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ऐपल मे 15 साल के बाद सबसे बड़ा बदलाव हो रहा है. टिम कुक ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. कंपनी को नया सीईओ भी मिल गया है. हालामकि कुक सितंबर तक सीईओ पद पर बने रहेंगे. मौजूदा हार्डवेयर हेड जॉन टर्नस हैं और उन्हें ही कंपनी का नया सीईओ चुन लिया गया है. जॉन टर्नस की जगह अरब-इजरायली जॉन स्रूजी ले रहे हैं.
जॉनी स्रूजी कौन हैं?
ऐपल ने जॉनी स्रूजी को Chief Hardware Officer बना दिया है, यानी अब iPhone, iPad, Mac और आने वाले सभी बड़े हार्डवेयर प्रोडक्ट्स की कमान उनके हाथ में होगी. यह सिर्फ एक प्रमोशन नहीं है, बल्कि ऐपल की पूरी हार्डवेयर स्ट्रैटिजी में बड़ा शिफ्ट माना जा रहा है.
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जॉनी स्रूजी 2008 में Apple से जुड़े थे और तब से लेकर अब तक उन्होंने कंपनी के सबसे अहम टेक्नोलॉजी ट्रांजिशन को लीड किया है. Apple का खुद का सिलिकॉन बनाना, यानी A-सीरीज और बाद में M-सीरीज चिप्स, इसी विजन का हिस्सा था. A4 चिप से शुरू हुआ सफर आज M3 और उससे आगे तक पहुंच चुका है, जिसने Mac को Intel से अलग कर दिया और Apple को पूरी तरह कंट्रोल्ड इकोसिस्टम दे दिया.
अरब-इजरायली हैं स्रूजी
स्रूजी का जन्म इजरायल में हुआ और उनका बैकग्राउंड अरब-इजरायली है. उन्होंने Technion Israel Institute of Technology से पढ़ाई की और Apple से पहले Intel और IBM जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया. यही वजह है कि उन्हें हार्डवेयर और चिप डिजाइन दोनों की गहरी समझ है, जो ऐपल के लिए सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है.
अब ऐपल ने हार्डवेयर टीम को एक नई स्ट्रक्चर में रीऑर्गनाइज किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी हार्डवेयर को पांच बड़े हिस्सों में बांट रही है, जिसमें सिलिकॉन, हार्डवेयर इंजीनियरिंग, डिस्प्ले और सेंसर टेक्नोलॉजी, बैटरी और पावर मैनेजमेंट, और एडवांस्ड प्रोडक्ट डेवलपमेंट शामिल हैं. इन सभी को एक साथ जोड़कर स्रूजी के अंडर लाया गया है. इसका मतलब साफ है कि अब ऐपल प्रोडक्ट्स और भी ज्यादा इंटीग्रेटेड होंगे.
बदलाव का असर iPhone पर
इस बदलाव का सीधा असर iPhone के डिजाइन और परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है. अभी तक Apple में अलग-अलग टीमें अलग-अलग हिस्सों पर काम करती थीं, लेकिन अब जब चिप, बैटरी, कैमरा और बाकी हार्डवेयर एक ही लीडर के नीचे आएंगे, तो प्रोडक्ट डिजाइन ज्यादा सिंक्रोनाइज्ड होगा.
इससे बैटरी लाइफ, हीट मैनेजमेंट और AI प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.
Apple पहले ही AI को लेकर काफी लेट हो चुका है और आने वाले iPhones में ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. स्रूजी का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि वह परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी को साथ लेकर चलते हैं.
यही वजह है कि Apple Silicon ने लैपटॉप इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव किया. अब यही अप्रोच iPhone में और ज्यादा गहराई से लागू हो सकती है.
मजबूत होगा सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर इंटीग्रेशन
एक और बड़ा बदलाव यह है कि Apple अपनी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन को और मजबूत करना चाहता है. स्रूजी का रोल यहां बेहद अहम हो जाता है, क्योंकि वह पहले से ही iOS, macOS और हार्डवेयर के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए जाने जाते हैं. आने वाले समय में iPhone सिर्फ एक स्मार्टफोन नहीं, बल्कि AI डिवाइस के रूप में भी देखा जा सकता है.
यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब कंपनी की टॉप लीडरशिप में भी हलचल है. CEO टिम कुक के बाद नई लीडरशिप स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है और जॉन टर्नस को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. ऐसे में स्रूजी का रोल और भी ज्यादा अहम हो जाता है, क्योंकि Apple की असली ताकत हमेशा से उसका हार्डवेयर रहा है.
नए फेज में है ऐपल
अगर आप इसे आसान भाषा में समझें, तो Apple अब एक नए फेज में जा रहा है, जहां हर चीज खुद कंट्रोल करने की रणनीति और मजबूत होगी.
चिप से लेकर कैमरा और बैटरी तक, सब कुछ इन-हाउस और एक ही विजन के तहत डिजाइन किया जाएगा. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि आने वाले iPhones का डिजाइन और एक्सपीरियंस पूरी तरह बदल सकता है.
कुल मिलाकर, जॉनी स्रूजी अब Apple के उस इंजन के ड्राइवर बन चुके हैं, जो कंपनी के सबसे बड़े प्रोडक्ट्स को आगे बढ़ाता है. उनकी लीडरशिप में Apple सिर्फ अपग्रेड नहीं करेगा, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए नया स्टैंडर्ड सेट करने की कोशिश करेगा.
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