नासिक स्थित टीसीएस की एक महिला कर्मचारी ने अपने कुछ सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि उसके टीम लीडर समेत अन्य कई कर्मचारियों ने उसके साख आपत्तिजनक व्यवहार किया. वह नौकरी जाने के डर से कोई शिकायत नहीं करती थी.
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Maharashtra News: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट से जुड़े एक कथित यौन उत्पीड़न पीड़िता ने आपबीती सुनाई है. संस्थान में बीपीओ यूनिट में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने अपने पांच पुरुष सहयोगियों पर महीनों से यौन उत्पीड़न, स्टॉकिंग और अनुचित तरीके छूने के गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के अनुसार, महिला ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया है.
दरअसल, पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसका उत्पीड़न जून 2025 से मार्च 2026 तक चला था. आरोपी कर्मचारियों की पहचान शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसिफ अत्तर और शफी शेख के रूप में हुई है. पीड़िता ने 20 जून 2025 को टीसीएस में एसोसिएट के रूप में ज्वाइनिंग की थी. ट्रेनिंग के दौरान से ही आरोपियों ने उससे अनुचि बातें करनी शुरू की थीं और परेशान करते थे.
महिला का आरोप जानिए
शिकायत के अनुसार, रजा मेमन जो विभाग का टीम लीडर था वह ट्रेनिंग रूम में आता था और व्यक्तिगत सुझाव भरी बातें करता था. महिला ने बताया कि कई बार रजा ने उससे कहा कि पति तो बाहर रहता है, तो तुम अकेले सब कैसे मैनेज करती हो. कोई भी आवश्कता हो, तो मैं हमेशा तैयार हूं. इतना ही नहीं टीम लीड़र रजा ने पीड़िता को प्लेयर बुलाना शुरू कर दिया था.
इसके अलावा अन्य आरोपी आसिफ अंसारी ने बार-बार पीड़िता के पास आकर अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की. हाथ पकड़ने की भी कोशिश की और कई बार कंधे पर हाथ भी रखा और जबरदस्ती गले लगाने की कोशिश की. पीड़िता का कहना है कि ये सब उसे बिल्कुल पंसद नहीं, लेकिन नौकरी जाने के डर से उसने किसी को कुछ नहीं बताया.
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने की कोशिश की. इनमें से एक आरोपी ने कहा कि तुम्हारे धर्म मे महिलाओं का बलात्कार होता, क्योंकि वह बुर्का नहीं पहनती हैं. इसके अलावा हिंदू-देवी देवाताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की. वहीं, एक अन्य आरोपी तौसिफ अत्तर ऑफिस के बाद टेलीकॉम सिखाने के बहाने उनके गाल से गाल सटाकर कंधे और जांघ पर हाथ फेरते थे. पीड़िता ने कहा कि वह नौकरी जाने के डर की वजह से शिकायत नहीं दर्ज करा रही थी.
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आरोपियों के खिलाफ कंपनी का एक्शन
इस पूरे मामले में टीसीएस का बयान सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाती है. सभी नामजद कर्मचारियों को जांच पूरा होने तक सस्पेंड कर दिया गया है. हैरान करने वाली बात है कि यह मामला टीसीएस नासिक यूनिट में महिलाओं पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के बड़े विवाद का हिस्सा है. हाल में ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है.
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अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजन…और पढ़ें
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