मुजफ्फरपुर प्रसाद अस्पताल अग्निकांड: डिस्चार्ज में देरी पर परिजनों का हंगामा, स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल – bihar hindi news prasad hospital discharge delay fire incident muzaffarpur – Jagran

Prasad Hospital Protest: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में अग्निकांड के बाद मरीजों के परिजन डिस्चार्ज और जरूरी दस्तावेज न मिलने से नाराज होकर हंगामा कर …और पढ़ें
प्रसाद अस्पताल के बंद गेट के बाहर जमा स्वजन। फोटो: जागरण 
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Hospital Fire: प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वहां भर्ती मरीजों और उनके स्वजनों के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कई मरीज अब दूसरे अस्पतालों में इलाज कराना चाहते हैं, लेकिन डिस्चार्ज प्रक्रिया में देरी और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर शुक्रवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया।
अस्पताल के मुख्य गेट पर मरीजों के स्वजनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द डिस्चार्ज की मांग की।
चकमुरमुर निवासी मोहम्मद जावेद ने बताया कि उनके स्वजन सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। अग्निकांड के बाद परिवार उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करना चाहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह से प्रयास करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन डिस्चार्ज से संबंधित फाइल उपलब्ध नहीं करा रहा है। जावेद का कहना है कि घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं और कई चिकित्सक तथा पैरामेडिकल कर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं।
कांटी निवासी सुजय कुमार ने भी अस्पताल प्रशासन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके मरीज का इलाज प्रसाद अस्पताल में चल रहा था, लेकिन अग्निकांड के बाद परिवार ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन से सहयोग नहीं मिलने के कारण मरीजों और उनके स्वजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल अस्पताल परिसर में केवल भर्ती मरीजों, उनके स्वजनों और प्रशासनिक अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रसाद अस्पताल से अन्य निजी अस्पतालों में भेजे गए मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने चार सदस्यीय चिकित्सकीय टीम का गठन किया है।
यह टीम गोबरसही स्थित आशा अस्पताल और जूरन छपरा स्थित अशोका अस्पताल में भर्ती मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
जांच दल में डॉ. विभाष कुमार, डॉ. अजीत कुमार और डॉ. प्रभात कुमार को शामिल किया गया है। टीम मरीजों की वर्तमान स्थिति का आकलन कर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी।
दूसरी ओर प्रसाद अस्पताल अग्निकांड की जांच भी लगातार जारी है। अग्निशमन विभाग और पुलिस प्रशासन घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच में जुटे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अस्पताल की आईसीयू में लगी आग में छह मरीजों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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