सुभंकर सरकार की जीवनी (Subhankar Sarkar Biography in Hindi) – PoliTalks News

Subhankar Sarkar Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको सुभंकर सरकार जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Subhankar Sarkar Latest News –  सुभंकर सरकार पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है और वर्तमान में, राज्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (WBPCC) है. राज्य में उनकी पहचान एक जुझारू और सुलझे हुए नेता के तौर पर होती है. सरकार कांग्रेस पार्टी में कई पदों पर रह चुके है. राज्य में हुए 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नोआपारा विधानसभा सीट अपना भाग्य आजमाया पर असफल रहे. इस समय उनपर राज्य में पार्टी को फिर से स्थापित करने की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. इस लेख में हम आपको सुभंकर सरकार जीवनी (Subhankar Sarkar Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
सुभंकर सरकार (Subhankar Sarkar) का जन्म 2 जनवरी 1960 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम देबब्रत सरकार (Debabrata Sarkar) और माता का नाम बिजोन बाला (Bijon Bala Sarkar) है.
उनकी शादी श्रीमती लूरा रे (Loora Ray Sarkar) के साथ हुई थी. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी नौकरी करती है. उनके दो बच्चे है. उनके नाम है, आंदोलन सरकार और अलोरन सरकार (Andolan Sarkar and Aloran Sarkar).
सुभंकर सरकार धर्म से हिन्दू है और जाति से कायस्थ (बड़ी जाति – सामान्य वर्ग) है.
उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है. [स्रोत -myneta.info -2021]
सुभंकर सरकार ने वर्ष 1986 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक व्यावसायिक एलएलबी किया जबकि वर्ष 1990 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक किया.
सुभंकर सरकार पश्चिम बंगाल कांग्रेस के बड़े नेता है और इस समय वे पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (WBPCC) है. जब बात बंगाल की राजनीति की आती है तो यह भी ध्यान आता है यहाँ की राजनीति देश के दूसरे राज्यों से थोड़ी अलग है. यहाँ पड़ोसी राज्य बिहार व झारखंड जैसी जाति की राजनीति उतनी तीव्र नहीं है. फिर भी जाति वाली राजनीति से इंकार भी नहीं किया जा सकता है. यहाँ जाति का जिक्र करने का कारण यह है कि बंगाल में ममता राज है और कांग्रेस के लिए ममता की सत्ता से टकराना बहुत कठिन है. वैसे कांग्रेस राज्य में अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए हर दांव-पेंच लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है. ममता बनर्जी जाति से ब्राह्मण है इसलिए कांग्रेस ने जाति वाले समीकरण को साधते हुए अपनी पार्टी के कमान सुभंकर सरकार के जिम्मे सौंपा है, जो जाति से कायस्थ, यानि सवर्ण है. इस समय सुभंकर सरकार पर राज्य में कांग्रेस को फिर से स्थापित करने का महत्वपूर्ण भार है.
छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सुभंकर सरकार की राजनीतिक यात्रा लगभग तीन दशक पहले तब शुरू हुई थी जब वे वर्ष 1993 में राष्ट्रीय छात्र संघ के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता चुने गए थे. इस पद पर तीन वर्ष तक रहने के बाद वर्ष 1996 में वे पश्चिम बंगाल छात्र परिषद के राष्ट्रीय छात्र संघ के राज्य अध्यक्ष के तौर पर चुने गए. इसी के बाद उन्हें वर्ष 2004 में भारतीय युवा कांग्रेस का  राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया. इस पद पर वे 2006 तक आसीन रहे. वर्ष 2007 से लेकर 2009 तक वे पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नियुक्त किये गए और इसी बीच उन्हें पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रवक्ता भी नियुक्त किया गया. राज्य कांग्रेस प्रवक्ता के तौर पर वे 2013 तक आसीन रहे. यह वह समय था जब बंगाल में वामपंथी शासन का जहाँ एक ओर अंत हुआ था तो वही ममता बनर्जी का शासन शुरू हो गया था. पहली बार ममता बनर्जी मई 2011 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थी.
राजनीति में लगातार आगे बढ़ते रहने वाले सुभंकर सरकार वर्ष 2013 में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बनाये गए. इसी के साथ उन्हें केरल, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु, मणिपुर एवं पुडुचेरी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की लोकसभा और विधानसभा स्क्रीनिंग समिति का सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया जबकि वर्ष 2018 में उन्हें दो वर्ष के लिए पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की समन्वय समिति का संयोजक बनाया गया.
2021 में जब बंगाल में विधानसभा के चुनाव हुए तो कांग्रेस ने उन्हें राज्य के ‘नोआपारा विधानसभा क्षेत्र’ से अपना उम्मीदवार बनाया, पर वे तीसरे स्थान पर रहे. 2021 के चुनाव में नोआपारा सीट से तृणमूल कांग्रेस की मंजू बसु जीत हासिल की थी जबकि भाजपा दूसरे स्थान पर रही. इस चुनाव में सरकार को कुल 23,502 मत पड़े जबकि 67,493 मत के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर, और मंजू बसु को 94,203 मत आये. इस पराजय के बाद सरकार को वर्ष 2024 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का राष्ट्रीय सचिव और अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राज्य प्रभारी नियुक्त किया गया, जबकि इसी वर्ष उन्हें पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, वर्तमान में, भी वे इसी पद (WBPCC) पर आसीन है.
2021 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार सुभंकर सरकार की कुल संपत्ति 7.42 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 26 लाख का कर्ज हैं.
इस लेख में हमने आपको सुभंकर सरकार जीवनी (Subhankar Sarkar Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

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