ईरान ने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर बुधवार को ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाई गई थी।
यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके जरिए देश के पूर्वी हिस्से से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल यनबू पोर्ट तक पहुंचाया जाता है। इसके साथ ही देश की दूसरी ऑयल फैसिलिटी भी प्रभावित हुई हैं।
वहीं लेबनान में इजराइल के हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई है और 800 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन हमलों को लेकर इजराइल ने कहा है कि यह उसका अब तक का सबसे बड़ा जॉइंट अटैक था।
उधर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ऐसे ही लेबनान पर हमले करता रहा, तो वह सीजफायर तोड़ सकता है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है।
रिपोर्ट- ईरान होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाया
ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है।
ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी।
ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है।
इस प्लान के तहत जहाजों को ईमेल के जरिए अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ईरान टैक्स तय करेगा, जो हर बैरल पर 1 डॉलर होगा, और इसे बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी में देना होगा।
ईरान जंग से जुड़ी तस्वीर…
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लेबनान से उत्तरी इजराइल की ओर दागे गए रॉकेट को इजराइली सेना ने इंटरसेप्ट कर लिया है। सेना के मुताबिक, प्रोजेक्टाइल को हवा में ही मार गिराया गया।
हमले के बाद उत्तरी इजराइल के गैलीली क्षेत्र में एयर रेड सायरन बजाए गए। लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया।
इजराइल ने लेबनान में अब तक के सबसे भारी हमले किए। इनमें 254 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। सीजफायर के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। दोनों तरफ से हमले जारी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO की आलोचना करते हुए कहा है कि यह गठबंधन जरूरत के समय अमेरिका के साथ नहीं खड़ा होता।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि NATO न पहले साथ था और न भविष्य में होगा। उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर भी टिप्पणी की और उसे बर्फ का टुकड़ा बताया।
ट्रम्प पहले भी डेनमार्क के नियंत्रण वाले ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इच्छा जता चुके हैं, जिसपर यूरोपीय देशों ने चिंता जाहिर की थी।
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