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उत्तर प्रदेश के झांसी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शक के नौ साल बाद पति ने शक के चलते अपनी पत्नी की जान ले ली.
मृतका की पहचान 27 साल की धनदेवी के रूप में हुई है, जो मोंठ थाना क्षेत्र के चेलरा गांव की रहने वाली थी. परिजनों के मुताबिक, साल 2016 में गांव के ही हरिओम विश्वकर्मा धनदेवी को भगा ले गया था. उस समय परिवार ने मामला दर्ज कराया था, लेकिन बाद में दोनों ने शादी कर ली और मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के वीरपुरा गांव में रहने लगे.
परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ साल बाद से ही हरिओम अपनी पत्नी पर शक करने लगा था. किसी से बात करने पर भी विवाद होता था और अक्सर मारपीट की नौबत आ जाती थी. करीब चार महीने पहले इसी प्रताड़ना से तंग आकर धनदेवी अपनी बहन के पास इंदरगढ़ चली गई थी और वहीं नौकरी करने लगी थी.
बताया जा रहा है कि आरोपी पति ने अपने बेटे की बीमारी का बहाना बनाकर 8 अप्रैल को धनदेवी को ससुराल बुलाया. रात में घर पहुंचने के बाद उसने पत्नी के साथ विवाद किया और फिर हमला कर दिया. आरोप है कि ससुर धनश्याम ने भी मारपीट की और बाद में कुल्हाड़ी उठाकर बेटे को दे दी. इसके बाद हरिओम ने पत्नी पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई.
गंभीर हालत में पहले उसे टीकमगढ़ ले जाया गया, जहां से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. इलाज के दौरान धनदेवी ने अपने साथ हुई घटना की पूरी जानकारी परिजनों को दी, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई. मामले में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है. मध्यप्रदेश पुलिस के अनुसार, पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब महिला की मौत के बाद धाराएं बढ़ाई जा रही हैं. आरोपी पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
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