छह महीने के भीतर… बंगाल में यूसीसी को लेकर गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान – Live Hindustan

Amit Shah: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति अपने उफान पर है। तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनैतिक दल लगातार मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर घुसपैठियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के आते ही केवल छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए घोषणा पत्र जारी करने के बाद कोलकाता में गृहमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित कई राज्यों ने पहले ही यूसीसी लागू कर दी है ताकि सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू हो। उन्होंने कहा, “भाजपा शासित कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता लागू कर दी है। छह महीने के भीतर हम बंगाल में भी इसे लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य भर के सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू हो।”
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के बनते ही अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर पशु तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम न केवल घुसपैठियों के खिलाफ बंगाल की सीमाओं को सील करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल के रास्ते भारत से एक भी गाय की तस्करी न हो।”
पार्टी के चुनावी घोषणापत्र के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि “संकल्प पत्र” राज्य में समाज के विभिन्न वर्गों की चिंताओं को दूर करने का एक रोडमैप प्रस्तुत करता है, जिससे बंगाल का हर वर्ग निराशा से बाहर निकल सकेगा।उन्होंने कहा, “यह घोषणापत्र बंगाल के हर वर्ग को निराशा से बाहर निकालने का मार्ग है। यह विभिन्न प्रकार के भय से घिरे किसानों को एक नया रास्ता दिखाएगा। यह घोषणापत्र बंगाल की जनता के सामने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत का रोडमैप भी प्रस्तुत करेगा।”
ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता टीएमसी के शासन से त्रस्त हो चुकी है और अब वह परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा, “जनता भयभीत और निराश है। जनता दिल से बदलाव चाहती है। आज हम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं।” शाह ने आगे कहा कि राजनीतिक हिंसा के सभी मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया जाएगा, और इसके अलावा, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था की बहाली के लिए तीन श्वेत पत्र पेश किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हम एक रिटायर सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन करेंगे। यह आयोग राजनीतिक हिंसा के सभी मामलों की जांच करेगा। चाहे निशाना कोई भी पार्टी हो। यह आयोग सुनिश्चित करेगा कि हर मामले का तार्किक निष्कर्ष निकले। भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की बहाली के लिए तीन श्वेत पत्र जारी किए जाएंगे।”
उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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