सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में ग्लोबल उथल-पुथल देखने को मिल रही है. इस बीच चीन गोल्ड को लेकर अलग ही खेल (China Gold Game) खेलता नजर आ रहा है. ड्रैगन लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहा है और मई महीने में भी उसने कीमती पीली धातु की बड़ी मात्रा में खरीदारी की है. ये लगातार 19वां महीना है, जब चाइनीज सेंट्रल बैंक ने सोना खरीदा है.
चीन के पास अब इतना Gold रिजर्व
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने अपनी गोल्ड खरीद का सिलसिला जारी रखा हुआ है. मई महीने में चीन के सेंट्रल बैंक (People’s Bank Of China) ने अपने रिजर्व में 3,20,000 ट्रॉय औंस सोना जोड़ा. रविवार को जारी केंद्रीय बैंक के आंकड़ों को देखें, तो मई महीने चीन के आधिकारिक गोल्ड रिजर्व में इतना इजाफा हुआ है और इसके बाद चीन का कुल गोल्ड रिजर्व बढ़कर अब 74.96 मिलियन औंस हो गया, जबकि इससे पिछले अप्रैल महीने में यह आंकड़ा 74.64 मिलियन औंस था.
मूल्य के हिसाब से देखें, तो पिछले महीने के अंत तक चीन के स्वर्ण भंडार का मूल्य 340.75 अरब डॉलर था. मार्केट एनालिस्ट की मानें, तो बीते महीने की खरीब चानी द्वारा दिसंबर 2024 के बाद की गई अब तक की सबसे बड़ी मासिक खरीदारी है, जब चीन ने एक महीने में 3,30,000 औंस सोने की खरीदारी की थी.
2015 के बाद सबसे लंबी खरीदारी
चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के मई में खरीदारी के साथ ही गोल्ड खरीदाने का सिलसिला लगातार 19वें महीने में प्रवेश कर गया. रिपोर्ट्स की मानें, तो चीन की ओर से सोने की खरीद लगातार 19 महीनों से जारी है. डेढ़ साल से अधिक समय से हर महीने लगातार सोना खरीदना चीन की आरक्षित संपत्तियों को मजबूत करने पर उसके फोकस को दर्शाता है.
यही नहीं यह 2015 के बाद से चीन की गोल्ड खरीदारी का सबसे लंबी सिलसिला भी है. बता दें कि यह खरीद ऐसे समय में की गई है, जबकि अंतरराष्ट्री कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
दबाव में सोने की कीमतें
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के फेल होने के कारण मई में हाजिर सोने की कीमतों में लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज की गई. तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का जोखिम बढ़ोया और ब्याज दरों के लंबे समय तक हाई पर बने रहने की आशंका को बरकरार रखा है और इसके चलते अमेरिकी डॉलर में मजबूती बनी हुई है. जून में सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही और हाल ही में इसका भाव लगभग 4,330 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया.
चीन का क्या है ‘Gold Game’?
यहां ये समझ लेना जरूरी है कि आखिर सोने को लेकर चीन की स्ट्रेटजी क्या है और गोल्ड गेम क्यों खेल रहा है? तो बता दें कि चीन अपनी इकोनॉमी को मजबूत करने और ग्लोबल अर्थव्यवस्था में अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए लगातार सोने पर फोकस कर रहा है. चीन का लगातार सोना खरीदना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि यह ड्रैगन की लॉन्गटर्म आर्थिक रणनीति का हिस्सा है. वह अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करते हुए अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने जैसे अन्य सुरक्षित संपत्तियों को जोड़ता जा रहा है.
China के लिए यहां भी गुड न्यूज
न सिर्फ चीन का गोल्ड रिजर्व लगातार बढ़ रहा है, बल्कि इस बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी जोरदार उछाल आया है और ये साल 2015 के बाद अपने सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है.
रविवार को जारी आंकड़े देखें, तो मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती वैश्विक परिसंपत्ति कीमतों के बीच, चीन का विदेशी मुद्रा भंडार मई के अंत तक 31.7 अरब डॉलर या 0.93% के इजाफे के साथ बढ़कर 3.4422 ट्रिलियन डॉलर हो गया.
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