ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल पर इनसाइडर ट्रेडिंग के संदेह – BBC

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान, कारोबारी उनके बड़े ऐलानों से ठीक पहले लाखों डॉलर का दांव लगाते रहे हैं.
बीबीसी ने कई वित्तीय बाज़ारों के ट्रेड वॉल्यूम डेटा की जांच की और उसे राष्ट्रपति के कुछ सबसे बड़े बाज़ार-प्रभावी बयानों से मिलाया.
इसमें यह पाया गया कि सोशल मीडिया पोस्ट या मीडिया इंटरव्यू सार्वजनिक होने से कुछ घंटे पहले, और कभी-कभी कुछ मिनट पहले, गतिविधि में लगातार तेज़ उछाल आता था.
कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसमें ग़ैरक़ानूनी इनसाइडर ट्रेडिंग के संकेत दिखते हैं, जिसमें ऐसे लोग दांव लगाते हैं जिन्हें ऐसी जानकारी होती है जो आम जनता के पास उपलब्ध नहीं होती.
दूसरों का कहना है कि तस्वीर इससे अधिक जटिल है और कुछ कारोबारी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप का पहले से अनुमान लगाने में अधिक कुशल हो गए हैं.
इनसाइडर ट्रेडिंग का मतलब है कि किसी गोपनीय और गैर-सार्वजनिक जानकारी (जैसे वित्तीय परिणाम, मर्जर, या कोई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट फैसला) का इस्तेमाल करके शेयरों या सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग करना. इसमें कंपनियों में सीधे निवेश करने से लेकर फ्यूचर्स और ऑप्शंस बाजार में पैसा लगाना तक शामिल हो सकता है.
यह अवैध है क्योंकि ऐसी जानकारी रखने वाले व्यक्ति को अनुचित लाभ मिलता है, जो आम निवेशकों के साथ नाइंसाफी करता है.
नीचे पांच ऐसे ही महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं-
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सबसे बड़े उतार-चढ़ावों में कुछ तेल के फ़्यूचर्स (वायदा) बाज़ार में देखे गए.
ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध शुरू होने के नौ दिन बाद, ट्रंप ने सीबीएस न्यूज़ को फ़ोन इंटरव्यू में कहा कि संघर्ष "लगभग पूरी तरह ख़त्म है".
जनता को इस इंटरव्यू के बारे में पहली बार 15:16 ईस्टर्न टाइम (19:16 GMT) पर पता चला, जब रिपोर्टर ने इसके बारे में एक्स पर पोस्ट किया.
इस ख़बर पर कि संघर्ष अपेक्षा से कहीं जल्दी ख़त्म हो सकता है, तेल कारोबारियों ने बिक्री शुरू कर दी और क़ीमत क़रीब 25% गिर गई.
हालांकि, बाज़ार डेटा दिखाता है कि तेल की क़ीमत गिरने पर बहुत बड़े दांव 18:29 GMT पर लगाए गए थे, यानी रिपोर्टर की पोस्ट से पूरे 47 मिनट पहले.
जिन कारोबारियों ने ये दांव लगाए, उन्होंने तेल क़ीमतों में गिरावट से लाखों डॉलर कमाए होंगे.
23 मार्च को, ईरान के बिजली संयंत्रों को "मिटा देने" की धमकी देने के सिर्फ़ दो दिन बाद, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि वॉशिंगटन ने तेहरान के साथ शत्रुता के "पूर्ण और सम्पूर्ण समाधान" पर "बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत" की है.
यह कूटनीतिक पर्यवेक्षकों और कारोबारियों, दोनों के लिए बड़ा आश्चर्य था.
तुरंत शेयर बढ़े और जहाँ अब तक अमेरिकी बाज़ार में तेल की क़ीमतें बढ़ रही थीं, तेज़ी से गिर गईं. जैसा कि बीबीसी ने उस समय रिपोर्ट किया था, राष्ट्रपति की पोस्ट से 14 मिनट पहले अमेरिकी तेल क़ीमत पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में दांव लगाए गए थे.
ब्रेंट क्रूड, जो दूसरा प्रमुख तेल मानक है, उससे जुड़े कॉन्ट्रैक्ट ख़रीदने में भी यही पैटर्न दिखा.
एक तेल विश्लेषक ने उस समय बीबीसी से कहा था कि ये सौदे "निश्चित रूप से असामान्य" लग रहे हैं.
मध्य पूर्व के युद्ध से अलग, ट्रेडिंग गतिविधियों के अन्य उदाहरण भी हैं जिन्होंने लोगों को चौंकाया.
पिछले साल 2 अप्रैल को, ट्रंप ने वह घोषणा की जिसे उन्होंने 'लिबरेशन डे' कहा. इसमें दुनिया के लगभग हर देश से आने वाले सामान पर व्यापक टैरिफ़ लगाए गए.
दुनिया भर के शेयर बाज़ार गिर गए.
लेकिन एक हफ्ते बाद, जब ट्रंप ने चीन को छोड़कर सभी देशों के लिए इन शुल्कों पर 90 दिन का "विराम" घोषित किया, तो शेयर बाज़ार उछल गए.
मानक S&P 500 सूचकांक 9.5% चढ़ गया, जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद उसके सबसे बड़े एक-दिवसीय उछालों में से एक था.
फिर वही पैटर्न दिखा. घोषणा से पहले S&P 500 को ट्रैक करने वाले एक फंड पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में दांव लगाए गए.
18:00 BST के तुरंत बाद ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्ट की संख्या बढ़कर 10,000 प्रति मिनट से अधिक हो गई. दिन में पहले यह संख्या सैकड़ों में थी.
