कोलकाता. बांग्लादेश इन दिनों अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. पड़ोसी देश में हिंसा चरम पर है. मौत कब किसके दरवाजे पर दस्तक दे दे यह किसी को मालूम नहीं. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस अभी तक देश को संभालने और उसे एकजुट करने में पूरी तरह से विफल रहे हैं. दूसरी तरफ, बॉर्डर पर भी इसका असर देखा जा रहा है. बड़ी तादाद में बांग्लादेशी बॉर्डर क्रॉस कर इंडिया में प्रवेश कर रहे हैं. स्मगलर उथल-पुथल के माहौल का फायदा उठाकर भारत के लिए खतरा पैदा करने में जुटे हैं. इंडिया-बांग्लादेश बॉर्डर पर तो तस्करों ने हद ही कर दी. स्मगलर्स के एक ग्रुप ने BSF के जवानों पर ही हमला कर दिया. भारत के सतर्क जवानों ने माकूल जवाब दिया है.
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर गुरुवार रात बांग्लादेश के मवेशी तस्करों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमला किया. अर्द्धसैनिक बल की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है. जवानों ने आत्मरक्षा के तौर पर जवाबी कार्रवाई करते हुए तस्करी के प्रयास को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया और 10 सांड बरामद किए. बीएसएफ कर्मियों ने खुटादाह सीमा चौकी (बीओपी) पर तस्करों को मवेशियों के साथ भारतीय सीमा की बाड़ के पास आते देखा. इस दौरान वह तस्कर बांग्लादेश की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके भारत में घुस आए.
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बॉर्डर पर बाड़ काटने की कोशिश
बीएसएफ जवानों द्वारा उन्हें रुकने के लिए जो चेतावनी दी गई, तस्करों ने उसे नजरअंदाज कर दिया. वह आक्रामक तरीके से आगे बढ़े और धारदार भालों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने सीमा की बाड़ को काटने की कोशिश की. इसके जवाब में बीएसएफ के एक जवान ने चेतावनी के तौर पर एक खाली गोली चलाई. बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंधेरे और उबड़-खाबड़ इलाके का फायदा उठाकर तस्कर बांग्लादेश भाग गए.
गजब की चीजें जब्त
इसके बाद इलाके की तलाशी में हरियाणा मूल के आठ सांड और हमलावरों द्वारा छोड़े गए तीन धारदार भाले बरामद हुए. बयान में कहा गया है कि पिपली बीओपी (कोलकाता सेक्टर) और बीओपी एचसी पुर और नवादा (मालदा सेक्टर) में इसी तरह की तस्करी के प्रयास एवं हमलों की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों के बारे में चिंता जताने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ नियमित बैठक के बावजूद बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.