पृथ्वी पर डायनासोरों का अंत कैसे हुआ? वैज्ञानिकों ने सुलझाया सालों पुराना रहस्य – India.Com

Published By: Rishabh Kumar | Updated: Jun 3, 2026, 10:15 PM
डायनासोरों को खत्म करने वाले एस्टेरॉयड का रहस्य वैज्ञानिकों ने आखिरकार सुलझा लिया है. नई रिसर्च में पता चला है कि करोड़ों साल पहले पृथ्वी से डायनासोरों के गायब होने की सबसे बड़ी वजह क्या थी और किन जीवों ने उस मुश्किल दौर में खुद को बचा लिया. (Image: AI)
करीब 6.6 करोड़ साल पहले चिक्सुलुब नाम का एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराया था. इसके बाद आसमान धूल और धुएं से भर गया, सूरज की रोशनी कम हो गई और समुद्र ठंडे हो गए. नेचर पत्रिका में छपी एक नई रिसर्च में रहस्य से शोधकर्ता ने पर्दा उठाया है. इस ये रिसर्च को ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में किया गया जिसको डॉ. रुई यिंग ने लीड किया.
जीवाश्मों के रिकॉर्ड बताते हैं कि ठंडे और अंधेरे समुद्री इलाकों में जीवन बेहतर बचा रहा. वहीं गर्म और ज्यादा रोशनी वाले इलाकों में कई प्रजातियां खत्म हो गईं.
वैज्ञानिकों ने प्राचीन समुद्रों का कंप्यूटर मॉडल तैयार किया. इसमें अलग-अलग तरह के प्लैंकटन को शामिल किया गया और देखा गया कि एस्टेरॉयड टक्कर के बाद कौन से जीव बचे.
रिसर्च में पता चला कि ठंड से ज्यादा नुकसान अंधेरे ने पहुंचाया. धूल और धुएं ने सूरज की रोशनी रोक दी, जिससे समुद्री खाद्य श्रृंखला कमजोर पड़ गई.
जिन जीवों का आकार छोटा था, उन्हें कम ऊर्जा की जरूरत थी. भोजन की कमी के दौरान ऐसे जीव किसी तरह जिंदा रहे, जबकि बड़े जीव तेजी से खत्म होते गए.
समुद्र में रहने वाले कई सूक्ष्म जीव अपने ऊपर खोल बनाते थे. भोजन की कमी और कठिन हालात के कारण ये जीव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए और कई प्रजातियां खत्म हो गईं.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रिसर्च भविष्य में जलवायु परिवर्तन के असर को समझने में मदद करेगी. इससे पता लगाया जा सकेगा कि बदलते पर्यावरण में कौन से समुद्री जीव ज्यादा खतरे में हैं. (All Image: Canva)
Subscribe to Our Newsletter Today!
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
© 1998-2026 INDIADOTCOM DIGITAL PRIVATE LIMITED, ALL RIGHTS RESERVED

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News