सीजेआई ने क्यों कहा, 'बेरोज़गार युवा कॉकरोच जैसे, कुछ पत्रकार और एक्टिविस्ट बन कर सिस्टम पर करते हैं हमला' – BBC

सीजेआई ने कहा कि समाज में पहले से ही काफ़ी "पैरासाइट्स" मौजूद हैं जो न्यायपालिका पर हमला कर रहे हैं, और कहा कि वकीलों को उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए.
अरशद मिसाल, संदीप राय
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक वकील को फटकार लगाई.
लाइव लॉ के मुताबिक़, वकील 'सीनियर' डेजिग्नेशन के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के ख़िलाफ़ बार-बार याचिकाएं दायर कर रहा था. खुद पेश होते हुए वकील ने बताया कि यह तीसरी बार है जब वह कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा रहा है.
उसने दलील दी कि हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के उस पिछले निर्देश का पालन करने में विफल रहा है, जिसमें टाल दी गई या खारिज की गई याचिकाओं पर जल्द से जल्द पुनर्विचार करने को कहा गया था.
याचिका पर नाखुशी ज़ाहिर करते हुए चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "पूरी दुनिया शायद 'सीनियर' पदनाम के लिए योग्य हो सकती है, लेकिन कम से कम आप तो बिल्कुल नहीं हैं. अगर हाई कोर्ट आपको 'सीनियर' का दर्जा देता भी है, तो हम आपके पेशेवर आचरण को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर देंगे."
इस दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने वकील से पूछा, "क्या आपके पास कोई और मुक़दमा नहीं है, सर? सिवाय अपने 'सीनियर' पदनाम को पक्का करवाने के? क्या यही उस व्यक्ति का लेवल है जो 'सीनियर' पदनाम की उम्मीद कर रहा है?"
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “पहले अवमानना का मामला दर्ज करो, फिर आवेदन करो.”
लाइव लॉ के मुताबिक, सीजेआई ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता किसी भी 'सीनियर' पदनाम का हकदार नहीं है, क्योंकि वह बेबुनियाद याचिकाएं दायर कर रहा था.
इसके बाद वकील ने माफ़ी मांगी और अनुरोध किया कि इस आदेश को वापस ले लिया जाए.
जस्टिस बागची ने कहा कि 'सीनियर' पदनाम एक ऐसी मान्यता है जो अदालत देती है, न कि इसे पाने के लिए पीछे भागा जाता है.
सीजेआई ने कहा कि वह एक ऐसे उचित मामले का इंतज़ार कर रहे हैं जिसके ज़रिए दिल्ली के कई वकीलों की एलएलबी डिग्रियों की सीबीआई जांच का आदेश दिया जा सके. ये वकील सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चीज़ें पोस्ट करते रहते हैं.
उन्होंने कहा, "मुझे उनकी लॉ डिग्रियों की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह है. वे फ़ेसबुक, यूट्यूब वगैरह पर जो चीज़ें पोस्ट कर रहे हैं, क्या उन्हें लगता है कि हम उन्हें देख नहीं रहे हैं?"
वकील के बार-बार माफ़ी मांगने के बाद, बेंच ने अपना आदेश वापस ले लिया.
सीजेआई ने कहा कि समाज में पहले से ही काफ़ी "पैरासाइट्स" मौजूद हैं जो न्यायपालिका पर हमला कर रहे हैं, और कहा कि वकीलों को उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए.
लाइव लॉ के मुताबिक, मुख्य न्यायधीश ने कहा, "समाज में पहले से ही ऐसे पैरासाइट्स हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं, और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? कुछ युवा कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें कोई रोज़गार नहीं मिलता और पेशे में भी उनकी कोई जगह नहीं होती.”
“उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया पर, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ अन्य तरह के कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं. और आप लोग अवमानना ​​याचिकाएं दायर करते हैं."
लाइव लॉ के मुताबिक वकील ने कहा कि वह अपने पेशे को लेकर बहुत गंभीर हैं, और उनके पांच और मामले आज सुप्रीम कोर्ट में ही लिस्टेड हैं.
