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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एहतियाती सलाह जारी की है। …और पढ़ें
इबोला प्रभावित देशों से आने वालों को सलाह
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एहतियाती सलाह जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में अब तक इबोला का कोई भी एक्टिव मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बीमारी के लगातार फैलने के मद्देनजर निगरानी और तैयारियां मजबूत कर दी गई हैं।
मंत्रालय ने उन सभी लोगों से अपील की है जिन्होंने पिछले 21 दिनों के भीतर किसी इबोला प्रभावित देश की यात्रा की है या वहां से गुजरे हैं।
यदि बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त या बिना किसी वजह से खून बहने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत खुद को आइसोलेट कर लें और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘जल्द रिपोर्ट करने से जान बचाई जा सकती हैं और बीमारी के फैलने को रोका जा सकता है।’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इबोला के लक्षण अचानक शुरू हो सकते हैं। इनमें बुखार, थकान, बेचैनी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश प्रमुख हैं।
बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते और लीवर-किडनी संबंधी परेशानी हो सकती हैं। खून बहना आम लक्षण नहीं है और यह बीमारी के अंतिम चरण में दिख सकता है।
मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि इबोला से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए 24×7 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करें।
मंत्रालय ने बताया कि देश में अभी तक इबोला के एक भी केस नहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों को लक्षणों पर विशेष नजर रखने और तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सतर्कता और आइसोलेशन से संक्रमण को रोका जा सकता है।
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