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अमेरिका और इजरायल के साथ लंबे तनाव और संघर्ष के बाद ईरान ने एक अहम कदम उठाते हुए कमर्शियल उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है. राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शनिवार को दो महीने बाद पहली बार नियमित उड़ानें संचालित की गईं. इसे जंग के बाद सामान्य हालात की ओर लौटने का संकेत माना जा रहा है.
सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान से पहली उड़ानें तुर्की के इस्तांबुल, ओमान के मस्कट और सऊदी अरब के मदीना के लिए रवाना हुईं. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब हाल ही में अमेरिका के साथ सीजफायर लागू हुआ है, जिसके बाद ईरान ने धीरे-धीरे अपना एयरस्पेस खोलना शुरू किया था. अब कमर्शियल फ्लाइट्स की बहाली से यह साफ हो रहा है कि हालात धीरे-धीरे स्थिर होने की दिशा में बढ़ रहे हैं.
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हालांकि, जमीन पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में अब भी भारी असर देखा जा रहा है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है. यही वजह है कि सीजफायर के बावजूद आर्थिक दबाव बना हुआ है.
इस बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद पहुंचकर पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत की. पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है.
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दूसरी तरफ, ट्रंप प्रशासन ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेयर्ड कुश्नर को पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है. व्हाइट हाउस का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान की तरफ से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, हालांकि दोनों देशों के बीच सीधे संवाद की बजाय अभी भी अप्रत्यक्ष बातचीत ही जारी है.
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