अजीत डोभाल के घर डिनर पर पहुंचे बांग्लादेश के विदेश मंत्री, नई सरकार आने के बाद से बदल रहे हालात – AajTak

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भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से जो दूरियां आ गई थीं, वो अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही हैं. इसकी एक बहुत बड़ी और अच्छी तस्वीर मंगलवार को दिल्ली में देखने को मिली. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने घर पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के लिए एक खास डिनर रखा. यह मुलाकात इसलिए खास है क्योंकि पिछले करीब 18 महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में जो खिंचाव चल रहा था, उसे दूर करने की कोशिश अब शुरू हो गई है.
बांग्लादेश में जब से तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनी है, तब से यह वहां के किसी बड़े मंत्री का पहला भारत दौरा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, खलीलुर रहमान तीन दिनों के लिए दिल्ली आए हैं और उनका स्वागत भी काफी उत्साह से किया गया. डोभाल के साथ इस डिनर टेबल पर केवल खाना ही नहीं था, बल्कि दोनों देशों के बीच दोस्ती को एक नई शुरुआत देने पर लंबी चर्चा भी हुई. भले ही अभी तक मीटिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि दोनों तरफ से रिश्तों को नई रफ्तार देने की पूरी तैयारी है.
अगस्त 2024 में जब शेख हसीना की सरकार गिरी थी और उसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार आई, तब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. जब तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो भारत की तरफ से भी बड़े नेता वहां पहुंचे थे. अब उसी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए खलीलुर रहमान दिल्ली पहुंचे हैं.
इन बड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना
अब सवाल यह है कि इस दौरे से हासिल क्या होगा? असल में बुधवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार में बात करेंगे. इस मीटिंग का सबसे बड़ा एजेंडा है, रिश्तों में सुधार और भरोसे को दोबारा कायम करना. इसके अलावा गंगा जल संधि, जो इसी साल खत्म हो रही है, उसे आगे बढ़ाने पर भी बात हो सकती है. साथ ही व्यापार और डीजल-पेट्रोल की सप्लाई जैसे मुद्दे पर भी बात हो सकती है. बांग्लादेश चाहता है कि भारत उसे अतिरिक्त ईंधन दे और भारतीयों के लिए वीजा नियमों में थोड़ी ढील दी जाए ताकि व्यापारी और लोग आसानी से आ-जा सकें.
एक और बड़ा मुद्दा जो अक्सर चर्चा में रहता है, वो है पूर्व पीएम शेख हसीना का. शेख हसीना पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं और बांग्लादेश की नई सरकार उनके प्रत्यर्पण (वापस बुलाने) की मांग कर रही है. हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है. खास बात यह है कि अब हसीना की तरफ से कोई भी राजनीतिक बयान सामने नहीं आ रहा है, जिसे एक तालमेल बिठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
सबसे सकारात्मक बात यह है कि खलीलुर रहमान के भारत आने से ठीक पहले पीएम तारिक रहमान ने अपने इलाके के पांच मंदिरों के लिए 6.5 करोड़ टका देने का ऐलान किया है. इसे भारत के लिए एक बहुत अच्छा संदेश माना जा रहा है, क्योंकि भारत हमेशा से बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहा है. कुल मिलाकर कहें तो यह दौरा सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि दो पड़ोसियों के बीच फिर से हाथ मिलाने और पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की एक मजबूत शुरुआत है.
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