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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहली बार कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और ईरान को इस रास्ते को जहाजों के सामान्य आवागमन के लिए खोलना चाहिए. जिनपिंग का ये बयान तब आया है जब ईरान बार बार कहता है कि इस जलमार्ग पर उसका प्राकृतिक अधिकार है और इससे उसे कोई अलग नहीं कर सकता है. ईरान के स्टैंड के विपरीत पहली बार चीन के राष्ट्रपति का ऐसा बयान आया है.
शी जिनपिंग ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत के दौरान कहा, “होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का सामान्य आवागमन बना रहना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों को पूरा करता है.”
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने और उसके बाद मौजूदा संघर्ष में अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी किए जाने के मुद्दे पर किसी चीनी नेता का यह पहला बयान है.
इस जलमार्ग के बंद होने से पूरी दुनिया में खासकर एशिया में ऊर्जा की भारी कमी हो गई है. चीन जो ईरानी तेल का एक प्रमुख आयातक है, अमेरिका-इज़रायल-ईरान युद्ध के लंबे समय तक चलने को लेकर लगातार चिंतित है.
शी की टिप्पणियां इसलिए महत्वपूर्ण थीं क्योंकि चीन ने पश्चिम एशिया में एक “बड़ी कूटनीतिक सफलता” हासिल की थी, जब उसने मार्च 2023 में दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों ईरान और सऊदी अरब को एक साथ ला दिया था. इसके परिणामस्वरूप दोनों देशों ने अपने कूटनीतिक संबंध फिर से बहाल कर लिए.
लेकिन अमेरिका-ईरान संघर्ष ने इस पूरी स्थिति को बदल दिया है. ईरान ने सऊदी अरब और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमले किए हैं और साथ ही अपने खिलाफ अमेरिका के युद्ध का मुकाबला करने के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को भी बंद कर दिया है.
इसके अलावा चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि अमेरिकी नौसेना ने एक मालवाहक जहाज़ पर गोलीबारी की है. यह जहाज चीन से चलकर ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था और उसने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती दी थी.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने यहां एक ब्रीफिंग में कहा, “हम अमेरिका द्वारा जहाज को जबरदस्ती रोकने की घटना को लेकर चिंतित हैं और उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष जिम्मेदारी से संघर्ष विराम समझौते का पालन करेंगे, विवादों को बढ़ाने और तनाव को बढ़ाने से बचेंगे, और स्ट्रेट से सामान्य आवाजाही की बहाली के लिए जरूरी स्थितियां उपलब्ध कराएंगे.”
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को एक अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग भी बताया. गुओ ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के लिए एक स्ट्रेट है. इस क्षेत्र को सुरक्षित और स्थिर रखना और बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करना क्षेत्रीय देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा हित में है.”
होर्मुज में भारतीय जहाजों पर ईरानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर गुओ ने कहा, “मैंने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर चीन का रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है. हम यह दोहराना चाहेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे जहाजों के आवागमन के लिए खुला रखना इस क्षेत्र के देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों को पूरा करता है.”
बता दें कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के दूसरे राउंड की वार्ता की मेजबानी के लिए तैयारियां कर रहा है. इस वार्ता को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.
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