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भारत 'बिग कैट' प्रजाति के वन्यजीवों के संरक्षण के लिए दुनिया भर के देशों को एक मंच पर ला रहा है। इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के तहत दिल्ली में 1-2 जून को …और पढ़ें
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शेर, बाघ और चीता जैसे ‘बिग कैट’ प्रजाति के वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भारत अब दुनिया भर के देशों को एक मंच पर लाएंगा। इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के जरिए भारत ने इस पहल को तेज की है। इसके तहत एक से दो जून को दिल्ली में एक इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस समिट आयोजित होगा।
इस समिट में दुनिया के 95 बिग कैट रेंज देशों के प्रमुख व विशेषज्ञों सहित दुनिया भर में बिग कैट के संरक्षण से जुडी संस्थाएं व उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को दिल्ली में होने वाले इस समिट को लेकर वेबसाइट और लोगो लांच किया।
साथ ही दुनिया भर के ऐसे सभी देशों से इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस से जुड़ने की अपील की, जो अब तक बिग कैट अलायंस से नहीं जुडे है। उन्होंने कहा कि समिट इंटरनेशनल पार्टनरशिप को मजबूत करेगा। बिग कैट के संरक्षण को बढ़ावा देगा।
इस सम्मेलन के जरिए भारत बिग कैट के संरक्षण से जुड़े अपने प्रयासों को भी दुनिया के सामने साझा करेगा। साथ ही बताएगा कि बड़ी बिल्लियों के संरक्षण और विकास दोनों ही साथ-साथ चल सकते है।
इस दौरान एक दिल्ली घोषणा पत्र भी जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस एक इंटर-गवर्नमेंटल इंटरनेशनल संगठन है, जिसका मुख्यालय भारत में है। इसे सात बड़ी बिल्लियों – शेर, बाघ, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण पर जोर दिया जाता है।
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