‘हिजबुल्लाह चीफ कासिम नईम को मार गिराया’, सीजफायर के बाद इजरायल का बड़ा दावा – News24 Hindi

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अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनने के बाद भी मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध कम नहीं हुई है. इजरायली सेना ने एक बड़े ऑपरेशन में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे और पर्सनल सेक्रेटरी अली यूसुफ हारशी को बेरूत में ढेर करने का दावा किया है. आईडीएफ के अनुसार यह हमला हिजबुल्लाह के नेतृत्व को कमजोर करने के लिए किया गया था और इसे संगठन के लिए एक बहुत बड़ा निजी झटका माना जा रहा है. हालांकि हिजबुल्लाह ने अब तक अपने बड़े नेता के परिवार के सदस्य की मौत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन इजरायल के इस दावे ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है.
ईरान के साथ युद्धविराम की खबरों के बीच लेबनान पर इजरायल के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं बल्कि इनकी रफ्तार और तेज हो गई है. बुधवार से शुरू हुए इन ताबातोड़ हमलों में अब तक 254 बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 1165 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं. इन हवाई हमलों में लेबनान के एक प्रमुख इमाम की भी मौत हो गई है जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और गम का माहौल है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही साफ कर दिया था कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं रहेगा और वे हिजबुल्लाह के खात्मे तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे.
यह भी पढ़ें: ईरान में गिरे US के विमान के मलबों पर किसका होगा मालिकाना हक, क्या कहता है इंटरनेशनल कानून?
लेबनान में बढ़ते इजरायली हमलों पर ईरान ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है और अमेरिका को सीधे शब्दों में चेताया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका को शांति और इजरायल के जरिए जंग में से किसी एक को चुनना होगा. उन्होंने साफ किया कि अगर लेबनान पर बमबारी तुरंत नहीं रोकी गई तो ईरान इस 14 दिनों के सीजफायर समझौते को बीच में ही रद्द कर देगा. अराघची के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और शांति के नाम पर इजरायल की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
हिजबुल्लाह चीफ के भतीजे की मौत और लेबनान में जारी खूनी मंजर ने इस समझौते के भविष्य पर काले बादल मंडरा दिए हैं. जानकारों का मानना है कि अगर इजरायल ने अपने हमले कम नहीं किए तो ईरान फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है और युद्ध के मैदान में सीधे कूद सकता है. पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका पर टिकी हैं कि वह अपने सहयोगी देश इजरायल को किस तरह शांत करता है ताकि क्षेत्र को एक बड़े महायुद्ध से बचाया जा सके. फिलहाल मिडिल ईस्ट के हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां एक छोटी सी चूक पूरी दुनिया को संकट में डाल सकती है.
अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनने के बाद भी मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध कम नहीं हुई है. इजरायली सेना ने एक बड़े ऑपरेशन में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे और पर्सनल सेक्रेटरी अली यूसुफ हारशी को बेरूत में ढेर करने का दावा किया है. आईडीएफ के अनुसार यह हमला हिजबुल्लाह के नेतृत्व को कमजोर करने के लिए किया गया था और इसे संगठन के लिए एक बहुत बड़ा निजी झटका माना जा रहा है. हालांकि हिजबुल्लाह ने अब तक अपने बड़े नेता के परिवार के सदस्य की मौत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन इजरायल के इस दावे ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है.
ईरान के साथ युद्धविराम की खबरों के बीच लेबनान पर इजरायल के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं बल्कि इनकी रफ्तार और तेज हो गई है. बुधवार से शुरू हुए इन ताबातोड़ हमलों में अब तक 254 बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 1165 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं. इन हवाई हमलों में लेबनान के एक प्रमुख इमाम की भी मौत हो गई है जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और गम का माहौल है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही साफ कर दिया था कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं रहेगा और वे हिजबुल्लाह के खात्मे तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे.
Reuters reports – Israel said on Thursday it had killed the nephew of Naim Qassem, the leader of the Iran-backed Lebanese group Hezbollah, in a strike on Beirut overnight.

"The IDF struck in the Beirut area and eliminated Ali Yusuf Harshi, the personal secretary and nephew of…
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लेबनान में बढ़ते इजरायली हमलों पर ईरान ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है और अमेरिका को सीधे शब्दों में चेताया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका को शांति और इजरायल के जरिए जंग में से किसी एक को चुनना होगा. उन्होंने साफ किया कि अगर लेबनान पर बमबारी तुरंत नहीं रोकी गई तो ईरान इस 14 दिनों के सीजफायर समझौते को बीच में ही रद्द कर देगा. अराघची के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और शांति के नाम पर इजरायल की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
हिजबुल्लाह चीफ के भतीजे की मौत और लेबनान में जारी खूनी मंजर ने इस समझौते के भविष्य पर काले बादल मंडरा दिए हैं. जानकारों का मानना है कि अगर इजरायल ने अपने हमले कम नहीं किए तो ईरान फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है और युद्ध के मैदान में सीधे कूद सकता है. पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका पर टिकी हैं कि वह अपने सहयोगी देश इजरायल को किस तरह शांत करता है ताकि क्षेत्र को एक बड़े महायुद्ध से बचाया जा सके. फिलहाल मिडिल ईस्ट के हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां एक छोटी सी चूक पूरी दुनिया को संकट में डाल सकती है.
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