घर से महंगा कब्रिस्तान! भारत के पड़ोसी मुल्क में फ्लैट में क्यों शव दफना रहे हैं लोग? – Zee News

China News: भारत के पड़ोसी मुल्क चीन में शव को दफनाने और अस्थियां रखने के लिए लोग फ्लैट का प्रयोग कर रहे हैं. कब्रिस्तान की महंगाई की वजह से देशभर में ये चलन धीरे-धीरे बढ़ गया.
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China News: दुनियाभर में लोग शव को दफनाते हैं या फिर उनका दाह संस्कार करते हैं. एक समय चीन में शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान का प्रयोग किया जाता था. हालांकि अब धीरे-धीरे लोग अपनों की अस्थियां रखने या शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान के बजाय रिहायशी अपार्टमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये चलने तेजी से पूरे देश में बढ़ने लगा, इसके पीछे की क्या वजह है, आइए जानते हैं विस्तार के साथ.

रिपोर्ट के मुताबिक कब्रिस्तान में शव को दफनाने के लिए ज्यादा लागत लगती है. कम जगह की वजह से अपार्टमेंट खरीदना, दफनाने की जगह खरीदने से ज्यादा सस्ता हो गया है. चीन में प्रॉपर्टी की कीमतें 2021 के मुकाबले 2025 में 40 परसेंट कम हो गईं. इसका नतीजा यह हुआ कि इन प्रॉपर्टी को प्राइवेट पूजा हॉल या पूर्वजों के मंदिरों में बदल दिया गया, जिन्हें अक्सर सीलबंद खिड़कियों और हमेशा के लिए खींचे गए पर्दों से पहचाना जाता था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजिंग जैसे बड़े शहरों में दफनाने की जगहें काफी महंगी हैं और आमतौर पर सिर्फ 20 साल के लिए लीज पर दी जाती हैं, जिन्हें रिन्यू कराना पड़ता है. जिसकी वजह से लोगों का झुकाव फ्लैट की तरफ हो गया. हालांकि लगातार बढ़ रहे चलन की वजह से चीन की सरकार ने अस्थियां रखने के लिए रिहायशी प्रॉपर्टी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. यह घोषणा किंगमिंग फेस्टिवल से पहले की गई है जो पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का एक पारंपरिक समय है.

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2020 में हुए एक सर्वे से पता चला कि चीन में अंतिम संस्कार में एक व्यक्ति की औसत सालाना सैलरी का लगभग आधा खर्च आता है. इको-फ्रेंडली प्लॉट की कीमत शायद 10,000 युआन से शुरू होगी. वहीं प्राइम लोकेशन पर स्टैंडर्ड कब्र के पत्थर कई लोगों की पहुंच से बाहर हैं. ऐसे में मांग के बाद सिविल अफेयर्स मंत्रालय अब बढ़ते अंतिम संस्कार उद्योग में धोखाधड़ी और पारदर्शिता को मैनेज करने के लिए नियम ला रहा है ताकि आम लोगों पर बोझ कम हो सके.
इसके अलावा स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट रेगुलेशन ने बढ़ते खर्चों की चिंताओं के जवाब में अंतिम संस्कार सेक्टर के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. एजेंसी का मकसद धोखाधड़ी को रोकने और पारदर्शिता में सुधार के उपाय लागू करना है, जिससे आम लोगों को अंतिम संस्कार में कोई दिक्कत न आए.
Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2023 से (Zee Media) से हुआ. डिजिटल डेस्क पर खबरें लिखने के लिए अलावा साहित्य से भी गहरा नाता है. खबरों के अल…और पढ़ें
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