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Middle East Ceasefire: सीजफायर के बीच ट्रंप की ईरान को धमकी
Gulf War: लेबनान हमले का असर, जापान के शेयर बाजार में गिरावट
Middle East Ceasefire: रेजा पहलवी का ट्रंप पर पलटवार
इजरायली हमले से लेबनान में 250 से ज्यादा लोगों की मौत
Middle East War: सीजफायर के बीच फिर चले रॉकेट
हमले के चलते पत्रकारों की मौत
जब हमें नाटो की ज़रूरत थी, तब वे मौजूद नहीं थे: व्हाइट हाउस
लेबनान में इजरायली हमले, 250 लोगों की मौत
पाकिस्तान पर डाला गया था सीजफायर कराने का दबाव
सीजफायर के बाद भी इजरायली हमले जारी
क्या युद्धविराम अमेरिका की मजबूरी है?
इजरायली हमलों में 182 लोगों की मौत
इजरायली हमलों की संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा
सीजफायर में हिजबुल्लाह शामिल नहीं: नेतन्याहू
होर्मुज बिना रोक-टोक खोला जाए, ट्रंप की मांग
नेगोशिएशन के लिए पाकिस्तान भेजेंगे ट्रंप अपनी टीम
US-Israel-Iran War Latest Updates & LIVE News: एक महीने से अधिक समय से जारी जंग में सीजफायर की बात जरूर सामने आई है, लेकिन युद्ध को रोकना अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. सीजफायर के बाद भी हमलों की खबरें आती रही हैं. इस बीच व्हाइट हाउस सैन्य दबाव से हटकर अब कूटनीति की ओर कदम बढ़ा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च-स्तरीय टीम को ईरान के साथ शांति वार्ता करने के लिए पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है.
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने बताया कि ट्रंप चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल टैंकरों और अन्य जहाजों के लिए बिना किसी पाबंदी के खुला रहे.
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अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद शेख ने सीएनएन से बातचीत में एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि मौजूदा सीजफायर समझौते में लेबनान को भी शामिल किया गया है. अब तक इसे केवल अमेरिका और ईरान के बीच की डील माना जा रहा था, लेकिन इस नए खुलासे से मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है.
लेबनान की राजधानी बेरूत से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. दक्षिण बेरूत के घोबेरी इलाके में एक इजरायली मिसाइल ने 8 मंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया. हमले के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. बताया जा रहा है कि इजरायल ने हमले से करीब 40 मिनट पहले अरबी भाषा में चेतावनी जारी की थी, जिसके बाद लोग और पत्रकार वहां से सुरक्षित दूरी पर जमा हो गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमारत को गिराने के लिए बेहद शक्तिशाली 2,000 पाउंड के बम का इस्तेमाल किया गया.
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का समझौता तो हो गया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अभी भी बेहद सख्त हैं. ट्रंप ने ‘Truth Social’ पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना, जहाज और हथियार ईरान के चारों तरफ तैनात रहेंगे. ट्रंप ने लिखा कि जब तक समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, उनकी सेना वहीं डटी रहेगी. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी भी वजह से समझौता टूटा, तो जंग शुरू होगी, जो पहले से कहीं बड़ी और घातक होगी.
बेरूत में बुधवार को हुई भारी बमबारी के बाद अब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कड़ा रुख अपनाया है. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इजरायली हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांति की कोशिशों के लिए बड़ा खतरा बताया है. गुटेरेस के मुताबिक, आम नागरिकों की बढ़ती मौतें बेहद चिंताजनक हैं और इससे सीजफायर का माहौल बिगड़ सकता है.
बता दें कि कल बेरूत में हुए हमलों में 180 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. यह इस जंग का अब तक का सबसे खूनी दिन रहा है. UN प्रमुख ने सभी पक्षों से तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की है ताकि इलाके में दोबारा शांति बहाल की जा सके.
कल तक लग रहा था कि होर्मुज का रस्ता खुल जाएगा और सब ठीक हो जाएगा, लेकिन लेबनान से आई बमबारी की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया है. जापान के शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. चिप बनाने वाली कंपनियों और सॉफ्टबैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे गिर गए हैं. जानकारों का कहना है कि लोग अब इस उलझन में हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता सच में टिक पाएगा?
ईरान के पूर्व शासक के बेटे और निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि ईरान का शासन बदल चुका है. पहलवी ने ‘X’ पर लिखा कि अली खामेनेई भले ही मर चुके हों, लेकिन ईरान का शासन अब भी वही है क्योंकि इसका ‘DNA’ नहीं बदल सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि यह शासन अब भी पड़ोसियों पर रॉकेट दाग रहा है और अपने ही देश में इंटरनेट बंद करके जनता को बंधक बनाए हुए है.
