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पिछले 24 घंटों से जारी अनिश्चितता के बाद, फाइनली अमेरिका ने अपने उस पायलट को खोज निकाला है जो ईरान में गिराए गए F-15E स्ट्राइक ईगल के बाद लापता हो गया था.
हालांकि, यह बचाव अभियान किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस की रेस्क्यू टीमों को पायलट तक पहुंचने के लिए ईरान की धरती पर “भारी गोलीबारी” का सामना करना पड़ा.
दरअसल शुक्रवार को कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी एयरक्राफ्ट को ईरान ने निशाना बनाया गया था जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा जबकि दूसरा पायलट लापता हो गया था और इसके ईरान में गिरे होने की सूचना थी.
ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में लापता अमेरिकी पायलट को ना केवल अमेरिका सेना खोज रही था बल्कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर ‘सर्च ऑपरेशन’ शुरू कर दिया था.
ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इसे लेकर एक बयान तक जारी कर दिया था. गलिबाफ ने इसे जंग का ‘टर्निंग पॉइंट’ करार देते हुए कहा कि अब युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है. उन्होंने कहा कि जो जंग कभी ‘सत्ता परिवर्तन’ के दावों से शुरू हुई थी, वह अब ज़मीन पर ‘अमेरिकी पायलटों के शिकार’ तक सिमट गई है.
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