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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. कुछ ही दिनों बाद राज्य में मतदान होगा. शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव से पहले 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती का फैसला लिया है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ये पुलिसकर्मी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से शामिल किए जायेंगे, जो पहले से तैनात केंद्रीय बलों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे.
अधिकारी के मुताबिक, चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए करीब 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है. अनुमान है कि ये पुलिसकर्मी 13 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से राज्य में पहुंचना शुरू करेंगे.
बताया जा रहा है कि आयोग पहले ही राज्यभर में केंद्रीय बलों की 2,400 कंपनियों की तैनाती की योजना बना चुका है.
वहीं, इस बीच चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त सुप्रतिम सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तमिलनाडु में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में नई जिम्मेदारी से राहत मांगी थी.
सूत्रों के अनुसार, आयोग ने सरकार को सोमवार तक अपनी नई जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया है. बता दें, सुप्रतिम सरकार को तमिलनाडु के कई विधानसभा क्षेत्रों तिरुनेलवेली, अंबासमुद्रम, पलायमकोट्टई, नंगुनेरी और राधापुरम का पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.
एक अधिकारी ने कहा कि, “छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की गई है और उन्हें तुरंत ड्यूटी जॉइन करने के लिए कहा गया है.”
बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान दो चरणों में होगा. पहला चरण 23 अप्रैल 2026 को और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को होगा. वहीं, वोटों की गिनती 4 मई 2026 को की जाएगी.
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