Farming in India: भारतीय कृषि प्रधान देश है और आज भी देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है. बदलते समय के साथ जहां एक और युवा बड़े शहरों में नौकरी की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती करना भी चुन रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि खेती के मामले में देश का कौन सा राज्य सबसे आगे है. जहां युवा अपना लाखों का पैकेज छोड़कर पुश्तैनी जमीन में खेती संभाल रहे हैं.
इन राज्यों में सबसे ज्यादा किसान आबादी
देश की सबसे ज्यादा किसान आबादी वाले राज्य में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और राजस्थान प्रमुख है. इन राज्यों में बड़ी संख्या में लोग खेती किसानी से जुड़े हुए हैं. यही उनकी आय का मुख्य सोर्स भी है.
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में खेती
सबसे पहले बात करें उत्तर प्रदेश की तो यहां 33 लाख से ज्यादा किसान है. राज्य के ऊपर जमीन और पर्याप्त जल संसाधन इसे गेहूं, चावल, गन्ना और दालों की लिए की खेती के लिए बहुत अनुकूल बनाते हैं. यही वजह है कि यहां के अधिकांश परिवार खेती पर ही निर्भर है. वहीं मध्य प्रदेश भी इस मामले में पीछे नहीं है. करीब 30 लाख किसानों वाला यह राज्य देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है. यहां गेहूं, सोयाबीन, दलहन और तिलहन की बड़ी मात्रा में खेती होती है. यहां सिंचाई और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं भी चल रही है.
ये भी पढ़ें-Farm Machinery Bank Benefits: खेती के लिए इस बैंक से किराए पर मशीनें ले सकते हैं किसान, जानें कैसे उठा सकते हैं फायदा?
हरियाणा, तेलंगाना और राजस्थान में खेती
हरियाणा में 27 लाख से ज्यादा किसान है और यह राज्य गेहूं व चावल उत्पादन के लिए जाना जाता है. हरित क्रांति में अहम भूमिका निभाने वाले इस राज्य में आधुनिक खेती तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बड़ा है. जिससे उत्पादन में लगातार सुधार हुआ है. वहीं तेलंगाना में लगभग 18 लाख किसान खेती से जुड़े हुए हैं. यहां धान के साथ-साथ कपास, मक्का और मिर्च की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है. सिंचाई परियोजनाओं के जरिए किसान को बेहतर पानी की सुविधा मिल रही है, जिससे उत्पादन में इजाफा हुआ है. वहीं राजस्थान को भौगोलिक रूप से शुष्क राज्य माना जाता है, यहां भी 15 लाख से ज्यादा किसान खेती करते हैं. यहां बाजरा, सरसों और गेहूं जैसी फसलें उगाई जाती है. कई क्षेत्र में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी निर्भर है.
ये भी पढ़ें-यूपी में देशी गायों की डेयरी पर मिल रही 50% सब्सिडी, इस योजना में मिल रहा है कमाई का बड़ा मौका
कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है.
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए.
इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
Source: IOCL
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.