HoF System: किस उम्र के बच्चों के आधार के लिए एड्रेस प्रूफ है जरूरी? बच्चों के Aadhar में कैसे बदले पता? – News24 Hindi

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Aadhar Card: अगर आप अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाना या उसमें पता अपडेट कराने चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि अब यह प्रोसेस पहले जैसी नहीं रही. इसके लिए UIDAI ने बच्चों के आधार से जुड़े नियम क्लीयर कर दिए हैं और यह बताया है कि बच्चों के आधार में एड्रेस प्रूफ कैसे लगेगा और ‘हेड ऑफ फैमिली’ यानी HoF के जरिए अपडेट कैसे किया जाएगा. तो इसे सही तरीके से समझना जरूरी है.
UIDAI ने बच्चों के आधार नामांकन को दो एज फैक्टर (उम्र) में बांटा है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है और उनका आधार केवल हेड ऑफ फैमिली(HoF) बेस्ड प्रोसेस के जरिए ही बनेगा. वहीं, 5 से 18 साल के बच्चों के लिए आधार बनवाने में आप किसी वयस्क की तरह पहचान पत्र (PoI) या पता प्रमाण (PoA) जमा कर सकते हैं. बर्थडे के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का रिकॉर्ड भी मान्य किया जाएगा. वहीं इस उम्र के बच्चों के लिए भी HoF बेस्ड नामांकन की सुविधा जारी रहेगी.
बच्चों के आधार में एड्रेस अपडेट करने के लिए जरूरी नहीं कि बच्चे के नाम पर अलग से कोई पते का प्रूफ हो. परिवार का कोई भी 18 साल या उससे ज्यादा की उम्र का मेंबर, जैसे मां या पिता, ‘हेड ऑफ फैमिली’ बनकर बच्चे का एड्रेस अपडेट करा सकता है. यानी बच्चे का एड्रेस परिवार के मुखिया के पते से लिंक किया जाता है.
आप ये प्रोसेस ऑनलाइन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर जाना होगा. यहां login करने के बाद ‘Update Aadhaar’ ऑप्शन चुनना होगा और फिर ‘Head of Family (HoF) based address update’ पर क्लिक करना होगा. 
ऊपर वाले स्टेप्स करने के बाद आपको उस व्यक्ति का आधार नंबर डालना होता है, जिसे आप परिवार का मुखिया बना रहे हैं. इसके बाद एक ऐसा डॉक्यूमेंट अपलोड करना जरूरी होता है, जिससे बच्चे और HoF के बीच संबंध साबित हो सके. इसके लिए आप जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या कोई अन्य मान्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं.
पता अपडेट करने के लिए 50 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. इसके बाद आपको एक Service Request Number (SRN) मिलता है. इस नंबर को संभालकर रखना जरूरी है, क्योंकि इसी से आप अपनी रिक्वेट को ट्रैक कर पाएंगे.
फॉर्म भरने और फीस देने के बाद प्रोसेस तत्काल पूरी नहीं होती. सबसे जरूरी स्टेप होता है HoF का अप्रूवल. परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक SMS आता है. उन्हें MyAadhaar पोर्टल पर लॉग इन करके 30 दिनों के भीतर उसे स्वीकार करना होता है. जैसे ही अप्रूवल मिलता है, बच्चे के आधार में पता अपडेट हो जाता है.
ध्यान रखें कि HoF को 30 दिनों के अंदर आवेदन मंजूर करना होता है. अगर समय पर अप्रूवल नहीं मिला या रिक्वेस्ट रद्द कर हो गई, तो आवेदन के लिए दी गई 50 की फीस वापस नहीं होती.
UIDAI के नियमों के अनुसार, 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति HoF बन सकता है, जैसे माता-पिता या परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य. अगर किसी के पास रिश्ते का सर्टिफिकेट नहीं है, तो HoF सेल्फ-डिक्लेरेशन के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है.
ये भी पढ़ें- UP में अब जन्म प्रमाण के रूप में मान्य नहीं होगा आधार कार्ड, महाराष्ट्र में भी आधार से बने जन्म प्रमाण पत्र होंगे रद्द
हां, अगर बच्चे को सरकारी योजनाओं, स्कूल एडमिशन, स्कॉलरशिप या किसी दूसरी सुविधा का लाभ दिलाना है, तो आधार होना जरूरी हो जाता है.
5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर और हेड ऑफ फैमिली (HoF) प्रोसेस से बनता है. इसमें माता-पिता का आधार बच्चे से जोड़ा जाता है.
नहीं, बच्चे के नाम से अलग एड्रेस प्रूफ होना जरूरी नहीं है. पिता, माता या परिवार का कोई वयस्क सदस्य अपने आधार पते के आधार पर बच्चे का पता अपडेट करा सकता है.
परिवार का कोई भी सदस्य, जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है, HoF बन सकता है. आम तौर पर माता-पिता ही HoF होते हैं.
अगर HoF ने 30 दिनों के अंदर अप्रूवल नहीं दिया, तो आपका आवेदन अपने आप रद्द हो जाएगा और फीस भी वापस नहीं मिलेगी.
जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या कोई भी ऐसा दस्तावेज, जिससे बच्चे और HoF का रिश्ता साबित हो जाए.
ऐसे में HoF को UIDAI के तय फॉर्मेट में सेल्फ डिक्लेरेशन देना होता है, जिसके आधार पर अपडेट किया जा सकता है.
