जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों है? खरगे के इन आंकड़ों ने छेड़ी बहस – Hindustan Hindi News

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले के मुकाबले कम हैं, तो फिर देश में पेट्रोल और डीजल इतने महंगे क्यों बिक रहे हैं। खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके अलावा देश में महंगाई, उपभोक्ता खर्च और आर्थिक विकास को लेकर लगातार बहस चल रही है।

खरगे ने अपने पोस्ट में 26 मई 2014 और मौजूदा समय की तुलना करते हुए आंकड़े साझा किए। उनके मुताबिक जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब भारतीय बास्केट का कच्चा तेल करीब 108 डॉलर प्रति बैरल था और डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 58.59 पर था। उस समय पेट्रोल करीब 71 रुपये और डीजल लगभग 57 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से नीचे होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये के पार पहुंच चुकी हैं।

यही मुद्दा अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ आर्थिक चर्चा का भी केंद्र बन गया है। बिजनेस एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल गाड़ी चलाने तक सीमित मामला नहीं होता है, बल्कि इसका असर पूरे इकोनॉमी सिस्टम पर पड़ता है। जब ईंधन महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है। ट्रकों का किराया बढ़ता है, माल ढुलाई महंगी होती है और इसका सीधा असर खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दवाइयों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर दिखाई देता है, यानी ईंधन की महंगाई आम आदमी की जेब पर कई स्तरों पर असर डालती है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स से बड़ी कमाई की है। एक्साइज ड्यूटी और वैट सरकारों की आमदनी का बड़ा स्रोत बन चुके हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को पूरी राहत नहीं मिल पाती। हालांकि, सरकार का तर्क यह रहा है कि टैक्स से मिलने वाला पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं में लगाया जाता है।

लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को सीधे आम आदमी की आर्थिक परेशानियों से जोड़ रहा है। खरगे ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर हर सेक्टर पर पड़ता है और इससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है। उनका सवाल है कि अगर कच्चा तेल सस्ता हुआ है, तो फिर जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही।

खरगे मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं, उन्होंने एक और ट्वीट में पोस्ट कर लिखा कि ‘मैंने कल ही कहा था कि ये मोदी जी की रणनीति है। ये एक तरह से स्लो पॉइज़निंग है, जो गरीबों को तबाह कर रही है। मोदी सरकार हर दिन थोड़ी-थोड़ी कीमतें बढ़ा रही है। अगर हफ्तेभर में कीमतें 10-12 रुपये तक बढ़ जाती हैं, तो इसका मतलब यह है कि मोदी जी इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देना चाहते और वे देश को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं।’

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और नीचे आती हैं, तो सरकार पर टैक्स घटाने और उपभोक्ताओं को राहत देने का दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि ईंधन की कीमतें केवल राजनीति नहीं, बल्कि देश की ग्रोथ, महंगाई और लोगों की खरीद क्षमता से भी सीधे जुड़ी हुई हैं।

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।
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