जस्टिस बागची ने उनसे कहा, "आप उन मामलों पर ध्यान दें. सीनियर एडवोकेट का दर्जा ऐसी चीज़ है जो दी जाती है, इसके लिए पीछे नहीं पड़ा जाता. क्या यह सही लगता है कि आप सीनियर डेज़िग्नेशन का दर्जा पाने के लिए दुनिया के अंत तक पीछे पड़े रहें?"
बेंच ने आखिरकार इस अर्ज़ी को वापस ली गई मानकर खारिज कर दिया.
वकील ने पिछले साल एक रिट याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के उन्हें सीनियर डेज़िग्नेशन के लिए विचार न करने के फैसले को चुनौती दी थी. बाद में, उन्होंने एक अवमानना ​​याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया कि हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के एक निर्देश का पालन नहीं किया. पिछले साल दिसंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अवमानना ​​याचिका खारिज कर दी थी.
हाई कोर्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव ने पीठ को सूचित किया कि 'सीनियर' पदनाम प्रक्रिया के लिए फिलहाल इंटरव्यू चल रहे हैं.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की राजधानी बीजिंग में शी जिनपिंग के साथ दो दिनों तक चली बातचीत के बाद वॉशिंगटन लौट रहे हैं, उन्होंने इस यात्रा को बहुत सफल और न भूलने वाला बताया है.
वहीं, चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक शी जिनपिंग ने इस यात्रा को ऐतिहासिक और मील का पत्थर करार दिया है.
शिखर वार्ता के आख़िरी दिन क्या हुआ, उसकी प्रमुख बातें:
बीबीसी की चीन संवाददाता लॉरा बिकर के मुताबिक़, इस यात्रा के दौरान ट्रंप का रवैया असामान्य रूप से शांत दिखा और उन्होंने शी जिनपिंग से चीनी इतिहास पर दी गई जानकारी को चुपचाप सुना.
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पश्चिम बंगाल सरकार ने शुक्रवार को आरजी कर अस्पताल रेप और मर्डर मामले की शुरुआती जांच में कथित गड़बड़ी और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.
राज्य सचिवालय में इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और पूर्व डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता के ख़िलाफ़ विभागीय जांच शुरू किए जाने के बाद उनके निलंबन का आदेश दिया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों अधिकारियों पर मामले की “ग़लत तरीके से जांच” करने, पीड़िता के माता-पिता को “रिश्वत के तौर पर पैसे देने की पेशकश” करने और अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य अपराध के संबंध में “बिना अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस” करने के आरोप हैं.
9 अगस्त, 2024 को 31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का आरजी कर अस्पताल के कॉन्फ़्रेंस रूम में शव मिला था. जांच में पता चला कि इस डॉक्टर का पहले बलात्कार किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी.
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नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि ईरान किसी भी दबाव और कार्रवाई का विरोध करेगा.
उन्होंने कहा, ''हमारे पास अमेरिकियों पर भरोसा करने की कोई वजह नहीं है.''
अब्बास अराग़ची ने कहा, "ईरानी लोग केवल सम्मान की भाषा समझते हैं. होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी प्रकार की बाधा के लिए ईरान ज़िम्मेदार नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि ईरान ने कभी युद्ध शुरू नहीं किया और केवल आत्मरक्षा में ही कदम उठाए हैं.''
उन्होंने आगे कहा, “मेरा देश अमेरिका और इसराइली शासन की बिना उकसावे वाली आक्रामक कार्रवाई का शिकार हुआ है, और यह उस समय हुआ जब हमारी अमेरिकियों के साथ बातचीत चल रही थी. कूटनीति के बीच उन्होंने हम पर हमला करने का फ़ैसला किया."
"हम उन सभी देशों की सराहना करते हैं जिन्होंने इस हमले की निंदा की. हम भारत सरकार और भारत की जनता की सराहना करते हैं जिन्होंने ईरानी लोगों के प्रति एकजुटता और सहानुभूति व्यक्त की. हम भारतीय सरकार द्वारा एकजुटता के प्रतीक के तौर पर दी गई मानवीय सहायता की भी सराहना करते हैं."
भारत 14 और 15 मई को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी कर रहा है. इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं. इसी बैठक में भाग लेने के लिए ईरान के विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचे हैं.
