केंद्र सरकार पहली जुलाई से लागू होने वाली जीराम-जी योजना के लिए ब्लाक स्तर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर रही है। …और पढ़ें
पहली जुलाई से लागू होगी विकसित भारत जीराम-जी योजना
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पहली जुलाई से पूरे देश में पुरानी मनरेगा व्यवस्था की जगह विकसित भारत जीराम-जी योजना लागू होने जा रही है। ऐसे समय में केंद्र सरकार गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं की डिलीवरी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ब्लाक स्तर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी पहल की है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा देशभर के ब्लाक विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं पंचायत समिति सचिवों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में दो हजार से अधिक बीडीओ को प्रशिक्षित किया जाएगा।
साथ ही स्थायी वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी अधिकारी के नई तैनाती संभालते ही उसे आवश्यक प्रशिक्षण मिल सके।यह पहल ऐसे समय हो रही है जब जीराम-जी योजना का पहली बड़ी परीक्षा इसी मानसून के दौरान होना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण, जल संरक्षण और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ब्लाक प्रशासन पर ही रहती है।
ऐसे में केंद्र की चिंता केवल योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने वाली प्रशासनिक मशीनरी पर्याप्त रूप से सक्षम हो।
ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल इस प्रशिक्षण को गांवों तक योजनाओं को प्रभावी तरीके से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि विभिन्न राज्यों के अधिकारियों को एक साथ प्रशिक्षण देने से उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों और सफल माडलों से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रशासनिक क्षमता और क्रियान्वयन की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), हैदराबाद ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के सहयोग से प्रशिक्षण माड्यूल तैयार किया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्राम पंचायत विकास योजना और अब जीराम-जी जैसी योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन ब्लाक स्तर पर ही होता है।
योजनाओं की गति, गुणवत्ता और पारदर्शिता बीडीओ की कार्यकुशलता, निगरानी क्षमता और समन्वय पर निर्भर करती है। यही कारण है कि ब्लॉक प्रशासन को ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों को ग्राम पंचायत और ब्लाक विकास योजनाओं के समन्वय, जीआईएस आधारित निगरानी, ग्राम सभा संचालन, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिणाम आधारित परियोजना प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम को अगले चरण में अधिक व्यावहारिक बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर मास्टर रिसोर्स पूल विकसित किया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आवास योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा। ऐसे में जीराम-जी के साथ शुरू हो रहा यह प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण अभियान ग्रामीण शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण संस्थागत सुधार के रूप में देखा जा रहा है।