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चीन की एक महिला की डबल आईलिड सर्जरी में हुई गंभीर गलती ने उसकी जिंदगी बदल दी. 2020 में कराई गई कॉस्मेटिक सर्जरी के बाद उसकी टियर ग्लैंड में दिक्कत हो गई और पलकें सही तरीके से बंद होना बंद हो गईं. वह पिछले छह साल से आंखें पूरी तरह बंद करके नहीं सो पा रही है और लगातार आंसू बहने की समस्या से जूझ रही है. जांच में पता चला कि सर्जरी करने वाली महिला के पास डॉक्टर का लाइसेंस नहीं था और क्लिनिक भी नियमों के अनुसार संचालित नहीं हो रहा था. मामला अदालत तक पहुंचा और मुआवजे को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई चली. यह घटना कॉस्मेटिक सर्जरी कराने से पहले डॉक्टर और क्लिनिक की पूरी जांच करने की अहम चेतावनी देती है.
सुंदर दिखने की चाहत बनी बड़ी परेशानी
दरअसल, चीन की एक महिला के लिए सुंदर दिखने की चाहत जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी बन गई. पूर्वी चीन की रहने वाली वांग नाम की महिला ने साल 2020 में डबल आईलिड सर्जरी करवाई थी, लेकिन यह सर्जरी इतनी गलत हो गई कि आज भी वह अपनी आंखें पूरी तरह बंद नहीं कर पाती हैं. इतना ही नहीं, उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहते हैं और उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, वांग ने जियांग्सू प्रांत के सूझोउ शहर में स्थित एक कॉस्मेटिक क्लिनिक में करीब 12,000 युआन (लगभग 1.4 लाख रुपये) खर्च करके यह सर्जरी करवाई थी. सर्जरी करने वाली महिला ने खुद को क्लिनिक की मार्केटिंग डायरेक्टर बताया था. हालांकि बाद में पता चला कि उसके पास डॉक्टर के तौर पर काम करने का कोई वैलिड लाइसेंस नहीं था.
सर्जरी के कुछ घंटों बाद बिगड़ गई हालत
ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद वांग की हालत बिगड़ने लगी. उनकी आंखों में तेज दर्द होने लगा, पलकों का आकार बिगड़ गया और आंखों के अंदर काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा हो गया. हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया. वांग ने बताया कि जब उन्होंने सर्जरी करने वाली महिला से संपर्क किया तो उसे भरोसा दिलाया गया कि कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा. लेकिन बाद में वह महिला उनके फोन तक नहीं उठाने लगी. अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच में पाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी टियर ग्लैंड को नुकसान पहुंचा था और पलकों पर भी गलत तरीके से सर्जरी की गई थी.
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
समस्या को ठीक करने के लिए वांग को दोबारा सर्जरी करानी पड़ी, लेकिन इसके बाद भी उनकी आंखें पूरी तरह बंद नहीं हो सकीं. आज स्थिति यह है कि उन्हें सोते समय भी आंखें आधी खुली रखनी पड़ती हैं. लगातार आंसू आने की वजह से उनका सामान्य जीवन भी प्रभावित हो गया है. साल 2022 में मेडिकल जांच के बाद उनकी स्थिति को विकलांगता की नौवीं श्रेणी में रखा गया. जांच में यह भी सामने आया कि जिस क्लिनिक में सर्जरी हुई थी, उसके पास जरूरी व्यावसायिक लाइसेंस तक नहीं था. कुछ महीनों बाद वह क्लिनिक बंद हो गया.
कोर्ट तक पहुंचा मामला
वांग का कहना है कि इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. उन्हें लोगों से मिलने में शर्म महसूस होने लगी, जिसकी वजह से वे अवसाद (डिप्रेशन) और अनिद्रा जैसी समस्याओं का शिकार हो गईं. इसके बाद उन्होंने सर्जरी करने वाली महिला के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया. दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत वांग को 8.5 लाख युआन (करीब 1 करोड़ रुपये) का मुआवजा दिया गया.
बदले में उन्हें इस मामले से जुड़ी सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और भविष्य में इस विषय पर सार्वजनिक रूप से बात न करने की शर्त माननी पड़ी. हालांकि बाद में विवाद फिर बढ़ गया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और मामला दोबारा अदालत पहुंच गया. अंत में अदालत ने वांग को समझौते की शर्तों के अनुसार 4 लाख युआन वापस करने का आदेश दिया. अब वांग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को चेतावनी दे रही हैं कि किसी भी कॉस्मेटिक सर्जरी से पहले डॉक्टर और क्लिनिक की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें. उनका कहना है कि एक गलत फैसला जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है.
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