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है कि पाकिस्तान के आर्थिक विकास को मज़बूत आर्थिक उपायों से मदद मिली है, लेकिन मध्य पूर्व में युद्ध ने पाकिस्तान के लिए आर्थिक अस्थिरता पैदा कर दी है.
आईएमएफ़ ने पाकिस्तान पर एक समीक्षा रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026 के पहले छह महीनों के दौरान पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है, महंगाई नियंत्रण में रही है और चालू खाता कुल मिलाकर संतुलित रहा है.
आईएमएफ़ की समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य पूर्व में युद्ध के प्रभावों ने कम समय में पाकिस्तान के आर्थिक दृष्टिकोण को अनिश्चित बना दिया है, लेकिन यह अभी तक साफ नहीं है कि इसका अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
आईएमएफ़ का कहना है कि ईरान-अमेरिका युद्ध से पाकिस्तान में महंगाई बढ़ सकती है.
आईएमएफ़ के मुताबिक, पाकिस्तान के आयातित ईंधन का 81 फ़ीसदी खाड़ी देशों से आता है, जबकि रेमिटेंस (दूसरे देशों से आने वाला धन) का 55 फ़ीसदी, जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे अहम स्रोत है, खाड़ी देशों में काम करने वाले पाकिस्तानियों से आता है.
आईएमएफ़ के मुताबिक, युद्ध का खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, और इन परिस्थितियों में, वहां पाकिस्तानी मज़दूरों की वापसी से रेमिटेंस प्रभावित हो सकता है.
विदेशों से भेजी जाने वाली धनराशि पाकिस्तान के बाहरी भुगतानों के लिए विदेशी मुद्रा का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है.
वहीं आईएमएफ़ के मुताबिक महंगाई दर में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की आशंका है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे. इस दौरान उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ैद अल नहयान से मुलाक़ात की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत और यूएई के बीच दोस्ती बहुत मज़बूत है. उन्होंने लिखा, "हमारे देश, हमारे ग्रह के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने के लक्ष्य के साथ मिलकर हम काम करते रहेंगे."
पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते भी हुए हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ़्रेमवर्क पर समझौता हुआ है.
साथ ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, लिक्विफ़ाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पर समझौता, वाडिनार में जहाज़ मरम्मत क्लस्टर बनाने पर आपसी सहमति और भारतीय इंफ़्रास्ट्रक्चर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक विदेश यात्रा पर हैं. इस दौरान वो यूएई के अलावा, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बातचीत को ''बेहद सफल, दुनिया भर में चर्चा योग्य और यादगार'' बताया है.
बीजिंग में दो दिनों तक चली बैठकों के बाद ट्रंप अब वॉशिंगटन रवाना हो गए.
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ शी जिनपिंग ने इस यात्रा को ''ऐतिहासिक और मील का पत्थर बताया.''
हालांकि दोनों देशों के बीच किसी बड़े व्यापार समझौते या नई डील का एलान नहीं किया गया.
ट्रंप का विमान एयर फ़ोर्स वन बीजिंग से उड़ान भर चुका है. माना जा रहा है कि वह रास्ते में मीडिया से बातचीत कर सकते हैं और बैठक से जुड़े कुछ और विवरण सामने आ सकते हैं.
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दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तेल आपूर्ति, ईरान और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
इससे पहले ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि शी जिनपिंग ने ईरान को सैन्य उपकरण नहीं देने की प्रतिबद्धता जताई है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन चाहता है कि होर्मुज़ स्ट्रेट फिर से खुला रहे. उनके मुताबिक़ बीजिंग ने अमेरिका से तेल खरीदने पर भी सहमति जताई है.
हालांकि अब तक बातचीत के ठोस नतीजों या किसी औपचारिक समझौते को लेकर दोनों पक्षों ने सीमित जानकारी ही साझा की है.
अब तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक इस लाइव पेज के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
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केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए मनोनीत वीडी सतीशन ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में नीट परीक्षा आयोजित नहीं करेगी.