HoF द्वारा अप्रूवल देने के बाद आम तौर पर कुछ ही दिनों में आधार अपडेट हो जाता है.
हां, एक HoF के आधार पर परिवार के सभी बच्चों का पता अपडेट किया जा सकता है.
Aadhar Card: अगर आप अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाना या उसमें पता अपडेट कराने चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि अब यह प्रोसेस पहले जैसी नहीं रही. इसके लिए UIDAI ने बच्चों के आधार से जुड़े नियम क्लीयर कर दिए हैं और यह बताया है कि बच्चों के आधार में एड्रेस प्रूफ कैसे लगेगा और ‘हेड ऑफ फैमिली’ यानी HoF के जरिए अपडेट कैसे किया जाएगा. तो इसे सही तरीके से समझना जरूरी है.
UIDAI ने बच्चों के आधार नामांकन को दो एज फैक्टर (उम्र) में बांटा है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है और उनका आधार केवल हेड ऑफ फैमिली(HoF) बेस्ड प्रोसेस के जरिए ही बनेगा. वहीं, 5 से 18 साल के बच्चों के लिए आधार बनवाने में आप किसी वयस्क की तरह पहचान पत्र (PoI) या पता प्रमाण (PoA) जमा कर सकते हैं. बर्थडे के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का रिकॉर्ड भी मान्य किया जाएगा. वहीं इस उम्र के बच्चों के लिए भी HoF बेस्ड नामांकन की सुविधा जारी रहेगी.
बच्चों के आधार में एड्रेस अपडेट करने के लिए जरूरी नहीं कि बच्चे के नाम पर अलग से कोई पते का प्रूफ हो. परिवार का कोई भी 18 साल या उससे ज्यादा की उम्र का मेंबर, जैसे मां या पिता, ‘हेड ऑफ फैमिली’ बनकर बच्चे का एड्रेस अपडेट करा सकता है. यानी बच्चे का एड्रेस परिवार के मुखिया के पते से लिंक किया जाता है.
आप ये प्रोसेस ऑनलाइन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर जाना होगा. यहां login करने के बाद ‘Update Aadhaar’ ऑप्शन चुनना होगा और फिर ‘Head of Family (HoF) based address update’ पर क्लिक करना होगा. 
ऊपर वाले स्टेप्स करने के बाद आपको उस व्यक्ति का आधार नंबर डालना होता है, जिसे आप परिवार का मुखिया बना रहे हैं. इसके बाद एक ऐसा डॉक्यूमेंट अपलोड करना जरूरी होता है, जिससे बच्चे और HoF के बीच संबंध साबित हो सके. इसके लिए आप जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या कोई अन्य मान्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं.
पता अपडेट करने के लिए 50 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. इसके बाद आपको एक Service Request Number (SRN) मिलता है. इस नंबर को संभालकर रखना जरूरी है, क्योंकि इसी से आप अपनी रिक्वेट को ट्रैक कर पाएंगे.
फॉर्म भरने और फीस देने के बाद प्रोसेस तत्काल पूरी नहीं होती. सबसे जरूरी स्टेप होता है HoF का अप्रूवल. परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक SMS आता है. उन्हें MyAadhaar पोर्टल पर लॉग इन करके 30 दिनों के भीतर उसे स्वीकार करना होता है. जैसे ही अप्रूवल मिलता है, बच्चे के आधार में पता अपडेट हो जाता है.
ध्यान रखें कि HoF को 30 दिनों के अंदर आवेदन मंजूर करना होता है. अगर समय पर अप्रूवल नहीं मिला या रिक्वेस्ट रद्द कर हो गई, तो आवेदन के लिए दी गई 50 की फीस वापस नहीं होती.
UIDAI के नियमों के अनुसार, 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति HoF बन सकता है, जैसे माता-पिता या परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य. अगर किसी के पास रिश्ते का सर्टिफिकेट नहीं है, तो HoF सेल्फ-डिक्लेरेशन के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है.
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हां, अगर बच्चे को सरकारी योजनाओं, स्कूल एडमिशन, स्कॉलरशिप या किसी दूसरी सुविधा का लाभ दिलाना है, तो आधार होना जरूरी हो जाता है.
5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर और हेड ऑफ फैमिली (HoF) प्रोसेस से बनता है. इसमें माता-पिता का आधार बच्चे से जोड़ा जाता है.
नहीं, बच्चे के नाम से अलग एड्रेस प्रूफ होना जरूरी नहीं है. पिता, माता या परिवार का कोई वयस्क सदस्य अपने आधार पते के आधार पर बच्चे का पता अपडेट करा सकता है.
परिवार का कोई भी सदस्य, जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है, HoF बन सकता है. आम तौर पर माता-पिता ही HoF होते हैं.
अगर HoF ने 30 दिनों के अंदर अप्रूवल नहीं दिया, तो आपका आवेदन अपने आप रद्द हो जाएगा और फीस भी वापस नहीं मिलेगी.
जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या कोई भी ऐसा दस्तावेज, जिससे बच्चे और HoF का रिश्ता साबित हो जाए.
ऐसे में HoF को UIDAI के तय फॉर्मेट में सेल्फ डिक्लेरेशन देना होता है, जिसके आधार पर अपडेट किया जा सकता है.
HoF द्वारा अप्रूवल देने के बाद आम तौर पर कुछ ही दिनों में आधार अपडेट हो जाता है.
हां, एक HoF के आधार पर परिवार के सभी बच्चों का पता अपडेट किया जा सकता है.
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