झारखंड के रामगढ़ में दामोदर नदी में नहाने गए बिजुलिया किसान नगर निवासी तीन स्कूली बच्चे गहरे पानी में डूब गए. वहां काम कर रहे स्थानीय मजदूरों ने तत्परता दिखाते हुए एक बच्चे को सुरक्षित बचाकर अस्पताल भेज दिया. वहीं, दो बच्चे प्रिंस कुमार और वैभव कुमार नदी के तेज बहाव में बह गए और लापता हैं.
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झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बहुत ही दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ दामोदर नदी में नहाने गए तीन स्कूली बच्चे अचानक नदी के गहरे पानी में डूबने लगे. बच्चों को पानी में डूबता और मदद के लिए चिल्लाता देख पास में ही काम कर रहे स्थानीय कामगारों ने बहुत हिम्मत दिखाई. उन्होंने तुरंत नदी में छलांग लगा दी और अपनी सूझबूझ से एक बच्चे को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया. नदी से जिंदा बचाए गए बच्चे को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल भेजा गया है. लेकिन बेहद दुख की बात है कि बाकी के दो बच्चे नदी के पानी की तेज रफ्तार में बह गए और फिलहाल लापता हैं. जैसे ही बच्चों के डूबने की खबर इलाके में फैली, वैसे ही घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम सुबह-सुबह ही मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने तुरंत अपना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. दामोदर नदी का पानी बहुत तेज था, इसलिए मांडू की अंचलाधिकारी तृप्ति विजया कुजूर ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने पतरातू डैम के अधिकारियों से बात करके तुरंत डैम का फाटक बंद करने का आदेश दिया. फाटक बंद होने से दामोदर नदी में पानी का जलस्तर कम हो जाएगा, जिससे गोताखोरों को पानी के अंदर लापता बच्चों को खोजने में काफी आसानी होगी.
पिछले कई घंटों से लगातार पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. नदी का बहाव बहुत ज्यादा तेज होने के कारण अभी तक लापता बच्चों का कुछ भी सुराग नहीं मिल पाया है. अंचलाधिकारी तृप्ति विजया कुजूर ने बताया कि बच्चों को ढूंढने के लिए पतरातू से स्पेशल गोताखोरों की टीम को बुलाया गया है जो पानी के अंदर जाकर गहराई से खोजबीन करेगी. पुलिस प्रशासन की टीम पूरी मुस्तैदी से नदी किनारे डटी हुई है और रेस्क्यू का काम लगातार जारी है.
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इस भयानक हादसे की खबर मिलने के बाद से लापता बच्चों के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वे अपने बच्चों के सुरक्षित मिल जाने की उम्मीद में टकटकी लगाए नदी किनारे बैठे हुए हैं. लापता बच्चों में एक का नाम प्रिंस कुमार है जिसकी उम्र 13 वर्ष है और दूसरे का नाम वैभव कुमार है जिसकी उम्र 12 वर्ष है. ये दोनों बच्चे रामगढ़ शहर के बिजुलिया किसान नगर के रहने वाले थे. प्रिंस कुमार के दादा पलटू सोनकर ने रोते हुए बताया कि ये तीनों बच्चे रामगढ़ के सुभाष चौक से यहां नदी में नहाने के लिए आए थे, लेकिन नहाने के दौरान पैर फिसलने या गहरे पानी में जाने से यह बड़ा हादसा हो गया.
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