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केंद्र सरकार की ओर से संसद में परिसीमन विधेयक 2026 पेश किया गया है। अगर यह बिल पास हो जाता है तो लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 85 …और पढ़ें
Delimitation Bill 2026
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से आज संसद में तीन बिलों को पेश किया गया। इसमें से दो बिल देश के लिए एतिहासिक होने वाले हैं। एक बिल का उद्देश्य लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना और दूसरे बिल का उद्देश्य राज्यों की विधानसभा और निचले सदन लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर 33 फीसदी आरक्षण देना है।
केंद्र सरकार की ओर से संसद के विशेष सत्र में देश में अहम बदलाव लाने के लिए विधेयक पेश किये गए हैं। यह विधेयक महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से प्रभावी रूप से लागू करने और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित हैं। इनमें संविधान विधेयक (131st Amendment Bill) 2026 परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 शामिल हैं। संविधान जा 131वां संशोधन विधेयक महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव है।
अगर डीलिमिटेशन की बात की जाये तो आजादी के बाद से अब तक भारत में 4 बार Delimitation हो चुका है। परिसीमन लोकसभा और राज्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को पुनर्निर्धारित करने की प्रक्रिया है ताकि जनसंख्या के आधार पर समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। देश में कब-कब डीलिमिटेशन किया गया उसकी जानकारी निम्नलिखित है-
4 बार डीलिमिटेशन के बाद अब 5वीं बार परिवर्तन करने के लिए 131st Amendment Bill India पेश किया गया है। इसमें अब लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 तक हो जाएंगी। इसके साथ ही संसद में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीट्स को भी सुनिश्चित करना बिल का उद्देश्य है। ये 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित हैं, जिसमें महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था।
डीलिमिटेशन नयी जनगणना के आंकड़ों और जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समान जनसंख्या वाले क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व समान हो। ऐसे में यूपी, बिहार सहित कई राज्यों में सीटें बढ़ेंगी वहीं साउथ के कई राज्यों की सीटें कम होने का अनुमान है।
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