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Middle-East War Live: पाकिस्तान में 80 रुपए सस्ता हुए पेट्रोल
US-Iran War: इराक में विदेशी तेल कंपनियों के स्टोरेज पर ड्रोन अटैक
US-Iran War: होर्मुज में फंसे भारत के 17 जहाज
Middle East War: होर्मुज से निकला एक और LPG जहाज
US-Iran Attacks: ईरानी हमले में अमेरिकी दूतावास को भारी नुकसान
US-Iran War Live: दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर की तस्वीर आई सामने
Middle East War: ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी
Iran-US War: अमेरिकी हमलों पर ईरानी राष्ट्रपति ने उठाए सवाल
Ira-US Update: दुबई मरीना हादसे में नहीं लगी आग
Middle-East Conflict: अल-मंडेब पर भी पाबंदी लगा सकता है ईरान
Iran-US War Update: कराज पुल पर हुए हमले में अब तक 13 मौतें
Israel-Iran Conflict: UNIFIL पर गिरा हिजबुल्लाह का रॉकेट, 3 घायल
Iran-US War Live: ईरान ने मार गिराया अमेरिका का फाइटर जेट
Iran-Israel War: हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली हमला
Middle East Crisis: बहरीन में इंटरसेप्टेड ईरानी ड्रोन का मलबा गिरने से चार लोग घायल
Iran War Updates: ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराया
US Iran War Live: ऐसे नुकसान युद्ध का हिस्सा, ईरान के साथ वार्ता जारी रहेगी- ट्रंप
Iran US War News: मिडिल ईस्ट में एक ही दिन में अमेरिका के दो विमान क्रैश
ईरान की सेना ने खाड़ी क्षेत्र में एक ही दिन में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है. ईरान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकॉस्टिंग’ (IRIB) के मुताबिक, अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट विमान को ईरान आर्मी के एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया, जिसके बाद वह दुर्घटनाग्रस्त होकर फारस की खाड़ी में गिर गया. इससे पहले दिन में, अमेरिका एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान ईरानी एयरस्पेस में क्रैश हो गया. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस विमान को एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराने का दावा किया.
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी दोनों विमानों के क्रैश होने की पुष्टि की है. एनवाईटी की रिपोर्ट के मुताबिक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान में पायलट और गनर सवार थे, इनमें से एक को अमेरिका ने रेस्क्यू कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विमानों के गिरने से ईरान के साथ वार्ता में कोई रुकावट नहीं आएगी. उन्होंने अमेरिकी वायुसेना को हुए नुकसान को युद्ध का हिस्सा बताया. ट्रंप के दावे के विपरीत एक अन्य अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान निकालने का प्रयास बेपटरी हो गया है और दोनों देशों के बीच वार्ता नहीं हो रही.
इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायली हमलों में ईरान की करीब 70% स्टील उत्पादन क्षमता नष्ट हो चुकी है, जिससे हथियार बनाने की उसकी क्षमता को बड़ा झटका लगा है. वहीं, ईरान और उसके सहयोगियों ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं. पश्चिम एशिया में ईरान अमेरिका से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना रहा है. एक महीने से जारी इस युद्ध के थमने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं.
मिडिल-ईस्ट जंग की वजह से दुनिया भर में ईंधन संकट गहरा गया है. भारी विरोध के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती का ऐलान किया है. अब वहां पेट्रोल की कीमत 378 रुपये प्रति लीटर हो गई है. ये फैसला तब आया जब एक ही दिन पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की थी, जिसकी देश भर में तीखी आलोचना हुई. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले एक महीने तक ये कीमतें स्थिर रहेंगी. इसके साथ ही सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए मोटरसाइकिल सवारों को 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी और छोटे किसानों को आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया है. बजट बचाने के लिए कैबिनेट मंत्रियों का वेतन भी अगले छह महीनों तक रोक दिया गया है.
इराक के बसरा शहर के पश्चिमी इलाके में स्थित विदेशी तेल कंपनियों के स्टोरेज केंद्रों (भंडारण सुविधाओं) पर ड्रोन हमला हुआ है. इस हमले के बाद वहां आग लग गई है.
भारत का सातवां एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सांवी’ के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने के बाद अभी भी 17 भारतीय जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं. भारत अपनी जरूरत का 90% एलपीजी इसी रास्ते से आयात करता है. ऐसे में भारत बाकी फंसे जहाजों को भी निकालने की कोशिश में जुटा है.
भारत के लिए LPG की सप्लाई लेकर आ रहा एक और जहाज, ‘ग्रीन साल्वी’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है. ये जहाज अब भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है.
मार्च में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए ईरानी ड्रोन हमले में सार्वजनिक जानकारी से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ था. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 मार्च की रात हुए इस हमले में दो ड्रोनों ने दूतावास की एक सुरक्षित इमारत की तीन मंजिलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें CIA स्टेशन भी शामिल था. वहां लगी आग आधे दिन तक धधकती रही और परिसर के कुछ हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. अधिकारियों का कहना है कि अगर ये हमला कामकाजी घंटों के दौरान होता, तो सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी.
ईरान के कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर किए गए मिसाइल हमले के बाद CH-47 हेलीकॉप्टर की तस्वीरें सामने आई हैं. इस तस्वीर में हेलीकॉप्टर के मलबे और उसे पहुंचे भारी नुकसान को देखा जा सकता है.
ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका और उसके सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों को सीधी चेतावनी दी है. ईरानी प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघरी ने कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के पुलों और पावर प्लांट जैसे नागरिक ठिकानों पर हमला करते हैं, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा. ईरान ने साफ किया है कि वो न सिर्फ अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाएगा, बल्कि उन देशों के बुनियादी ढांचे और राजधानियों पर भी हमले करेगा जो अमेरिकी सेना को पनाह दे रहे हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक प्रमुख ईरानी अधिकारी के परिवार पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हाल ही में हुए एक हमले में एक उच्च पदस्थ अधिकारी की पत्नी की हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा, ‘जब मैं अमेरिकी जनता को संबोधित कर रहा था, उसी समय हमारी विदेश नीति संबंधी रणनीतिक परिषद के प्रमुख पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उनकी निर्दोष पत्नी शहीद हो गईं. दुनिया को फैसला करने दीजिए, कौन सा पक्ष संवाद और बातचीत में लगा हुआ है, और कौन सा आतंकवाद में?’
Just as I was addressing the American people, the head of our Strategic Council on Foreign Policy was targeted in an assassination attempt, leading to the martyrdom of his innocent wife. Let the world judge; which side engages in dialogue and negotiation, and which in terrorism?
दुबई मरीना इलाके में एक इमारत के बाहरी हिस्से पर आसमान से मलबा गिर गया था. प्रशासन ने साफ किया है कि इस घटना में कोई आग नहीं लगी और न ही किसी के हताहत या घायल होने की खबर है. इसके साथ ही, हालात अब पूरी तरह काबू में है.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने संकेत दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब ईरान बाब स्ट्रेट ऑफ अल-मंडेब पर भी पाबंदिया लगा सकता है. सोशल मीडिया पर उन्होंने दुनिया की इस रास्ते पर निर्भरता को लेकर सवाल उठाए और पूछा कि यहां से कितना तेल, गैस और अनाज का व्यापार होता है. गालिबाफ ने ये भी इशारा किया कि वो उन देशों और कंपनियों की पहचान कर रहे हैं, जिन्हें इस रास्ते के बंद होने से सबसे ज्यादा नुकसान होगा.
अमेरिका और इजरायल ने ईरान में करज शहर के पास सबसे ऊंचे पुल पर हमला किया था. इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 13 हो गई है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के मुताबिक, दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह की ओर से दागा गया एक रॉकेट संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशन ‘यूनिफिल’ (UNIFIL) के ठिकाने पर जा गिरा. ये हमला अल-अदैसा इलाके में हुआ, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के 3 कर्मचारी घायल हो गए हैं. घायलों में से 2 की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है. इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने रॉकेट के लॉन्च की पहचान कर ली है.
ईरान के साथ पांच हफ्ते से जारी युद्ध में पहली बार अमेरिका का F-15E फाइटर जेट मार गिराया गया है. जेट में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. पेंटागन के मुताबिक, अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 300 से ज्यादा घायल हैं. इस बीच, कुवैत में भी एक अमेरिकी A-10 विमान क्रैश होने की खबर है.
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचों पर हमले शुरू कर दिए हैं. सेना का मुख्य निशाना उन ठिकानों को बनाना है जिनका इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों या हथियारों के लिए किया जा रहा है.
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट करने के दौरान सिट्रा इलाके में गिरे मलबे से चार नागरिकों को मामूली चोटें आईं और कई घरों को नुकसान पहुंचा. ईरानी की सेना अमेरिका के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे हुए है.
ईरान ने 48 घंटे के युद्धविराम के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ईरान की न्यूज एजेंसी फार्स ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है. रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है, ‘अमेरिका ने 2 अप्रैल को मित्र देशों में से किसी एक के माध्यम से 48 घंटे के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था. यह प्रस्ताव मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेनाओं के सामने बढ़ती चुनौतियों के बाद आया है.’ फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी प्रस्ताव का ईरान ने लिखित जवाब नहीं दिया, बल्कि लगातार हमले करके जमीनी स्तर पर जवाबी कार्रवाई की. सूत्र ने आगे कहा कि कुवैत के बुबियान द्वीप पर अमेरिकी सैन्य डिपो पर हुए हमले के बाद, युद्ध रोकने के लिए वॉशिंगटन के राजनयिक प्रयास तेज हो गए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के एयरस्पेस में एक अमेरिकी जेट को मार गिराए जाने की घटना का तेहरान के साथ जारी बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस तरह का नुकसान युद्ध का हिस्सा है और इससे कुछ नहीं बदलता. एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने पायलट के सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उससे जुड़ी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इस मामले में मीडिया कवरेज पर भी नाराजगी जताई. जब उनसे पूछा गया कि क्या इन घटनाओं का ईरान के साथ वार्ता पर असर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, बिल्कुल नहीं. यह युद्ध है. हम युद्ध में हैं.’
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना का दूसरा लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, A-10 थंडरबोल्ट II विमान के एकमात्र पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है. यह घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास उसी समय घटी जब ईरान के एयरस्पेस में एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया गया. इस विमान में सवाल दो क्रू मेंबर्स में से एक को अमेरिका ने बचाने का दावा किया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि इन दोनों विमानों को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है.
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