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम नीट परीक्षा नहीं करा रहे हैं. नीट परीक्षा पूरे देश भर में आयोजित हो रही है. हम इसकी समीक्षा करेंगे और संबंधित अधिकारियों के पास प्रस्ताव भेजेंगे."
तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ी क़ीमतों के असर की भी समीक्षा की जाएगी और ज़रूरी क़दम उठाए जाएंगे.
इससे पहले 13 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय ने एक्स पर एक बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार से चिकित्सा पाठ्यक्रमों में नीट आधारित प्रवेश प्रणाली को समाप्त करने और राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर (मेडिकल पाठ्यक्रम में) प्रवेश देने की अनुमति देने का आग्रह किया था.
पेपर लीक होने के बाद तीन मई को नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई थी और शुक्रवार को इसे दोबारा 21 जून को कराए जाने की घोषणा की गई.
शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दोबारा नीट परीक्षा को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं जिनमें फ़ीस वापसी से लेकर, परीक्षा का अतिरिक्त समय देने और अगले साल से सीबीटी के माध्यम से परीक्षा कराए जाने की बात कही.
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा शहर दोबारा चुनने का मौका मिलेगा.
एक अहम घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इस पूरी समस्या की जड़ ओएमआर प्रणाली रही है और इसी वजह से अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी.
नीट की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी.
अहम घोषणाएं-
इसी प्रेस कॉन्फ़्रेस में धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक होने की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा था, "परीक्षा 3 मई को हुई थी और 7 मई को एनटीए को शिकायत मिली कि 'गेस पेपर' में मौजूद कुछ सवाल इस बार के प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे."
उन्होंने कहा, "12 मई तक यह पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर असली परीक्षा के सवाल लीक हुए थे."
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और चीन की सोच 'काफ़ी मिलती-जुलती' है.
अपने दौरे के दूसरे दिन बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही.
चीन के सरकारी परिसर झोंगनानहाई में दोनों नेताओं की मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने कहा कि बातचीत में व्यापार, ईरान और कई दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई.
उन्होंने कहा, “हमने कई ऐसी समस्याएं सुलझाईं जिन्हें दूसरे लोग शायद हल नहीं कर पाते.”
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ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा, “हम नहीं चाहते कि उनके पास परमाणु हथियार हों.” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश चाहते हैं कि समुद्री रास्ते खुले रहें.
माना जा रहा है कि उनका इशारा वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री मार्गों की तरफ़ था.
ट्रंप ने कहा कि वो 'चीन से बहुत प्रभावित हुए हैं.'
ट्रंप ने शी जिनपिंग की 24 सितंबर को संभावित अमेरिकी यात्रा का भी ज़िक्र किया.
ट्रंप ने कहा, “जैसे व्यापार में पारस्परिकता होती है, वैसे ही यह यात्रा भी पारस्परिक होगी. हम पूरी तैयारी करेंगे और उम्मीद है कि आप वहां से उसी तरह प्रभावित होकर लौटेंगे, जैसे मैं चीन से प्रभावित हूं.”
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ट्रंप ने शी जिनपिंग का धन्यवाद करते हुए कहा कि बीजिंग आना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने बताया कि दोनों नेता 24 सितंबर को फिर मुलाक़ात करेंगे, जब शी जिनपिंग अमेरिका के दौरे पर जाएंगे.
शी जिनपिंग ने शुक्रवार को झोंगनानहाई परिसर में डोनाल्ड ट्रंप की मेज़बानी की.
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शी जिनपिंग ने कहा, “यह वह जगह है जहां चीन की केंद्रीय सरकार के नेता काम करते हैं और रहते हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं.”
उन्होंने कहा, “यह जगह कभी शाही बाग़ का हिस्सा हुआ करती थी. इस परिसर में काफ़ी इतिहास मौजूद है.”
शी जिनपिंग ने यह भी बताया कि सैर के दौरान जिस पेड़ को दोनों नेताओं ने देखा, वह क़रीब 490 साल पुराना है.
उन्होंने कहा कि वह गुलाब की चीनी प्रजाति के बीज ट्रंप को गिफ़्ट के तौर पर भेजेंगे.
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'गेस पेपर' के नाम पर असली सवाल लीक हुए थे.
धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला लिया गया."
उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "परीक्षा 3 मई को हुई थी और 7 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को शिकायत मिली कि 'गेस पेपर' में मौजूद कुछ सवाल इस बार के प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे."
इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू की और मामला सरकारी एजेंसी को सौंप दिया गया.
उन्होंने कहा, “राज्य एजेंसियों से संपर्क किया गया और 12 मई तक यह पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर असली परीक्षा के सवाल लीक हुए थे.”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि “फ़र्ज़ी अभ्यर्थियों की साज़िश या शिक्षा माफिया” की वजह से किसी योग्य छात्र का नुकसान हो.
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद राधाकृष्णन समिति बनाई गई थी और उसकी सिफ़ारिशों को 2025 और 2026 दोनों परीक्षाओं में “शब्दशः” लागू किया गया था. इसके बावजूद यह घटना सामने आई.
सरकार और एनटीए अब परीक्षा प्रक्रिया को लेकर फिर से सवालों के घेरे में हैं. लगातार दूसरे साल परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ हो गई है.
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पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाने पर प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने मोदी सरकार के फ़ैसले की सख़्त आलोचना की है.
कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "'महंगाई मैन' मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया. पेट्रोल और डीज़ल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया. वहीं, सीएनजी के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए. चुनाव ख़त्म – मोदी की वसूली शुरू."
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "सालों तक जब अंतरराष्ट्रीय तेल क़ीमतें कम थीं या गिर रही थीं, तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही कि उसका लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और गैस, पेट्रोल और डीज़ल की घरेलू क़ीमतों में कमी की जाए."
"लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उपभोक्ताओं को लूटा गया. अब जबकि प्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों-अमेरिका और इसराइल-द्वारा पश्चिम एशिया में छेड़े गए युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल क़ीमतें बढ़ रही हैं और विधानसभा चुनाव भी समाप्त हो चुके हैं, मोदी सरकार ने पहले कॉमर्शियल एलपीजी की क़ीमतें बढ़ाने के बाद अब पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है."
उन्होंने कहा कि इससे महंगाई और बढ़ना तय है, जो अब इस वित्त वर्ष में करीब 6% तक पहुंचने का अनुमान है और विकास दर के अनुमान भी काफ़ी कम हो जाएंगे.
उधर, टीएमसी के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल की सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर वैट कम करेगी?
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “पहले आपका वोट लूटते हैं, फिर वहीं चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज़्यादा दर्द होता है. बेहद अनुमानित. डीज़ल और पेट्रोल की क़ीमतें बढ़ा दी गईं. क्या अब बंगाल सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर वैट कम करेगी, जबकि अब दिल्ली के नियंत्रण वाली सरकार है जिसे केंद्र की तरफ़ से फ़ंड रोके जाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी?”
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी पर अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में नाकाम होने और इसे ठीक से संभाल न पाने के आरोप लगाए.
उन्होंने कहा, "जैसे कोविड के दौरान कहा गया था, घंटी बजाओ, दीया जलाओ वगैरह. मैं अपने घर में तेल का इस्तेमाल कैसे बंद करूं? मैं गाड़ी चलाना कैसे रोक दूं?"
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पेपर लीक के बाद रद्द हुई नीट की परीक्षा अब दोबारा 21 जून को होगी.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा की नई तारीख़ घोषित की है.
एनटीए ने घोषणा की है कि नीट अंडरग्रैजुएट 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी.
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी सूचना में कहा कि अभ्यर्थी और अभिभावक केवल एजेंसी के आधिकारिक चैनलों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें.
एजेंसी ने किसी भी अफ़वाह या ग़ैर-आधिकारिक सूचना से बचने की सलाह दी है.
एनटीए ने छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं.
अभ्यर्थी neet-ug@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा 011-40759000 और 011-69227700 नंबरों पर भी जानकारी ली जा सकती है.
ग़ौतलब है कि एनटीए ने तीन मई को आयोजित हुई नीट की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया था.
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शुक्रवार को पेट्रोल और डीज़ल के साथ सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी के एलान के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल किए हैं.
विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तथ्य छिपाने और आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार समर्थक नेताओं ने वैश्विक संकट और युद्ध की स्थिति को इसकी वजह बताया है.
पूर्व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने एनडीटीवी से एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “उन्होंने साफ़ तस्वीर सामने नहीं रखी और तथ्यों को छुपाया.”
उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए.
सपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज़ करते हुए एक्स पर लिखा, "आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है."
वहीं पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "पिछले तीन सालों से दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से कई देशों में संकट पैदा हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने हमें नुकसान नहीं होने दिया. सिर्फ़ गैस की क़ीमत बढ़ी."
उन्होंने कहा, "काफ़ी समय से कहा जा रहा था तेल के दाम बढ़ेंगे. अभी कम से कम बढ़ाया है क्योंकि तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था. जितना न्यूनतम बढ़ाना चाहिए, सरकार ने उतना बढ़ाया है.”
इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक्स पर लिखा, "फ़्यूल फ़्राईडेः चुनाव ख़त्म, नए मुख्यमंत्री चुन लिए गए, अब ईंधन क़ीमतों में “अनिवार्य बढ़ोतरी” सामने है."
"पेट्रोल की क़ीमतें 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि डीज़ल के दाम 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया. आप शायद कहेंगे कि मौजूदा हालात में यह बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है. खै़र, ख़र्च में कटौती कीजिए, भले ही इसके लिए आपको साइकिल से ही क्यों न जाना पड़े."
कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले भी चेतावनी दी थी कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के समाप्त होने के बाद पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ जाएंगे.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय चीन के दौरे पर हैं और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक बयान को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट किया है.
दरअसल शी जिनपिंग कहते आए हैं कि ‘पश्चिमी देश ढलान पर' हैं, हालांकि चीनी मीडिया इसे अमेरिका के संदर्भ में बताता रहा है.
शुक्रवार को ट्रंप ने अपने ट्रुथसोशल अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट किया, “चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जब अमेरिका को ‘डिक्लाइनिंग नेशन यानी ढलता हुआ देश’ बताया था, तब उनका इशारा मौजूदा प्रशासन नहीं बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के दौर की तरफ़ था.”
इस पोस्ट को व्हाइट हाउस ने भी रीपोस्ट किया है.
इस लंबे पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका को ‘भारी नुकसान’ हुआ. उन्होंने खुली सीमाओं, ऊंचे टैक्स, अपराध और व्यापार समझौतों को लेकर पिछली सरकार की आलोचना की.
ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन के ‘16 महीनों में अमेरिका ने तेज़ आर्थिक और सैन्य बढ़त हासिल’ की है. उन्होंने शेयर बाजार में रिकॉर्ड बढ़त, रोज़गार के आंकड़ों और विदेशी निवेश का हवाला देते हुए कहा कि ‘अमेरिका फिर से आर्थिक ताक़त’ बन गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर से 18 ट्रिलियन डॉलर के निवेश अमेरिका में आ रहे हैं और देश का रोज़गार बाज़ार “इतिहास में सबसे मजबूत” है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान और वेनेज़ुएला से जुड़े अमेरिकी संबंधों और सैन्य अभियानों का भी ज़िक्र किया.
ट्रंप के मुताबिक़, शी जिनपिंग ने भी कम समय में उनकी सरकार की उपलब्धियों की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “दो साल पहले अमेरिका ढलान पर था, इस बात पर मैं शी जिनपिंग से पूरी सहमत हूं. लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे चर्चित और मजबूत देश है.”
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से ज़्यादा मजबूत हो सकते हैं.
हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप की मौजूदा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐसी कोई टिप्पणी की है.
लेकिन शी जिनपिंग ने गुरुवार को अपने शुरुआती संबोधन में एक मुहावरे थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का ज़िक्र किया था.
उन्होंने कहा था, “दुनिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ से बाहर निकलकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं?”
यह मुहावरा एक पुराना सिद्धांत है जो बताता है कि जब कोई उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित शक्ति को चुनौती देती है, तो युद्ध की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.
