कृपया धैर्य रखें।
Uniform Book Purchase Rule India: प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने निजी स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि वे अभिभावकों पर विशेष दुकानों से किताबें व …और पढ़ें
यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। School Readmission Pressure Complaint: निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने स्पष्ट कहा है कि यदि स्कूलों की ओर से जबरन यूनिफार्म और किताबें खरीदने या री एडमिशन के नाम पर दबाव बनाया गया, तो संबंधित संस्थानों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि किसी भी निजी विद्यालय को अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही यूनिफार्म या पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है। इस तरह का दबाव पूरी तरह प्रतिबंधित है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि अभिभावकों की शिकायतों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। कई स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही सामान खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
आयुक्त ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीद सकते हैं। स्कूल उन्हें बाध्य नहीं कर सकते।
समस्या के समाधान के लिए प्रमंडल के सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। यह कंट्रोल रूम जिला शिक्षा पदाधिकारी की निगरानी में कार्य करेगा, जहां अभिभावक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
आयुक्त ने जिला पदाधिकारियों को सुझाव दिया है कि वे एक समिति का गठन करें, जो यूनिफार्म और पुस्तकों की उचित कीमत तय करेगी, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने भी स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों से संबंधित किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह सतर्क है।