कुछ कारोबारियों ने उस दिन शेयर बाजार बढ़ने पर 20 लाख डॉलर से अधिक का दांव लगाया, जबकि इससे पहले लगातार सात दिन गिरावट रही थी. इस बड़े उछाल से उन्हें लगभग 2 करोड़ डॉलर का लाभ हुआ होगा.
उसी हफ्ते बाद में, अमेरिकी सीनेट में कई वरिष्ठ डेमोक्रेट नेताओं ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह जांच करे कि क्या राष्ट्रपति की घोषणाओं ने "अमेरिकी जनता की कीमत पर प्रशासन के अंदरूनी लोगों और मित्रों को समृद्ध किया".
जब बीबीसी ने SEC से पूछा कि क्या उसने इन आरोपों की जांच की, तो उसके प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार किया.
वहीं, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट में विश्लेषित किसी भी असामान्य ट्रेडिंग गतिविधि पर बीबीसी के सवाल का जवाब नहीं दिया.
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हाल के समय में ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट्स की तेज़ बढ़त ने भी पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा है.
पॉलीमार्केट और काल्शी जैसे ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को मौसम से लेकर बेसबॉल और अमेरिकी विदेश नीति तक किसी भी विषय पर सट्टा लगाने का अवसर देते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, पॉलीमार्केट में निवेशक हैं और उसके सलाहकार बोर्ड में भी हैं. वह काल्शी के रणनीतिक सलाहकार भी हैं और बीबीसी ने उनसे टिप्पणी के लिए संपर्क किया है.
दिसंबर 2025 में, एक उपयोगकर्ता ने पॉलीमार्केट पर बर्डनसम-मिक्स नाम से खाता बनाया. 30 दिसंबर को उसने पहली बार वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के जनवरी 2026 के अंत तक पद से बाहर होने पर दांव लगाया.
30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच बर्डनसम-मिक्स ने कुल 32,500 डॉलर लगाए.
अगले दिन जब अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें हटा दिया, तो बर्डनसम-मिक्स ने 4,36,000 डॉलर जीते.
इसके कुछ समय बाद, खाते ने अपना यूज़रनेम बदल लिया और तब से कोई दांव नहीं लगाया है.
ब्लॉकचेन विश्लेषण वेबसाइट बबलमेप्स के मुताबिक़, फ़रवरी में पॉलीमार्केट पर छह खाते बनाए गए.
पॉलीमार्केट क्या है –
सभी ने 28 फ़रवरी तक ईरान पर अमेरिकी हमले होने पर दांव लगाया था. जब उस दिन तड़के राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों की पुष्टि की, तो इन खातों ने मिलकर 12 लाख डॉलर कमाए.
इन छह में से पांच उपयोगकर्ताओं ने इसके बाद कोई और दांव नहीं लगाया, लेकिन एक खाते की हाल की गतिविधि दिखाती है कि उसने बाद में 7 अप्रैल तक अमेरिका-ईरान युद्धविराम होने पर सही दांव लगाकर 1.63 लाख डॉलर कमाए. उसी दिन वॉशिंगटन और तेहरान ने इसकी घोषणा की थी.
पॉलमार्केट ने बीबीसी से कहा कि वह "बाज़ार की निष्पक्षता के सबसे ऊंचे मानक तय करता है, बनाए रखता है और लागू करता है", और ऐसा करने के लिए वह नियामकों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ "सक्रिय रूप से" काम करता है.
इस साल मार्च में पॉलीमार्केट और काल्शी, दोनों ने इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाने के लिए नए नियम बताए.
प्रेडिक्शन मार्केट्स कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफ़टीसी) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
सीएफ़टीसी ने बीबीसी के सवाल का जवाब नहीं दिया, लेकिन उसके अध्यक्ष ने हाल में कांग्रेस की एक समिति से कहा कि उनकी संस्था में धोखाधड़ी और इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए "शून्य सहनशीलता" है. यह भी सामने आया कि पिछले महीने व्हाइट हाउस ने कर्मचारियों को आंतरिक ईमेल भेजकर चेतावनी दी थी कि वे प्रेडिक्शन मार्केट्स में दांव लगाने के लिए अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल न करें.
प्रवक्ता डेविस इंगल ने उस समय बीबीसी से कहा था कि "बिना सबूत यह संकेत देना कि प्रशासनिक अधिकारी ऐसी गतिविधि में शामिल हैं, निराधार और ग़ैरज़िम्मेदाराना रिपोर्टिंग है."
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
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1933 में सिक्योरिटीज़ एक्ट पारित होने के बाद से अधिकांश अमेरिकियों के लिए इनसाइडर ट्रेडिंग ग़ैरक़ानूनी है.
2012 में इसका दायरा अमेरिकी सरकारी अधिकारियों तक बढ़ाया गया, हालांकि अब तक इस क़ानून के तहत किसी पर मुक़दमा नहीं चला है.
एसेक बिज़नेस स्कूल में वित्तीय विनियमन क़ानून के विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर पॉल ओडिन कहते हैं कि इन नियमों को लागू करना कठिन है.
ओडिन कहते हैं, "अगर वित्तीय प्राधिकरण यह पता नहीं लगा पाते कि जानकारी का स्रोत कौन है, तो वे मुक़दमा नहीं चलाएंगे."
बीबीसी ने जिन अमेरिकी वित्तीय प्राधिकरणों से संपर्क किया, उनमें से किसी ने भी इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों को स्वीकार नहीं किया.
ओडिन कहते हैं, "किसी वित्तीय साधन में बहुत बड़े सौदे हो सकते हैं, जो साफ दिखाते हैं कि किसी को पहले से पता था कि डोनाल्ड ट्रंप क्या घोषणा करने वाले हैं."
वह जोड़ते हैं, "फिर भी इस बात की पूरी संभावना है कि किसी पर मुक़दमा नहीं चलेगा."
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