कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से चल रही कलह अब खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ मीटिंग में कहा कि राहुल गांधी जो कहेंगे, मैं वही करूंगा. उन्होंने अपनी कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार जताया. एबीपी न्यूज को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि प्रियंका गांधी पार्टी नेतृत्व से कहती आ रही थीं कि पार्टी को उन लोगों का साथ देना चाहिए जो सबसे कठिन समय में भी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या कहा
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी नेतृत्व से साफतौर पर कहा था कि जो नेता एजेंसियों के दबाव में आकर भी पार्टी नहीं छोड़ते. पार्टी को भी उनके मुश्किल समय में उनके साथ होना चाहिए. उन्होंने सलाह दी थी कि ऐसे समर्पित नेताओं का समर्थन करना चाहिए. प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में थे. राहुल गांधी ने दोनों नेताओं (सिद्धरामैया और डीके शिवकुमार) से संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कर पार्टी एकता बनाए रखने की अपील की थी.
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ
मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने गुरुवार (28 मई) को मंत्रियों संग बैठक में कहा कि वो पद छोड़ देंगे. उन्होंने बताया कि मुझसे कहा गया है कि मैं किसी नए चेहरे के लिए जगह बनाऊं. मैं पार्टी हाईकमान की बात को मान रहा हूं और इस्तीफा दे रहा हूं. इसके बाद अब डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है.
बता दें कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसले पर मंथन के दौरान जब यह तय होना था कि रोटेशन समझौते का पालन करते हुए डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए या किसी और पर भी विचार किया जाए, तब प्रियंका गांधी वाड्रा ने ही अपना रुख स्पष्ट किया और नेतृत्व को सलाह दी कि केवल डीके शिवकुमार को ही चुना जाए, किसी और को नहीं.
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Source: IOCL
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