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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान के साथ पीस डील करने ख़ुद इस्लामाबाद जा सकते हैं.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ़ की और उन्हें अपना 'अच्छा दोस्त' बताया.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर इन दिनों शांति प्रक्रिया के प्रयासों के तहत तेहरान में हैं.
उन्होंने गुरुवार रात (भारतीय समयानुसार) राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से भी मुलाक़ात की.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से ईरान के साथ शांति वार्ता के बारे में और पाकिस्तान जाने की संभावना के बारे में जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, "पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है. मैं इस्लामाबाद जा सकता हूं. अगर पाकिस्तान में डील साइन होती है तो मैं इस्लामाबाद जा सकता हूं."
उन्होंने पाकिस्तान की लीडरशिप की तारीफ़ करते हुए कहा, "पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल और वहां के प्रधानमंत्री बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं. मैं वहां जा सकता हूं." मंगलवार को ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू हो सकती है.
इसके अलावा एक दूसरे सवाल के जवाब में उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाल ही में किए गए अपने फ़ोन कॉल का ज़िक्र करते हुए कहा, "मेरी उनसे बहुत अच्छी बात हुई. वो मेरे दोस्त हैं. वो बढ़िया काम कर रहे हैं."
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इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों के तहत पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं.
उन्होंने गुरुवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से भी बात की.
अमेरिका और ईरान के बीच बीते शनिवार को शांति वार्ता का पहला चरण इस्लामाबाद में 21 घंटे की बातचीत के बाद बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गया था.
उस बातचीत में अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ़, ज़ेरेड कुशनर और अमेरिकी अधिकारियों के साथ अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वांस शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे थे.
ईरानी दल की अगुआई ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने की थी.
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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.
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इसके अलावा गुरुवार रात ही (भारतीय समयानुसार) डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नेवादा में टैक्स डे राउंडटेबल के दौरान ईरान युद्ध के मुद्दे पर भी बात की है.
ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध 'बहुत जल्द ख़त्म हो जाना चाहिए.'
उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि ईरान में युद्ध से जुड़ा मुद्दा अच्छी प्रगति कर रहा है." और यह "बहुत जल्द ख़त्म हो जाना चाहिए."
व्हाइट हाउस का कहना है कि शांति वार्ता के दूसरे राउंड के बारे में बातचीत "चल रही है" लेकिन अभी इसका समय या जगह तय नहीं हुई है.
इससे पहले ईरान ने इसी सप्ताह कहा था कि अमेरिका अगर होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रखता है और ईरानी जहाज़ों के लिए असुरक्षा पैदा करता है तो युद्धविराम तोड़ा जा सकता है.
गौरतलब है कि अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी सोमवार से शुरू हुई थी.
बुधवार को अमेरिकी सेना ने कहा कि पहले 24 घंटे में कोई जहाज़ नाकाबंदी पार नहीं कर पाया जबकि ओमान की खाड़ी में छह व्यापारिक जहाज़ों को वापस लौटना पड़ा.
वहीं, ईरान की नई धमकियों से पहले रिकॉर्ड किए गए फ़ॉक्स न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना ज़्यादा जानकारी दिए कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट "खुल रहा है" और "जहाज़ वापस आ रहे हैं."
ईरान के मामले में ट्रंप ने कहा था कि "हमारा काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है", लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध ख़त्म होने के "बहुत क़रीब" है और अमेरिका ईरान के साथ "बड़ी डील" कर सकता है.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हथियारबंद समूह हिज़्बुल्लाह से अपील की है कि वो इसराइल के साथ लागू हुए संघर्ष-विराम का पालन करे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मुझे उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण समय के दौरान हिज़्बुल्लाह अच्छा और उचित बर्ताव करेगा."
ट्रंप ने आगे लिखा, "अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनके लिए एक 'महान' समय होगा अब और कोई हत्या नहीं होगी. आखिरकार शांति होनी ही चाहिए."
इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए घोषणा की थी कि लेबनान और इसराइल 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.
यह युद्धविराम भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह 2:30 बजे शुरू हो गया.
युद्धविराम की घोषणा वाले अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की.
तकनीकी तौर पर यह संघर्षविराम इसराइल और लेबनान के बीच है, जो हिज़्बुल्लाह का ठिकाना है.
एक इसराइली अधिकारी ने बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि संघर्षविराम के दौरान इसराइल केवल "हिज़्बुल्लाह की तरफ़ से किए हमलों" का ही सैन्य जवाब देगा.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि एक अधिक स्थायी शांति समझौते के लिए यह ज़रूरी होगा कि ईरान समर्थित इस समूह के हथियार ख़त्म किए जाएं.
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