'न जवाब, न जिम्मेदारी, न शर्म…' दागी COEMPT को CBSE का ठेका क्यों द‍िया? राहुल गांधी ने सरकार से पूछा – AajTak

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नीट (NEET-UG) पेपर लीक महा-घोटाले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नतीजों और डिजिटल मूल्यांकन को लेकर देश में एक और बहुत बड़ा सियासी भूचाल आ गया है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुए कथित ‘भयंकर हेर-फेर’ को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद कड़ा और हमलावर पोस्ट लिखकर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं और साफ कहा है कि यह कोई प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि देश के लाखों बच्चों के भविष्य के साथ किया गया एक ‘सोचा-समझा षड़यंत्र’ है.
‘नाम बदला, पर नीयत वही…’ कंपनी के काले इतिहास का पर्दाफाश
राहुल गांधी ने सीबीएसई का डिजिटल मूल्यांकन (OSM) करने वाली बाहरी आईटी एजेंसी ‘COEMPT’ के इतिहास को खंगालते हुए एक बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी ‘COEMPT’ को भारत सरकार ने सीबीएसई के लाखों मेधावी बच्चों का भविष्य सौंप दिया, वह कोई नई कंपनी नहीं है. यह वही बदनाम कंपनी है जो पहले ‘Globarena’ के नाम से साल 2019 में तेलंगाना बोर्ड परीक्षा के दौरान ऐसा ही भयंकर कारनामा कर चुकी है, जहां नतीजों में भारी गड़बड़ी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हुआ था.
सरकार और बोर्ड की चयन प्रणाली पर चोट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, ‘नाम बदला – पर नीयत वही, फितरत वही. इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया. ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा.’
राहुल गांधी ने सरकार से पूछे ये 4 तीखे सवाल:
सीबीएसई की पूरी गोपनीयता और टेंडर प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाते हुए कांग्रेस नेता ने सीधे सरकार के सामने चार बड़े सवाल दाग दिए हैं:
‘COEMPT’ कंपनी को आखिर सीबीएसई का इतना बड़ा और संवेदनशील ठेका क्यों और किसके इशारे या कहने पर दिया गया?
इस दागी कंपनी को ठेका देने के लिए कौन-कौन से नियम, कानून और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया को पूरी तरह से दरकिनार किया गया?
जो ‘COEMPT’ कंपनी पहले ‘Globarena’ के नाम से इतने बड़े विवादों में घिर चुकी थी, उसके बारे में सीबीएसई को क्यों नहीं पता चला? बोर्ड द्वारा कंपनी का बुनियादी ‘बैकग्राउंड चेक’ (Background checks) क्यों नहीं किया गया?
इस विवादित ‘COEMPT’ प्रबंधन और मोदी सरकार के ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों के बीच आखिर क्या सांठगांठ और संबंध हैं?
तत्काल SIT गठन और न्यायिक जांच की मांग
देश के लाखों पीड़ित छात्रों और उनके परेशान माता-पिता के सदमे का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में बिना किसी देरी के एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) के तत्काल गठन की मांग की है. उन्होंने देश के युवाओं और ‘Gen Z’ छात्रों को भरोसा दिलाते हुए अंत में लिखा कि आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा. हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे.
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