खत्म हो जाएगा पश्चिम एशिया संकट? ईरान ने अमेरिका को भेजा प्रस्ताव, 3 मुद्दे अहम – Hindustan Hindi News

Donald Trump: पश्चिम एशिया के संकट को धीरे-धीरे खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं। दोनों ही पक्षों की तरफ से अब इस लड़ाई को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने सीजफायर करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव दिया है। हालांकि मुख्य रूप से तीन मुद्दों के ऊपर बात फंसी हुई है। इस नए प्रस्ताव में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे के लिए टालने की बात कही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों इस्लाबाद की यात्रा पर आए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस प्रस्ताव को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंपा था। इस प्रस्ताव के जरिए ईरान का मुख्य उद्देश्य होर्मुज को खोलना और अमेरिका की नाकेबंदी को दूर करना है। क्योंकि अमेरिका इस मोर्चाबंदी को ज्यादा समय तक लगाए रह सकता है, लेकिन ईरान के लिए यह संकट का रूप ले लेगी। बता दें,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बात से भली भांति परिचित हैं। इसलिए वह युद्ध को खत्म करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन नाकेबंदी को तोड़ने के प्रस्ताव से परहेज कर रहे हैं।
अमेरिका के खिलाफ लड़ाई में काफी नुकसान झेल चुका ईरान अब बातचीत की टेबल पर अपनी बात को मजबूती से रखने का विकल्प तलाश रहा है। इसी क्रम में उसने इस नए प्रस्ताव में मुख्य रूप से तीन बातें रखी हैं। इसमें सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और अमेरिका द्वारा नाकेबंदी को हटाने का प्रस्ताव है। दूसरे नंबर पर युद्ध खत्म करना और लंबी अवधि के लिए सीजफायर को बढ़ाने पर सहमति जताने की बात कही गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इन दो बातों पर अमेरिका सहमति दे भी सकता है, लेकिन तीसरी बात के लिए उसके राजी होने की संभावना कम है। तीसरी बात में अमेरिका और इजरायल के उस डर को बताया गया है, जिसको लेकर यह युद्ध शुरू किया गया था। ईरान की तरफ से गए प्रस्ताव में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को बाद में बातचीत के लिए रखा गया है। ईरान का कहना है कि पहले शांति स्थापित कर ली जाए उसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर बात शुरू की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका को पाकिस्तान के जरिए ईरान का यह प्रस्ताव मिल चुका है। हालांकि अभी तक वाइट हाउस ने इस पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, जब वाइट हाउस की प्रवक्ता से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका कोई भी ऐसा समझौता नहीं करेगा, जिससे उसके हितों को नुकसान हो। या ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने में मदद मिले।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच में शांति वार्ता को लेकर यह चर्चा ऐसे समय में शुरू हुई है, जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से परेशान है। ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी नेतृत्व से बात करने के बाद वापस लौट गया। दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी टीम को इस्लामाबाद भेजने से इनकार कर दिया।
ईरान भले ही इस नए प्रस्ताव को लेकर उत्साहित हो, लेकिन अमेरिका के इस पर मानने की संभावना कम है। क्योंकि अगर अमेरिका इस प्रस्ताव पर मानता है, तो वह युद्ध की पहले वाली स्थिति में ही लौट जाएगा। जहां पर होर्मुज खुला हुआ था। दोनों देशों के बीच में तनाव वाली शांति थी और ओमान में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत हो रही थी।
उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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