सीजफायर के महज एक दिन बाद ही हालात फिर बिगड़ गए हैं. इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिसमें मरने वालों का आंकड़ा 254 तक पहुंच गया है. अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक कुल 1,534 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कह दिया है कि अमेरिका दोहरा खेल बंद करे. उन्होंने कहा कि अमेरिका को या तो सीजफायर चुनना होगा या फिर इजरायल के जरिए जंग. दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं. अराघची ने जोर देकर कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और पूरी दुनिया देख रही है.
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इजरायल और हिज़बुल्लाह के बीच की शांति डगमगाती दिख रही है. हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि इजरायल ने सीजफायर की शर्तें तोड़ीं, जिसके जवाब में उन्होंने उत्तरी इजरायल को निशाना बनाकर रॉकेट दागे हैं. हालात बिगड़ने की आशंका बनी हुई है.
बुधवार को अल जजीरा के एक संवाददाता की गाजा में इज़रायली हमलों में मौत हो गई, जैसा कि नेटवर्क और वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया. इसके अलावा दो लेबनानी पत्रकारों की मौत की खबर सामने आई है.
नाटो के प्रवक्ता Mark Rutte ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. Rutte ने एक मजबूत और अधिक न्यायसंगत गठबंधन बनाने के लिए सहयोगियों द्वारा निरंतर प्रयास जारी रखने के महत्व पर जोर दिया.
वहीं, व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “जब हमें नाटो की ज़रूरत थी, तब वे मौजूद नहीं थे, और अगर हमें उनकी फिर से ज़रूरत पड़ी, तब भी वे मौजूद नहीं होंगे. ग्रीनलैंड को याद रखें, वह बड़ा, अव्यवस्थित, बर्फ का टुकड़ा.”
“NATO WASN’T THERE WHEN WE NEEDED THEM, AND THEY WON’T BE THERE IF WE NEED THEM AGAIN. REMEMBER GREENLAND, THAT BIG, POORLY RUN, PIECE OF ICE!!!” – President Donald J. Trump pic.twitter.com/xgEV8P1n4n
पिछले महीने हिज़्बुल्लाह के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से इज़रायल ने लेबनान पर अपने सबसे भारी हमले किए. बुधवार को हुए इन हमलों में 250 से अधिक लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है. इन हमलों ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम उनके देश और अमेरिका के बीच हुए समझौते की एक अहम शर्त है. Reuters के मुताबिक, बुधवार को बेरूत में लगातार कम से कम 5 बड़े धमाके हुए हैं.
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने खुद को शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में पेश कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान पर ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम कराने के लिए दबाव डाला.
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सीजफायर के ऐलान के बाद भी इजरायल के लेबनान पर हमले जारी हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान–अमेरिका युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट और साफ हैं. अमेरिका को एक विकल्प चुनना होगा. या तो युद्धविराम, या फिर इजरायल के जरिए जारी युद्ध, दोनों एक साथ नहीं चल सकते.
अराघची ने कहा कि दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है. अब फैसला अमेरिका के हाथ में है.
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ट्रंप ने ईरान युद्ध से क्या पाया, क्या खोया?
क्या युद्धविराम अमेरिका की मजबूरी है?
ईरान युद्ध से बदल जाएगा वर्ल्ड आर्डर!
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लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में 182 लोगों की मौत हुई है. यह इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा मौतों का आंकड़ा है.
संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि सैकड़ों लोगों, जिनमें आम नागरिक भी शामिल हैं, उनके मारे जाने और घायल होने की खबरें बेहद भयावह हैं. यह घटनाक्रम ईरान के साथ हुए युद्धविराम के कुछ ही घंटों बाद सामने आया.
सीज़फायर पर इज़रायली पीएम का बड़ा बयान
हम अपने लक्ष्य को पूरा करेंगे: नेतन्याहू
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प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल टैंकरों और अन्य जहाजों के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रहे. यहां तक कि बिना किसी टोल के भी. लीविट ने कहा कि ट्रंप की तत्काल प्राथमिकता है कि होर्मुज को बिना किसी तरह की पाबंदी के फिर से खोला जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च-स्तरीय टीम को पाकिस्तान भेजने का फैसला लिया है. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने जानकारी दी है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के लिए नेगोशिएशन टीम भेज रहा है.
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