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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ समझौता ''काफ़ी हद तक तय" हो चुका है. इसका ब्योरा जल्द बताया जाएगा.
उन्होंने शनिवार को कहा कि इस समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना भी शामिल होगा.
हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने सरकारी टीवी से कहा कि पिछले एक हफ़्ते में अमेरिका और ईरान के रुख़ में कुछ नरमी आई है. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इसका मतलब यह नहीं है कि मुख्य मुद्दों पर सहमति बन गई है.
उन्होंने अमेरिका पर "विरोधाभासी बयान" देने का आरोप भी लगाया.
सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि उनकी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, क़तर और अन्य देशों के नेताओं से 'शांति से जुड़े एक सहमति पत्र' पर बहुत अच्छी बातचीत हुई.
ट्रंप ने लिखा, ''अमेरिका, ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच समझौते पर काफ़ी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है.अब इसे सिर्फ़ अंतिम रूप दिया जाना बाकी है."
उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार को उनकी इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से फ़ोन पर बात हुई, जो "बहुत अच्छी" रही.
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हालांकि ट्रंप ने समझौते के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से "पूरी तरह रोकेगा."
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अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे, जिसके बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव फैल गया था.
जवाब में ईरान ने इसराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए.
अप्रैल की शुरुआत में ईरान में युद्धविराम पर सहमति बनी थी.
इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय के शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है.
ईरानी प्रवक्ता बक़ाई ने शनिवार को " सहमति पत्र " का ज़िक्र करते हुए कहा कि ईरान 14 बिंदुओं वाले एक ढांचे के रूप में समझौता करना चाहता है.
उन्होंने कहा कि इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि अगले 30 से 60 दिनों के भीतर आगे की बातचीत हो सके और अंततः एक अंतिम समझौता किया जा सके.
यह प्रगति ऐसे समय में हुई है जब वॉशिंगटन में माहौल कुछ तनावपूर्ण दिखाई दे रहा था.
शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया को बताया था कि प्रशासन ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहा है. हालांकि अभी अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ था.
शुक्रवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ पर लिखा था कि वह इस "अहम समय" में वॉशिंगटन में ही रहेंगे और अपने बेटे डोनाल्ड जूनियर की शादी में शामिल नहीं होंगे.
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पिछले हफ़्ते ट्रंप ने कहा था कि युद्धविराम "बहुत कमजोर स्थिति" में है, क्योंकि उन्होंने ईरान की मांगों को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताते हुए ख़ारिज कर दिया था.
13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है.
शनिवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाके़बंदी शुरू होने के बाद से उसने 100 जहाज़ों का रास्ता बदला, चार जहाज़ों को निष्क्रिय किया और मानवीय सहायता के काम में लगे 26 वाले जहाज़ों को गुजरने की अनुमति दी.
सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि उनकी कार्रवाई "बहुत प्रभावी" रही है और इससे ईरानी बंदरगाहों के अंदर-बाहर लगभग पूरा व्यापार रुक गया है. इससे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा है.
इस बीच, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट के आस-पास के इलाके पर सैन्य नियंत्रण स्थापित कर लिया है.
ईरान का कहना है कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाज़ों को "पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी" से अनुमति लेनी होगी.
अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगी देशों ने ईरान के इस दावे को कई बार खारिज किया है.
अमेरिका ने जहाज़ों से कहा है कि वे ईरान के इन नियमों का पालन न करें.
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