US Israel Iran War Live: कुछ ही देर में शहबाज शरीफ से मिलेगा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, शुक्रवार रात की थी मुनीर से मुलाकात – AajTak

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शहबाज शरीफ से मिलेगा ईरानी प्रतिनिधिमंडल
एक दिन चल सकती है वार्ता
US-Israel-Iran war: शांति वार्ता में देरी, अब दोपहर में शुरू होगा शांति का महामंथन
US-Israel-Iran war: एक घंटे में इस्लामाबाद पहुंचेंगे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. उनका विमान पाकिस्तान की धरती पर लैंड कर चुका है और अब सबकी नजरें इस ऐतिहासिक शांति वार्ता पर टिकी हैं. तय कार्यक्रम के मुताबिक, जेडी वेंस सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे. जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति डील को लेकर बातचीत का मुख्य दौर शुरू होगा. 
बतादें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मुलाकात की अहमियत को दुनिया के सामने रखते हुए इसे ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ (करो या मरो) वाली स्थिति बताया है. उनके मुताबिक, यह वार्ता स्थायी युद्धविराम की दिशा में आखिरी और सबसे बड़ा मौका है. पूरे मिडिल ईस्ट की शांति इस बैठक के नतीजों पर टिकी है. पाकिस्तान इस महावार्ता की मेजबानी कर रहा है और उसकी कोशिश है कि लंबे समय से चल रहे इस तनाव का कोई पक्का समाधान निकले.
वहीं, आगे की बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने सस्पेंस बरकरार रखा है. उन्होंने पिछली अमेरिकी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग 47 साल से सिर्फ बातें ही कर रहे थे. उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि कल की मीटिंग ही यह तय करेगी कि आगे क्या होगा. ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह आखिरी मुलाकात होगी या आगे भी दौर चलेगा, बस इतना कहा कि ‘हमें देखना होगा कि कल क्या नतीजा निकलता है.’
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ईरान की वार्ता टीम ने कल रात पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की थी और आज यह प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलेगा. ये मुलाकात दोपहर 1 बजे एक निर्धारित है
‘तस्नीम’ समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत कई दिनों तक चलने वाली खबरें गलत हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक अगर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो ये वार्ताएं एक दिन की ही होंगी. 
इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के लिए अमेरिका की हाई-प्रोफाइल टीम पाकिस्तान पहुंच गई है. अमेरिकी डेलिगेशन की अगुवाई कर रहे जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ अब से कुछ ही देर में ईरानी पक्ष के साथ चर्चा शुरू करेंगे. पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, यह टीम राष्ट्रपति ट्रंप का सीधा संदेश लेकर आई है.
 
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता में देरी की खबर है. पहले के कार्यक्रम के मुताबिक, यह बातचीत स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अब इसके दोपहर में शुरू होने की संभावना है. तस्नीम (Tasnim) न्यूज के मुताबिक, कुछ कारणों से शेड्यूल में बदलाव किया गया है. अब दोपहर के वक्त ही तय हो पाएगा कि दोनों देशों के बीच शांति डील को लेकर मुख्य चर्चा कब शुरू होगी.
 
शांति वार्ता में शामिल होने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का विमान अगले करीब एक घंटे में इस्लामाबाद लैंड कर सकता है. ओपन सोर्स फ्लाइट ट्रैकर के मुताबिक, उनकी यह स्पेशल फ्लाइट पेरिस से उड़ान भरकर सेंट्रल एशियाई देशों के रास्ते पाकिस्तान आ रही है. सुरक्षा के लिहाज से उनके विमान ने ईरान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया है और वहां से बचकर निकल रहा है. जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ईरान के साथ होने वाली इस अहम बैठक में शामिल होगा. पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त उनके विमान की लैंडिंग और उसके बाद शुरू होने वाली बातचीत पर टिकी हैं.
 

शांति वार्ता के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट सामने आई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के मुताबिक, भले ही युद्ध में ईरान की आधी ताकत खत्म हो गई हो, लेकिन उसके पास अब भी हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें बची हुई हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अपने अंडरग्राउंड ठिकानों से मिसाइल लॉन्चर्स को फिर से बाहर निकाल सकता है और उन्हें दोबारा एक्टिव करने की काबिलियत रखता है. यह खुलासा इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. लेकिन इंटेलिजेंस रिपोर्ट कहती है कि ईरान के पास अब भी 1000 से ज्यादा मीडियम रेंज की मिसाइलें सुरक्षित हैं.
 
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महावार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पूरी तरह तैयार है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक,  सुरक्षा के मद्देनजर संसद, सरकारी दफ्तरों, दूतावासों और बड़े होटलों वाले रेड जोन की ओर जाने वाली तमाम सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है. शहर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. ईरान का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है. इस दल की अगुवाई ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं. 
इस्लामाबाद में हो रही इस ऐतिहासिक शांति वार्ता में ईरान की ओर से 6 बड़े चेहरे शामिल हो रहे हैं. इस टीम का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं, जिनके साथ ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ भी मौजूद हैं. इनके अलावा, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की कमान संभालने वाले अली अकबर अहमदीन और अब्दोलनासेर हेम्मती भी वार्ता की मेज पर बैठेंगे. इसके अलावा, अनुभवी राजनयिक मजीद तख्त रवांची और सुरक्षा मामलों के जानकार मोहम्मद बागेर जोल्घाद्र भी वार्ता का हिस्सा बन सकते हैं.
वहीं, अमेरिका की ओर से 4 बेहद प्रभावशाली हस्तियां इस बैठक के लिए पाकिस्तान पहुंची हैं. इस हाई-प्रोफाइल टीम की अगुवाई खुद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं. उनके साथ डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद और उनके दामाद जारेड कुशनर भी शामिल हैं, जो पहले भी कई अहम समझौतों का हिस्सा रह चुके हैं. पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सैन्य रणनीतिकार वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर भी ईरान के साथ होने वाली इस चर्चा में अमेरिका का पक्ष रखेंगे.
चूंकि पाकिस्तान इस ऐतिहासिक शांति वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता कर रहा है, इसलिए देश के कई शीर्ष अधिकारी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस महाबैठक को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद होस्ट कर रहे हैं, जिनके साथ थल सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की मौजूदगी सुरक्षा और रणनीतिक लिहाज से बेहद खास है. इसके अलावा, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद असीम मलिक भी वार्ता की मेज पर मौजूद रहेंगे, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को सफल बनाया जा सके.
 
जेडी वेंस, कुश्नर, गलिबाफ, अराघची… इस्लामाबाद में शांति की मेज पर अमेरिका-ईरान से कौन-कौन, आ गई लिस्ट
 https://www.aajtak.in/world/story/us-iran-peace-talks-islamabad-pakistan-ghalibaf-araghchi-vance-to-attend-ntc-drmt-dskc-2520943-2026-04-11
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में आगाह किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी तरह का टैक्स या टोल वसूलने की कोशिश न करे. ट्रंप ने दो टूक कहा कि ‘यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और हम वहां ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे.’ उन्होंने साफ कर दिया कि अमेरिका इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा और वहां मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
 
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