यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। ओपी राजभर ने कहा कि प्रधान जी ही, प्रधान (प्रशासक) रहेंगे। दरअसल, उनका इशारा इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के खिलाफ दाखिल याचिका को लेकर था। उन्होंने विधानसभा और यूपी पंचायत चुनाव में जीत का दावा किया।
ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कितना भी तीन-तिकड़म लगा लीजिए… प्रधान जी ही, प्रधान (प्रशासक) रहेंगे। और अपने सपाई लोडरों को समझा दीजिए कि विधानसभा तो क्या अब तो आप लोग पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएंगे। ओ सपाई लोडरों… तुम्हारे भइया जी तो लंदन जाने वाले हैं। तुम लोग उनका सूटकेस, बैग और हैंडबैग एयरपोर्ट तक ढोओ। नंबर वहीं बढ़ेगा। उसके बाद सोशल मीडिया पर लिखो आज मुझे अखिलेश यादव भइया जी का झोला उठाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। और हां… अभी कुछ दिन तुम लोगों के भइया जी एसी में बैठकर पीसी करने लायक भी नहीं हैं। क्योंकि उनके ‘प्रियजन’ लोग कांड करके पकड़ाए हैं और योगी जी की पुलिस उनकी खातिरदारी प्रेम पूर्वक कर रही है।
वैसे भी उनको पता है कि एसी में बैठकर पीसी करेंगे तो मीडिया सूर्या या संदीप का सवाल करेगी। लेकिन सपाई इतने घाघ हैं कि तुरंत असद, दिनेश यादव और मुबीन के लिए विक्टिम कार्ड खेलने लगेंगे। यूपी के गैर-यादव पिछड़े और दलितों ने ठान लिया है कि इस बार पंचायत से लेकर विधानसभा तक न तो “पीट देगा अहीर” चलेगा, ना ही “पीट देगा अल्पसंख्यक (सपाई)” चलेगा।
आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले में याचिका डाली गई है। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पंचायत चुनावों के संबंध में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पेश करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी संभावित चुनाव कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर पारित किया है। याचिका में ग्राम प्रधानों केा प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने के पश्चात से सिर्फ पांच वर्ष का ही हो सकता है। सरकार ने समय पर पंचायत चुनाव न करा के मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया।
दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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