India UAE Relations: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर गए हैं. इस दौरान डॉ. एस जयशंकर UAE के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे ताकि भारत-UAE संबंधों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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India UAE Relations: मिडिल ईस्ट में दो सप्ताह के लिए सीजफायर लागू होने के तुरंत बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर गए हैं. यहां वह 11-12 अप्रैल तक एक आधिकारिक दौरे के तहत UAE में रहेंगे और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग की समीक्षा करने तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए UAE के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे.
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कहा कि एस. जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की खाड़ी देशों की यात्राओं का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है. मिडिल ईस्ट में हाल के घटनाक्रमों पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये यात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर की जा रही हैं, ताकि भारत की ऊर्जा साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत, हमारे मंत्री ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खाड़ी देशों का दौरा कर रहे हैं. जैसा कि आप जानते हैं, विदेश मंत्री अभी मॉरीशस के दौरे पर हैं, जहां से वे 11 और 12 अप्रैल, 2026 को UAE की यात्रा करेंगे. वे UAE के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे ताकि भारत-UAE संबंधों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.”
उन्होंने आगे कहा कि भारत पड़ोसी देशों को उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में लगातार सहायता प्रदान कर रहा है, और बताया कि दो सप्ताह पहले श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद पहुंचाए गए थे।उन्होंने कहा, “जहां एक ओर हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं, वहीं हम पड़ोसी देशों को भी, उनके अनुरोध पर, उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमने दो सप्ताह पहले श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की थी.”
जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत मॉरीशस के साथ तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक ‘सरकार-से-सरकार’ (G-to-G) समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जिससे इस द्वीपीय राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है.
जीशान आलम Zee Media में ट्रेनी जर्नलिस्ट हैं. वह बिहार के छपरा के निवासी हैं और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है. सियासत और मुस्लिम माइनॉरिटी से जुड़ी ख़बरें वो आ…और पढ़ें
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