यह शब्द हार्वर्ड के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन ने प्रतिपादित किया था, जोकि प्राचीन ग्रीक इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के नाम पर है जिन्होंने कहा था कि एथेंस के उदय और स्पार्टा में पैदा हुए डर ने पेलोपोनेशियन युद्ध को अनिवार्य बना दिया था.
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भारत सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद अब ड्यूटी-फ़्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख़्त कर दिए हैं.
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड (डीजीएफ़टी) ने गोल्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट्र्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसके तहत आयात और निगरानी से जुड़े कई नियम बदले गए हैं.
नए नियमों के मुताबिक़, अब एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा. इससे पहले इस सीमा को लेकर नियम अपेक्षाकृत ढीले माने जाते थे.
डीजीएफ़टी ने कहा है कि नए आवेदकों के लिए फ़ैक्ट्री और सुविधा केंद्र का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी-फ़्री सोने का इस्तेमाल तय निर्यात गतिविधियों में ही हो.
मौजूदा निर्यातकों के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं. नई अनुमति लेने के लिए उन्हें अपने पिछले एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा करना होगा.
यानी जिन कंपनियों ने पहले तय निर्यात लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, उन्हें नई मंजूरी मिलने में दिक्कत हो सकती है.
इसके अलावा अब निर्यातकों को हर 15 दिन में रिपोर्ट जमा करनी होगी. सरकार का कहना है कि इससे निगरानी व्यवस्था और सख़्त होगी और सोने के आयात के इस्तेमाल पर क़रीब से नज़र रखी जा सकेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का फोकस सोने के आयात पर नियंत्रण और नियमों के पालन को मजबूत करने पर है. हाल के महीनों में सोने के आयात और व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ी है.
पिछले दिनों भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में कोई बड़ा व्यापार समझौता नहीं हो सका है.
अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल अक्तूबर में ट्रेड वॉर रोकने पर सहमति बनी थी. अक्तूबर मैं हुए समझौते के तहत अमेरिका ने चीनी सामानों पर प्रस्तावित भारी टैरिफ़ बढ़ोतरी रोक रखी है. वहीं चीन ने रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर सख़्ती कम की थी.
व्हाइट हाउस के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने “बोर्ड ऑफ़ ट्रेड” बनाने पर सहमति जताई है. इसका मक़सद व्यापार संबंधों को संभालना है ताकि बार-बार टैरिफ़ पर बातचीत की ज़रूरत न पड़े.
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में अभी काफी काम बाकी है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस दौरे के दौरान बोइंग के बड़े ऑर्डर और अमेरिकी ऊर्जा व कृषि उत्पादों की चीनी खरीद से जुड़े एलान हो सकते हैं.
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बुधवार को शुरू हुए ट्रंप के इस दौरे में कारोबारी जगत की मौजूदगी भी चर्चा में रही.
ट्रंप ने ख़ुद कहा कि वो अमेरिका के दर्जनों शीर्ष व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल भी साथ लाए हैं, जिसमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग शामिल हैं.
ये दोनों ही कंपनियां अमेरिका-चीन आर्थिक रिश्तों की सबसे संवेदनशील कड़ी हैं. टेस्ला की चीन के शंघाई प्लांट और वहां के ग्राहकों पर बड़ी निर्भरता है. वहीं एनवीडिया के माइक्रोचिप्स वैश्विक एआई रेस के केंद्र में हैं.
अमेरिका ने पहले ही चीन को एडवांस कंप्यूटिंग तकनीक की पहुंच सीमित करने के लिए एक्सपोर्ट नियंत्रण को लेकर कई कदम उठाए हैं.
जेनसन हुआंग की मौजूदगी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि उनका नाम प्रतिनिधिमंडल की शुरुआती सूची में नहीं था. इससे यह अटकलें तेज़ हुई हैं कि एआई और सेमीकंडक्टर चिप्स तक चीन की पहुंच बातचीत का अहम हिस्सा हो सकती है.
आज शुक्रवार को ट्रंप के दौरे का दूसरा दिन है. और उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ अन्य मुद्दों पर दोनों राष्ट्रपतियों के बीच बातचीत हो सकती है.
व्हाइट हाउस ने उन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की पूरी सूची जारी की है जो इस दौरे में शामिल हैं. इनमें प्रमुख हैं-
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