Hajj Pilgrims 2026: हज यात्रा 2026 की शुरुआत हो गई है, झारखंड से हजयात्रियों का जत्था, कोलकाता के लिए रवाना हो चुका है, जो 18 अप्रैल को जिद्दा के लिए उड़ान भरेंगे. असम और नॉर्थ ईस्ट के पांच राज्य के हाजी भी रवाना होंगे. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के हजयात्री भी 18 अप्रैल को उड़ान भरेंगे. हजयात्रियों की सुविधा के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं. साथ ही उन्हें अपने साथ कुछ खास जरूरी दस्तावेज़ रखने के लिए कहा गया है.
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Hajj Pilgrims 2026: हज 2026 का पाक सफर पर जाने की शुरुआत हो चुकी है. इसी कड़ी में झारखंड से टॉटल 1500 हज यात्री इस साल हज के लिए रवाना हो रहे हैं. वहीं, आज सैकड़ों आजमीन-ए-हज शाम की ट्रेन से कोलकाता के लिए रवाना होंगे और 18 अप्रैल को कोलकाता से जिद्दा के लिए उनकी फ्लाइट होगी. जम्मू-कश्मीर से भी हज उड़ानें 18 अप्रैल को श्रीनगर एम्बार्केशन पॉइंट से रवाना होंगी. असम और नॉर्थ ईस्ट के पांच राज्य के हाजी 18 तारीख से मक्का की लिए असम की गुवाहाटी स्थित इस्लामपुर हाजी मुसाफिरखाना से रवाना होंगे.
पूरे असम से इस बार 2569 हाजी रवाना होंगे, जिसमें 1765 पुरुष और 806 महिलाए हैं. इसमें से ज्यादातर हाजी कोलकाता, दिल्ली, मुंबई ,बैंगलोर, हैदराबाद से रवाना होंगे, लेकिन गुवाहाटी के इस्लामपुर हाजी मुसाफिरखाना से पहले हजिया गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वहां से विभिन्न स्टेट के एयरपोर्ट से मक्का के लिए उड़ान भरेंगे. हाजियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए नॉर्थ ईस्ट के पांच राज्य के हज रिसेप्शन कमेटी के अध्यक्ष NEKIBUR JAMAN पूरी तरह से तैयारी कर चुके हैं.
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और हज कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा, “हज के लिए हम लोगों ने मुकम्मल तैयारी कर ली है. आज जब हज यात्री कोलकाता के लिए रवाना होंगे तो उनसे दुआएं लेने के लिए वह भी सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर रेलवे स्टेशन जाएंगे.” उन्होंने कहा, “कोलकाता में भी झारखंड के हज यात्रियों के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं.”
उन्होंने बताया कि हज यात्रियों के सुविधा के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से जो सहायता मांगी गई थी वह सहायता मिली है. कोलकाता से पहले जत्था 18 अप्रैल को जिद्द के लिए रवाना होगा. उन्होंने बताया कि वह हज यात्रियों को रवानी करने के लिए जब रांची स्टेशन पहुंचेंगे तो उनसे राज्य और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं लेंगे, क्योंकि दुआओं का काफी असर होता है और दुआओं की बदौलत ही आज मैं मंत्री बना हूँ. उन्होंने बताया कि रांची से फ्लाइट नहीं भेजने की वजह कुछ तकनीकी खामी है और अगर कनेक्टिंग फ्लाइट दी जाती है तो खर्च ज्यादा बढ़ जाएगा इसीलिए उन्हें कोलकाता से रवाना किया जा रहा है. अगर कोई इबादत के लिए जा रहा है और थोड़ी कठिनाई होती है तो शिकायतें नहीं होगी.
जम्मू-कश्मीर से भी हजयात्री होंगे रवाना
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर से 2026 के लिए पहली हज उड़ानें 18 अप्रैल को श्रीनगर एम्बार्केशन पॉइंट से रवाना होंगी. आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन तीन उड़ानों की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए हज हाउस, बेमिना में तीर्थयात्रियों के रिपोर्ट करने का समय निर्धारित किया गया है. उड़ान QP-7521 के यात्रियों को सुबह 6:00 बजे से 6:30 बजे के बीच, QP-7520 से यात्रा करने वालों को सुबह 8:15 बजे से 8:45 बजे के बीच, और QP-7519 के तीर्थयात्रियों को सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है.
हजयात्रियों को ले जाने होंगे ये दस्तावेज
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से गुजारिश की है कि वे तय समय का सख्ती से पालन करें, ताकि उड़ान भरने की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके. तीर्थयात्रियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने साथ सभी जरूरी दस्तावेज़, जिनमें पासपोर्ट, वीज़ा की कॉपी और वैध स्वास्थ्य या टीकाकरण सर्टिफिकेट शामिल हैं, ज़रूर रखें.
हजयात्रियों के लिए किए गए हैं खास इंतजाम
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने इस साल हज यात्रियों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं. उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को एक सुरक्षित और मंगलमय यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं.
जीशान आलम Zee Media में ट्रेनी जर्नलिस्ट हैं. वह बिहार के छपरा के निवासी हैं और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है. सियासत और मुस्लिम माइनॉरिटी से जुड़ी ख़बरें वो आ…और पढ़ें
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