ममता बनर्जी और उनके भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी को सोमवार को बड़ा झटका लगने के आसार हैं। खबर है कि राजधानी दिल्ली से तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद गायब हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है। ऐसे में अटकलें तेज हो गईं हैं कि टीएमसी के संसदीय दल में बड़ी टूट हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि सभी सांसद इस्तीफे देने वाले सुखेंदु शेखर रे का साथ गुप्त स्थान पर बैठक कर रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों को दिल्ली में ही किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इसपर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। खास बात है कि ताजा घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब ममता और अभिषेक दोनों ही दिल्ली में हैं और विपक्षी गठबंधन INDIA की मीटिंग में शामिल हो रहे हैं।
अब तक साफ नहीं हो सका है कि इन 20 सांसदों में किसका नाम है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये सांसद दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर अलग गुट के रूप में मान्यता के लिए अनुरोध करना या इस्तीफा देना शामिल है। कहा यह भी जा रहा है कि अगर अलग गुट की मांग की जाती है तो संसद में नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोमवार को ही राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने टीएमसी और सदन दोनों से ही इस्तीफा दे दिया है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की जमकर तारीफ की। साथ ही टीएमसी के 15 साल के शासन पर भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, कानून और व्यवस्था, कमजोर स्वास्थ्य और शिक्षा समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
संसद में पार्टी की सबसे मुखर आवाजों में से एक रहे रे ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपा और साथ ही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। अपने इस्तीफे में रे ने कहा कि वे अपनी संसद सदस्यता छोड़ रहे हैं और तृणमूल से अपना नाता तोड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव के बाद टीएमसी में असंतोष नेताओं के खुलकर बयान देने का दौर शुरू हो गया था। कुछ समय बाद ही दल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते दो विधायकों रिताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया था। बाद में इन दोनों नेताओं की ही अगुवाई में 58 और विधायकों ने TMC के खिलाफ रुख अपनाया और अलग गुट बना लिया।
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