सिटी रिपोर्टर | बिंद
प्रखंड क्षेत्र के बरहोग गांव में आयोजित श्री श्री 1008 श्री हनुमंत महायज्ञ सह श्री श्री 1008 श्री हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में रासलीला सह रामकथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालू इस आयोजन का लाभ उठा रहे हैं। दूर- दूर से श्रद्धालु रासलीला देखने और कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में वृंदावन की प्रसिद्ध रास मंडली द्वारा शनिवार की देर शाम रासलीला का बहुत ही मनमोहक व जीवंत मंचन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कलाकारों ने बहुत ही जीवंत कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
रासलीला का मंचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का भी सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। अत्याचारी राजा कंस द्वारा बाल कृष्ण के वध के लिए राक्षसी पूतना को गोकुल भेजे जाने का प्रसंग बहुत ही आकर्षण का केंद्र रहा। पूतना ने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर बाल कृष्ण को गोद में लिया और विषैले स्तनों से दूध पिलाने का प्रयास किया।
अंतर्यामी भगवान श्रीकृष्ण ने उसकी मंशा को भांपते हुए उसके स्तन को पकड़ लिया और विष के साथ उसके प्राण ही खींच लिए। इसके बाद पूतना अपने वास्तविक राक्षसी रूप में प्रकट हुई और गोकुल के बाहर गिरकर मर गई। इस दृश्य का मंचन इतना प्रभावशाली रहा कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मोक्ष की हुई प्राप्ति
रासलीला के दौरान बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष की प्राप्ति हुई। उसके अंतिम संस्कार के दौरान उठने वाला धुआं भी सुगंधित बताया गया, जो उसके मातृत्व भाव को दर्शाता है।
आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूरी व्यवस्था यज्ञ समिति और स्वयंसेवकों के सहयोग से सुचारू रूप से संचालित की गई।
उतारी गई आरती, पूतना वध को देख भावविभोर हुए दर्शक लीला प्रारंभ होने से पूर्व यज्ञ समिति के सदस्यों ने विधिवत भगवान श्रीकृष्ण और राधा की आरती उतारी। इसके बाद महारास के साथ रासलीला की शुरुआत हुई। महारास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के बीच अटूट प्रेम और भक्ति का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देख श्रद्धालु झूम उठे। पूरा पंडाल ‘राधे-श्याम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
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