दूर है) कम से कम तीन तेल ठिकानों पर हमला हुआ.
बाल्टिक सागर के अहम बंदरगाह उस्त-लूगा और प्रिमोर्स्क पर अलग-अलग हमले हुए हैं. साथ ही पास में स्थित किरीशी तेल रिफ़ाइनरी पर भी हमला हुआ.
फ़िनलैंड स्थित "सेंटर फ़ॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर" के मुताबिक़, साल 2025 में रूस के कुल तेल निर्यात का 22% प्रिमोर्स्क से और 20% उस्त-लूगा से गया था.
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 26 और 27 मार्च को रूस के तीनों बाल्टिक बंदरगाहों से किसी भी जहाज़ में तेल नहीं भरा गया.
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि 24 मार्च को प्रिमोर्स्क में जलते तेल ठिकानों से भारी धुआँ उठ रहा था. 27 मार्च को उस्त-लूगा में आग और किरीशी रिफ़ाइनरी को बड़ा नुक़सान भी देखा गया.
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ईरानी हवाई हमले में दुबई बंदरगाह पर लगी आग में कुवैत का एक तेल टैंकर जल गया है. संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, समुद्री फ़ायरफ़ाइटिंग टीमें आग पर क़ाबू पाने की कोशिश कर रही हैं और जहाज़ पर मौजूद सभी 24 क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं.
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े मीडिया ने एक घंटे पहले ही कुवैती टैंकर को निशाना बनाए जाने की ख़बर दी थी और टैंकर से जुड़ी तस्वीरें भी जारी की थीं.
इस टैंकर पर हमला उस समय हुआ है, जब कुछ ही घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान समझौते पर नहीं आता और होर्मुज़ स्ट्रेट बंद रहता है, तो ईरान की बिजली, तेल और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया जाएगा.
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा था, "ईरान के हमले फ़ारस की खाड़ी के देशों पर नहीं, बल्कि 'दुश्मन हमलावरों' पर हैं, जो अरबों और ईरानियों का सम्मान नहीं करते."
उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश देते हुए सऊदी अरब से अमेरिकी सेनाओं को अपने इलाक़े से बाहर निकालने की अपील भी की.
नमस्कार!
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ट्रंप ने फिर बातचीत की कही बात, ईरान ने पाकिस्तान की भूमिका पर भी दिया जवाब
ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए तेल संकट से कैसे निपट रहे हैं ये देश
विशाखापत्तनम में नौसेना के कर्मचारी पर महिला की हत्या कर शव के टुकड़े फ़्रिज में छिपाने का आरोप
पाकिस्तानी क्रिकेट लीग में बॉल के साथ क्या हुआ जिस पर मचा हंगामा
लौट रही है लखनऊ की शाही रसोई की रौनक जहाँ 188 साल से परोसे जा रहे हैं लज़ीज़ पकवान
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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