जो गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो सनातन धर्म को मानने वालों के लिए पूजनीय है, वो बंगाल के सीमावर्ती ज़िलों से गायब होती जा रही है. बांग्लादेश से आए घुसपैठियों ने इस कदर गाय को निशाना बनाया कि लोगों ने गो माता को मजबूरी में रखना ही छोड़ दिया.
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रचंड बहुमत में आने के बाद अब सबसे पहला टारगेट होंगे घुसपैठिये. वही घुसपैठिये जिन्हें ममता बनर्जी के शासनकाल में कवच मिलता था. लेकिन अब बीजेपी अपने वादे के मुताबिक बंगाल से घुसपैठियों को बाहर निकालने का प्लान बनाने की तैयारी कर रही. इस बीच ZEE NEWS संवाददाता पश्चिम बंगाल से लगी बांग्लादेश की सीमा पर पहुंचे. बांग्लादेश बॉर्डर से सटे बंगाल के गांव गाय विहीन हो गए हैं, लेकिन क्यों? बांग्लादेश बॉर्डर से ज़ी न्यूज़ की एक्सक्सूलिव रिपोर्ट.
चुनाव प्रचार के दौरान देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 5 तारीख के बाद एक भी व्यक्ति बंगाल में घुसपैठ नहीं कर पाएगा. हम चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे. बंगाल में बीजेपी सत्ता में आ गई, 5 मई की तारीख भी आ गई. अब बंगाल से घुसपैठियों की विदाई होगी?
भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में घुसपैठ बंद होगी। जो घुसपैठिए घुस चुके हैं, उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।
বিজেপি সরকার গঠিত হলে বাংলায় অনুপ্রবেশ বন্ধ হবে। যারা ইতিমধ্যেই অনুপ্রবেশ করেছে, তাদের প্রত্যেককে বাইরে বের করে দেওয়া হবে।#BJPKeVoteDin pic.twitter.com/gU59MQQYs8
— Amit Shah (@AmitShah) April 23, 2026
भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में घुसपैठ बंद होगी। जो घुसपैठिए घुस चुके हैं, उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।
বিজেপি সরকার গঠিত হলে বাংলায় অনুপ্রবেশ বন্ধ হবে। যারা ইতিমধ্যেই অনুপ্রবেশ করেছে, তাদের প্রত্যেককে বাইরে বের করে দেওয়া হবে।#BJPKeVoteDin pic.twitter.com/gU59MQQYs8
— Amit Shah (@AmitShah) April 23, 2026
पश्चिम बंगाल में जिस रूट से घुसपैठियों की विदाई होगी, उसी रूट पर पहुंचे ज़ी मीडिया के दो रिपोर्टर.
भारत और बांग्लादेश को जोड़ने वाली ये दोनों सीमाएं पश्चिम बंगाल में हैं. पेट्रोपोल बॉर्डर उत्तर 24 परगना जिले में है तो रानाघाट बॉर्डर बंगाल के नदिया जिले में है. बीजेपी की सत्ता बनने के बाद दोनों बॉर्डर पर क्या हालात हैं, ये जानने की कोशिश की ज़ी मीडिया ने.
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास रानाघाट में बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं. 4 मई से तो यहां सुरक्षा और सख्त कर दी गई है. सुरक्षा इसलिए बढ़ाई गई है, ताकि कोई घुसपैठिया चुपके से वापस बांग्लादेश की सीमा में न भाग जाए.
बॉर्डर के आस-पास के हिंदू गांव को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गांव में रहने वाले हिंदुओं ने अब गाय पालना ही छोड़ दिया है क्योंकि गोतस्कर गांव के लोगों की गाय और बछड़ों को चोरी कर ले जाते हैं और कई बार तो बंदूक की नोक पर खोलकर ले जाते हैं.
ज़ी न्यूज़ की टीम जब सीमावर्ती ज़िले नदिया के एक गांव पहुंची तो गाय को ताले में बंद पाया. नदिया के झोरपवाड़ा गांव में बहुत ढूंढ़ने के बाद हमें एक घर में एक गाय मिली. गाय पालने वाले ने सुरक्षा के लिए गाय के गले में ताला लटका रखा था. सोचिए सुरक्षा को लेकर लोग इतने परेशान रहते हैं कि उन्हें गो माता के गले में ताला लटकाना पड़ता है. उन्हें गाय की सुरक्षा के लिए रात-रात भर जागना पड़ता है.
एक स्थानीय महिला ज़ी मीडिया से बात कर रो पड़ी, क्योंकि उसकी गाय को गोतस्कर ले गए. बांग्लादेश में तस्करी कर ले जाने वाले गाय के मांस का कारोबार होता है.
बॉर्डर के आस-पास के गांव गाय विहीन हो चुके हैं. वहां रहने वाले हिंदू डरे रहते हैं कि कब उनकी गाय को कोई तस्कर चुराकर या फिर धमकाकर ले जाएगा. अब बीजेपी के सत्ता में आने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि गाय तस्करी पर लगाम लगेगी.
भारत-बांग्लादेश सीमा का 2,200 किलोमीटर से ज़्यादा हिस्सा पश्चिम बंगाल में है. इसमें से क़रीब 560 किलोमीटर की फेंसिंग नहीं की गई है. इसी के ज़रिए गायों की तस्करी होती रही है.
2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल 20 लाख से ज़्यादा भारतीय मवेशी की बांग्लादेश में तस्करी होती है. तस्करी का मुख्य रूट मुर्शिदाबाद, मालदा और नदिया जैसे ज़िले हैं. तस्करी के लिए गाय पश्चिम बंगाल के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से भी लाया जाता है. 2022 में पश्चिम बंगाल में गो तस्करी घोटाला भी सामने आया जिसमें एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया था. इसमें TMC नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ़्तार किया गया था.
वैसे BSF का दावा है कि उसकी कार्रवाई की वजह से गोतस्करी में कमी आई है. लेकिन गांव के लोगों का डर अलग ही तस्वीर पेश करता है. ये गांव रानाघाट उत्तर-पूर्व विधानसभा के तहत आता है. इस चुनाव में यहां से BJP के असीम विश्वास 51,000 से ज़्यादा वोट से जीते हैं. गाय की दुर्दशा के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि अब हालात बदलने वाले हैं. यानी अब गाय और गौ-प्रेमियों के अच्छे दिन आने वाले हैं.
सत्ता संभालते ही बीजेपी सरकार बंगाल में घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी और बड़ी कार्रवाई करने वाली है. खुद इसका संकेत प्रधानमंत्री मोदी ने भी दे दिया है.
बांग्लादेश से सटे पेट्रोपोल बार्डर पर भी सुरक्षा का सख्त पहरा है. वहां भी फिलहाल हालात सामान्य नजर आ रहे हैं, लेकिन कुछ दिन बाद यहां के हालात बदल सकते हैं.
बंगाल की नई सरकार के सामने अभी कई सवाल हैं मसलन…
– बंगाल में घुसपैठियों की पहचान कैसे होगी?
– उन्हें बंगाल से वापस बांग्लादेश कैसे भेजा जाएगा?
– क्या बंगाल में डिटेंशन सेंटर भी बनाए जाएंगे ?
वैसे ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में हमेशा डिंटेशन सेंटर बनाने का विरोध किया था. अब बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद ही घुसपैठिये को भगाने का पूरा रोडमैप साफ हो पाएगा.
(रिपोर्ट- प्रमोद शर्मा और बृजेश तिवारी)
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