भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव सिबी जॉर्ज इन दिनों सुर्खियों में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे से पहले आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सिबी जॉर्ज और नॉर्वेजियन पत्रकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली. इस दौरान भारतीय राजनयिक ने लोकतंत्र, मानवाधिकार और प्रेस की आजादी के मुद्दे पर भारत का पक्ष बेहद मजबूती से रखा और आरोपों का करारा जवाब दिया.
नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गहर स्टोरे के साथ पीएम मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने पश्चिमी देशों को भारत की ताकत और हकीकत का अहसास कराया. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग भारत को लेकर ‘ऐसा क्यों, वैसा क्यों’ जैसे सवाल उठाते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि ‘भारत दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा (1/6) जरूर है, लेकिन वह दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं है.’
आगे कहा कि हम समानता और मानवाधिकारों में भरोसा करते हैं. अगर किसी के भी अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उन्हें कोर्ट जाने का पूरा अधिकार है. हमें लोकतंत्र होने पर गर्व है.’ उन्होंने कुछ चुनिंदा रिपोर्ट्स के आधार पर भारत को जज करने वालों को आड़े हाथों लिया था.
कौन हैं सिबी जॉर्ज?
सिबी जॉर्ज भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1993 बैच के एक अनुभवी अफसर हैं. मौजूदा समय में वह विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के पद पर तैनात हैं. इस पद पर रहते हुए वह यूरोप, वेस्ट एशिया और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों का जिम्मा संभाल रहे हैं.
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केरल के रहने वाले हैं सिबी जॉर्ज
सिबी जॉर्ज मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले है. जॉर्ज पढ़ाई में शुरू से ही आगे रहे हैं. ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन दोनों में गोल्ड मेडलिस्ट रहे. उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी इन काहिरा, IIM अहमदाबाद और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसे बड़े संस्थानों से ट्रेनिंग ली है.
शानदार राजनयिक करियर
सिबी जॉर्ज का राजनयिक करियर भी बेहद शानदार रहा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत काहिरा (मिस्र) से की थी. इसके बाद वे दोहा, इस्लामाबाद, वॉशिंगटन डीसी, तेहरान और रियाद में भी वह महत्वपूर्ण राजनीतिक और वाणिज्यिक पद संभाल चुके हैं. वह जापान, स्विट्जरलैंड, कुवैत, वेटिकन सिटी और मार्शल आइलैंड्स जैसे कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं. साल 2014 में उन्हें भारतीय विदेश सेवा में उनके बेहतरीन काम के लिए विदेश मंत्रालय के प्रतिष्ठित ‘एसके सिंह उत्कृष्ट पुरस्कार’से भी सम्मानित किया जा चुका है.
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Source: IOCL
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